छोटी बहन निशा की सील तोड़ी chhoti bahan nisha ki seal todi

छोटी बहन निशा की सील तोड़ी chhoti bahan nisha ki seal todi, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
मेरा नाम आयुष है.. मैं इंदौर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 22 वर्ष है, मेरे परिवार में मेरे अलावा एक बड़ा भाई.. माँ-पापा और एक छोटी बहन है।
मेरी बहन का नाम निशा है.. उसकी उम्र 19 साल है। उसका फिगर मस्त था शायद 34-30-34 का रहा होगा। वो कॉलेज जाती थी।
मेरे मन में उसके लिए कभी ऐसा कुछ नहीं आया था।
बात उन दिनों की है.. जब वह 12वीं में थी। बड़े भाई की शादी हो गई थी.. वो अब हम लोगों के साथ नहीं रहते थे।
हम इतने बड़े हो जाने के बाद भी साथ में मस्ती किया करते थे, हमारा एक ही रूम था.. जिसमें दो बेड लगे थे।
एक बार हम मस्ती कर रहे थे कि गलती से मेरा हाथ उसके ‘दूध कलशों’ पर छू गया, वो कसमसा गई और भाग गई।
मुझे हाथों पर बहुत मुलायम सा अहसास हुआ, उसके बाद मैंने उसके बोबों को नग्न देखने का इरादा बना लिया।
मैं मौका ढूंढने लगा कि कब मैं निशा के बोबों को देखूँ।
अब जब भी हम मस्ती करते.. मैं जानबूझ कर उसके मम्मों को छू देता।
एक दिन मैंने हिम्मत करके उससे पूछा- तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?
उसने ‘न’ में जवाब दिया।
मैंने पूछा- क्यों नहीं है?
तो निशा ने जवाब दिया- भैया, मुझे ये सब बातें पसंद नहीं हैं।
वह उधर से चली गई।
अब मुझे रात में नींद नहीं आती.. मैं अपनी बहन को सोच कर मुठ्ठ मारने लगा।
एक दिन की बात है.. जब मैं रात में पानी पीने के लिए उठा.. तो मैंने देखा कि निशा की टी-शर्ट ऊपर को हो गई थी और उसका पूरा पेट दिखाई दे रहा था।
मेरा लंड खड़ा हो गया.. मैं हिम्मत करके उसके पास बैठा और उसके कमर को छुआ.. वो हिल गई.. पर वो उठी नहीं।
मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मों पर रखा और धीरे से सहलाने लगा। मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैंने फिर अपना हाथ उसके टी-शर्ट के अन्दर डाला.. वो रात में ब्रा नहीं पहनती थी। मेरा हाथ ने जैसे ही उसके मम्मों को छुआ.. मेरे शरीर में मानो करंट दौड़ गया। मेरा मन नहीं हुआ.. पर मैंने उसके मम्मों को जोर से दबा दिया।
वो उठ कर बैठ गई.. मेरी फट गई.. कि अब तो गया।
वो उठी और चिल्लाने लगी- भैया, यह आप क्या कर रहे हैं.. कोई अपनी बहन के साथ ऐसा करता है क्या?
मैंने बोला- देख निशा.. बस मैं तो पानी पीने के लिए उठा था.. पर तेरा पेट देख कर मेरा मन नहीं माना।
निशा ने जवाब दिया- पर भैया.. मैं आपकी सगी बहन हूँ.. आप मेरे साथ ऐसा करने की सोच भी कैसे सकते हैं।
मैंने पटाने की कोशिश करते हुए उससे बोला- देख निशा.. इस उम्र में ये सब करने का सबका मन करता है.. तेरा नहीं करता क्या?
निशा पलट कर बोली- मन करे तो क्या तुम अपनी बहन के साथ ऐसा करोगे?
मैंने उसे समझाया- निशा प्लीज़ समझ न.. मेरी भावनाएं.. तेरा मन नहीं करता क्या?
निशा- नहीं करता.. आप जाओ यहाँ से..
मैं उसके पास गया और उसके होंठों पर हाथ फिराते हुए बोला- बस निशा.. एक बार साथ दे.. देख तुझे भी मज़ा आएगा।
निशा- नहीं भैया.. आप जाओ मुझे नहीं करना.. ये सब..
पर मैंने कुछ नहीं सुना और उसे बिस्तर पर धकेल कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे किस करने लगा। उसने अपने आपको छुड़ाने की पूरी कोशिश की। इससे पहले कि वो अपने आपको मुझसे छुड़ा पाती.. मैं उसके लोअर में हाथ डाल कर उसकी कुंवारी चूत को दबाने लगा। वो गरम हो गई और मेरा साथ देने लगी।
मैंने अपना एक हाथ उसके मम्मों पर रखा और मसलने लगा। निशा की सिसकारियाँ निकलने लगीं- आह भाई.. मत करो ऐसा.. ये ठीक नहीं.. आह्ह..
मैंने उसकी टी-शर्ट को उतार दिया और मुझे उनके दीदार हुए.. जिनके लिए मैं मरा जा रहा था। क्या बताऊँ दोस्तो.. क्या मस्त उठे हुए मम्मे थे..
मैं तो देखते ही टूट पड़ा.. उसके मम्मों को चूसते हुए मैंने अपने एक हाथ से उसकी चूत को सहलाना जारी रखा।
अब उसे अहसास होने लगा कि कुछ भी हो जाए.. आज वो पक्के में चुदने वाली है..
तो उसने भी मेरा साथ देने में अपनी भलाई समझी और मेरे खड़े 8 इंच लंड को अपने हाथों में पकड़ लिया।
मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा और मैंने अब उसके लोअर और पैन्टी को भी उतार दिया। हाय.. क्या मस्त नजारा था.. कुंवारी चूत.. और उसके ऊपर भूरी झांटों का जमावड़ा।
मैंने उसे कहा- निशा अपने भाई का लंड कैसा लगा?
उसने कहा- भाई.. आपका मस्त है।
यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !
मैं बोला- फिर निशा अपने भाई का मुँह में लोगी न?
उसने ‘हाँ’ में सर हिलाया। मैंने अपना लंड उसके मुँह में दे दिया और वो चूसने लगी।
जब उसने चूस कर मेरा पानी निकाल दिया.. तो मैंने उसकी कुंवारी चूत को चूसना शुरू किया.. वो सिसकारियाँ भरने लगी- अहह.. ऊईई.. उम्म..
कुछ देर में ही उसने पानी छोड़ दिया।
अब मैंने अपना लंड उसकी चूत में डालने के लिए तैयार किया.. तो निशा डरने लगी- भाई मत करो.. आगे कुछ हो जाएगा तो?
मैंने समझाया- बेबी ऐसा कुछ भी नहीं होगा.. बस थोड़ा सा दर्द होगा शुरू में.. फिर बहुत मज़ा आएगा।
निशा- नहीं भाई मत करो।
मैंने बोला- चल नहीं करता.. बस ऊपर से थोड़ा कर लेने दे.. अन्दर नहीं डालूँगा।
वो मान गई, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर फिराना शुरू किया.. थोड़ी देर में निशा ज्यादा गरम हो गई और बोली- भाई अब मत तड़पाओ.. अन्दर डाल ही दो..
मुझे इसी पल का इंतज़ार था.. मैंने अपना लंड उसकी चूत पर जमाया और एक जोरदार धक्का मार कर अपना आधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।
‘अहह.. ऊईई.. भाई.. निकालो इसे.. मुझे दर्द हो रहा है।’
मैंने उसे और मौका नहीं दिया और उसके होंठों पर अपने होंठ जमा दिए और अपना बचा आधा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। उसे बहुत दर्द हुआ.. पर मैंने उसे चिल्लाने का मौका नहीं दिया। जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ.. तो मैंने अपने लण्ड को हिला कर चोदने लगा। उसकी चूत से खून निकला.. पर मैंने उसे बताया नहीं.. वर्ना वो ज्यादा डर जाती।
अब उसे मज़ा आने लगा और वो मेरी संगत करने लगी। लगभग 15 मिनट बाद हम दोनों साथ में झड़ गए और मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही झड़ा दिया।
अब हम थक चुके थे। हम थोड़ी देर वैसे ही पड़े रहे..
उसके बाद वो उठी और उसने अपना खून देखा.. तो वो रोने लगी- देखो भाई तुमने क्या किया.. अब मैं क्या करूंगी.. मुझे दर्द होगा।
मैंने उसका डर दूर किया- नहीं छोटी.. कुछ नहीं होगा.. मैं तुझे गोली ला दूँगा.. फिर तुझे कुछ नहीं होगा.. दर्द भी नहीं होगा और बच्चा भी नहीं.. ओके?
उसने ‘हाँ’ में जवाब दिया। उसके बाद वो उठी और अपने आपको साफ किया और हम दोनों सो गए।
उसके बाद हम रोज़ चुदाई करने लगे और मज़े लेने लगे।
अब मेरी जॉब लग गई और मैं घर नहीं जा पाता.. पर जब भी मैं घर जाता हूँ.. तो अपनी छोटी बहन को मौका देख के मज़ा दे कर आता हूँ।

भाई बहन की सेक्स मस्ती bhai bahan ki sex masti

भाई बहन की सेक्स मस्ती bhai bahan ki sex masti, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
यह मेरी निजी दास्तान है, जो मैं आप लोगों के सामने रखने जा रही हूँ।
मेरा नाम रिया है। मेरे दो भाई हैं, एक मुझसे 3 साल बड़ा है। उसका नाम ऋषभ हैं, और एक मुझसे तीन साल छोटा है, उसका नाम रोहित है। मेरी माँ और पापा दोनों जॉब करते हैं। मेरे पापा बैंक में जॉब करते हैं और माँ स्कूल की टीचर हैं।
जब हम छोटे थे, तब हम तीनों भाई बहन एक साथ एक ही कमरे में सोते थे। मेरे घर में तीन कमरे हैं। एक में माँ-पापा और एक में हम तीनों भाई-बहन और एक रूम डाइनिंग रूम की तरह था। उसमें कोई सोता नहीं था, बस कभी कोई मेहमान आते तो उस कमरे में सोते थे।
मेरा बड़ा भाई ऋषभ दसवीं में था, मैं आठवीं में और मेरा छोटा भाई रोहित सातवीं में था।
हम तीनों भाई-बहन में बहुत प्यार था। हम आपस में गले लगते, खेलते और मस्ती में रहते।
अब मैं बड़ी हुई तो मेरे स्तन बड़े होने लगे थे, जो कि मेरे टॉप्स में और बड़े दिखते थे। जब हम गले लगते तो मेरे दुद्दू मेरे भाई की छाती में दबते थे।
मैंने माँ को बोला- मुझे एक अलग कमरा चाहिए।
तो फिर मेरे दोनों भाई एक कमरे में और मैं एक में जो तीसरा कमरा था, उसमें रहने लगी।
हम लोग मिडल क्लास फैमिली थे, पर हम लोग काफ़ी खुले थे। मुझे स्कर्ट के साथ टॉप पहनना बहुत अच्छा लगता था। मेरी स्कर्ट बहुत छोटी हुआ करती थी। जब मैं बैठती थी, तो मेरी पेंटी दिखती थी। पर इससे मेरे घर में कभी किसी को कोई परेशानी नहीं होती थी।
एक बार की बात है, उस दिन घर में कोई नहीं था। न माँ न पापा, और छोटा भाई दोस्तो के साथ खेल रहा था। घर में सिर्फ़ मैं और ऋषभ थे।
ऋषभ- रिया, मैं नहाने जा रहा हूँ।
रिया- ठीक है जा, मैं टीवी देख रही हूँ। तुम जल्दी नहाओ, फिर मुझे भी नहाना है।
ऋषभ- ठीक है।
थोड़ी देर बाद ऋषभ- रिया, सुन तो ज़रा।
रिया- हाँ, बोल क्या हुआ?
ऋषभ- थोड़ा मेरी पीठ में साबुन लगा दे, और रगड़ दे ना ! बहुत गंदी है।
रिया- अच्छा रुक, आती हूँ कपड़े उतार दूँ, नहीं तो गीले हो जाएँगे।
ऋषभ- ओके, जल्दी आ।
फिर मैंने अपने स्कर्ट-टॉप उतार दिए। मैं सिर्फ़ पेंटी और सिंगल स्ट्रिप वाली लड़कों जैसी बनियान पहने थी। उस वक्त मेरे दुद्दू काफ़ी बड़े दिख रहे थे। मेरा फिगर 34′-28′-34′ था। मैंने एक तौलिया कमर में लपेटा जो कि मेरे घुटने तक आता था, मैं गुसलखाने के अंदर गई, देखा ऋषभ जाँघिये में है और उसका लण्ड अभी सोया हुआ था। वो मुझे एक टक घूर के देखने लगा।
loading...
रिया- ऐसे क्या देख रहे हो कभी मुझे देखा नहीं है क्या?
ऋषभ- देखता तो रोज ही हूँ, पर आज तुम बहुत सेक्सी लग रही हो।
रिया- बस, अब इतनी तारीफ काफ़ी है। चल, जल्दी से पीठ मलवा ले और भाग यहाँ से, मुझे भी नहाना है।
मैं बहुत फेयर हूँ और मेरे चेहरा दीपिका पादुकोण से मिलता है। ऊपर से मैं इतने कम कपड़े पहने हुई थी। मेरा भाई क्या, कोई भी होता तो मेरा दीवाना हो जाता।
फिर मैं ऋषभ की पीठ में साबुन लगाने लगी और रगड़ कर साफ करने लगी। ऋषभ को शरारत सूझी, वो मुझ पर पानी फेंकने लगा। मैं पूरी भीग गई जिससे मेरी बनियान गीली हो गई और मेरे उरोज दिखने लगे। मेरे चुचूक भी कड़े हो गए।
मुझे उस पर बहुत गुस्सा आया, मैंने उससे गुस्से से देखा तो ऋषभ ने मुझसे सॉरी कहा।
तब मैं भी उसे देख कर मुस्कुराई और उसके ऊपर पानी डाल दिया। उसे तो जैसे ग्रीन सिग्नल मिल गया हो, उसने भी मेरे साथ वही किया और मुझ पर एक मग्गा पानी डाल दिया और हम दोनों में छीना झपटी होने लगी, जिससे मेरा तौलिया खुल गया और मैं गिरने लगी तो ऋषभ ने मुझे सम्भाला। मैं उसकी बाहों में थी, पूरा बदन भीगा हुआ था। फिर मैं संभल कर उसके बगल में खड़ी हुई।
रिया- हो गई तेरी मस्ती?
मेरी नज़र उसकी जाँघिया पर थी जिसमें उसका तन्नाया हुआ लण्ड खड़ा था।
ऋषभ- हाँ।
रिया- ठीक है, बाहर जाओ। अब मुझे भी नहाना है।
ऋषभ- ओके, मुझे कपड़े तो पहन लेने दे रिया, मैं तो तौलिया ही नहीं लाया हूँ।
रिया- ऐसे ही चेंज कर ले, मैं तेरी बहन ही तो हूँ, शरमा क्यों रहा है।
उसने मेरी ओर देखा और फिर उसने अपना जाँघिया नीचे कर दिया। अब वो पूरा नंगा था। उसका लण्ड खड़ा था और उसके झाँटों के बाल काले थे और घने थे।
रिया- तेरा तो बहुत बड़ा है, और तुम बाल को साफ क्यों नहीं करते? गंदगी रहेगी तो इन्फेक्शन हो जायगा।
ऋषभ- मैं अकेले साफ नहीं कर पाता हूँ।
रिया- अच्छा किसी सम्य मैं तेरे बाल साफ कर दूँगी।
ऋषभ- पर कब?
रिया- जब घर में कोई नहीं होगा।
ऋषभ- मैंने तो तुम्हें अपना सब कुछ दिखा दिया तुम नहीं दिखाओगी?
रिया- तुम अपने कपड़े पहन कर बाहर आओ। मैं दरवाजा खोल कर ही नहाऊँगी, तब तुम देख लेना।
वो अपने कपड़े पहन कर बाहर गया और मुझे देखने लगा। मैं उसके सामने बिल्कुल नँगी हो गई, वो मुझे घूरने लगा और बोला- रिया आज मैं पहली बार किसी लड़की को नँगी देख रहा हूँ। तुम बहुत खूबसूरत और सेक्सी हो।
तब मैंने कहा- जो देखना है, देख लिया न! अब तुम जाओ मुझे नहाने दो।
फिर वो चला गया और मैं नहाने लगी।
मैं इस बात को पक्के से समझ चुकी थी कि वो मेरा दीवाना हो गया है और मुझे अब चोदना भी चाहता होगा। पर मुझे उस पर भरोसा था कि वो कभी भी मेरी मर्ज़ी के बगैर मुझे नहीं चोदेगा।
मैं नहा कर बाहर आई और अपने कपड़े पहने। मेरा भाई भी बहुत अच्छा और हॉट दिखता था। बिल्कुल शाहिद कपूर की तरह।
ऋषभ मेरे पास आया और बोला- थैंक्स रिया !
मैंने कहा- थैंक्स किस बात के लिए?
बोला- आज जो तुमने मुझे दिखाया, और मेरी नहाने में हेल्प की, उसके लिए।
मैं बोली- अरे हम भाई-बहन हैं, मैं तेरी हेल्प नहीं करूँगी तो कौन करेगा? और सुन, तेरी इस हेल्प के चक्कर में मेरे कंधे में दर्द हो रहा है।
ऋषभ- कैसे? क्या हुआ?
रिया- तुमने मेरा तौलिया खींचा था न ! उसी समय छीना झपटी में, लगता है, मोच आ गई।
ऋषभ- चल मूव लगा देता हूँ, ठीक हो जाएगी। तुम अपना टॉप उतारो, मैं मूव लेकर आता हूँ।
मैंने अपना टॉप उतार दिया। मैं अब सिर्फ़ ब्रा और स्कर्ट में थी। मैं बेड पर लेट गई। ऋषभ आया और मेरे कन्धे पर मूव लगा कर मालिश करने लगा और मुझे आराम मिलने लगा।
मैं ऋषभ से बोली- तुम तो मालिश बहुत अच्छा करते हो।
ऋषभ ने कहा- पूरी बॉडी की मालिश कर दूँ क्या?
मैं उसकी नशीली आँखों में झाँक कर कुछ सोचने लगी, मैंने कहा- अभी रहने दे, रोहित आने वाला होगा।
मैंने टाल दिया।
धीरे-धीरे समय बीतता गया और हम भाई-बहन क्लोज़ होते गये। फिर एक दिन ऐसा हुआ कि माँ-पापा और छोटा भाई शादी में गए हुए थे। वो लोग दो दिन बाद लौटने वाले थे। घर में मैं और ऋषभ अकेले थे। हम रात में खाना खाने के बाद साथ में टीवी देखने लगे। फिर थोड़ी देर बाद मैं अपने कमरे में सोने चली गई। मुझे ऋषभ के बारे में सोच कर कुछ गुदगुदी सी होने लगी थी।
अगली सुबह मैं उठी और खाना बनाया, ऋषभ भी उठ गया था। फिर वो फ्रेश हो गया और उसे खाना दिया।
फिर दिन में टीवी देखते हुए मैं सोच रही थी कि कैसे अपने भाई को पटाऊँ?
मैंने आज एक मिनी स्कर्ट पहन ली और अपनी पेंटी नहीं पहनी और ऊपर एक चुस्त सा टॉप पहन लिया। जब दिन में हम टीवी देख रहे थे तो मुझे सीरियल देखना था और वो मूवी देख रहा था। सो हम दोनों में आपस में रिमोट को लेकर छीना-झपटी होने लगी और उससे जबरदस्ती करने लगी। इसी छीना झपटी में, दोनों एक दूसरे के शरीर के अँगों को भी मस्ती से छेड़ रहे थे।
मेरा भाई मेरे चूचे दबा रहा था और मैंने भी उसके लौड़े को एक बार अपने हाथ से पकड़ लिया था। उसके लौड़े के नीचे लटकने वाले उसके दो बँटे भी मैंने दबा दिए तो वो जोर से चीख पड़ा था और उसी हड़बड़ाहट में उसने चूची पकड़ कर जोर से मसक दी थी।
हम दोनों को ही मज़ा आ रहा था, हम दोनों एक दूसरे में मदहोश थे। आखिर मैं रिमोट लेने में कामयाब हो गई थी और मैं उससे अलग हो गई।
फिर दस बजे मेरा कॉलेज था तो मैं चली गई, कॉलेज में स्पोर्ट डे था। मैं खूब खेली और 4 बजे घर आई। भाई घर में ही था क्योंकि घर में कोई नहीं था तो घर की देख भाल करने के लिए वो स्कूल नहीं गया था।
ऋषभ- आज तुम बहुत थकी लग रही हो।
रिया- हाँ, वो आज स्पोर्ट्स डे था न ! इस लिए मैं बहुत थक गई हूँ।
फिर, मैं फ्रेश हो गई और रात का खाना बनाया। हमने साथ में खाया। मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा था। मैंने सोचा आज अच्छा मौका है। आज अपने भाई से मालिश करवा लूँ।
रिया- भाई, आज मेरा अँग-अँग बहुत दर्द कर रहा है। तुम मालिश कर दोगे?
ऋषभ- हाँ रिया, क्यों नहीं। तुम मेरी बहन हो तेरा ख्य़ाल मैं नहीं रखूँगा, तो फिर कौन रखेगा?
फिर मैंने सरसों के तेल को हल्का गरम किया और ऋषभ को बोली- चलो मालिश कर दो।
मैं अपने कमरे में गई और लेट गई।
ऋषभ- ऐसे कैसे मालिश करूँ? अपने कपड़े तो उतारो।
मैंने अपनी स्कर्ट और टॉप उतार दिया। अब मैं सिर्फ़ ब्रा और पेंटी में थी। मैं पेट के बल लेट गई। उसने मेरे पीठ पर तेल डाला और मालिश करने लगा। जब वो मालिश कर रहा था। तो बार-बार उसका हाथ मेरी ब्रा की स्ट्रेप में फँस रहा था।
उसने कहा- तुम अपनी ब्रा उतार दो।
मैंने कहा- तुम्हीं उतार दो।
उसने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया। अब मैं सिर्फ़ पेंटी में थी, और वो मेरी मालिश करने लगा।
दस मिनट तक वो मेरे पीठ की मालिश करता रहा। उस वक्त मानो जैसे मैं जन्नत की सैर कर रही थी।
फिर उसने कहा- पैरों की भी मालिश कर दूँ क्या?
मैंने कहा- सिर्फ़ पैर नहीं, पूरी बॉडी की मालिश करो।
ऋषभ मेरे पैरों की मालिश करने लगा, अब वो मेरी जाँघों की मालिश करने लगा।
ऋषभ- तुम्हारी जाँघें बहुत मस्त हैं।
रिया- तो फिर मालिश करो ना ! मुझे मज़ा आ रहा है।
ऋषभ- वो ही तो कर रहा हूँ। पर तुम्हारी पेंटी बीच में आ रही है।
रिया- तो उतार दो न इसको भी।
फिर उसने मेरी पेंटी भी उतार दी, अब मैं अपने भाई के सामने बिल्कुल नँगी पड़ी थी।
ऋषभ ने कहा- तुम्हारे कूल्हे बहुत मस्त हैं।
मैंने कुछ नहीं कहा। वो मेरे नितम्बों की मालिश करने लगा, मुझे जन्नत का मजा मिल रहा था।
अब वो मुझसे पीठ के बल लेट जाने को बोला और मैं झट से चित लेट गई, वो मेरे मम्मों की मालिश करने लगा। आज पहली बार मेरे संतरे मेरे अलावा कोई और दबा रहा था, मेरी बुर में आग लग गई थी पर आख़िर वो तो मेरा भाई था।
मालिश हो जाने के बाद ऋषभ ने कहा- मैंने तुम्हारी मालिश कर दी है। बदले में मुझे क्या मिलेगा?
मैने कहा- बोल तुझे क्या चाहिए?
ऋषभ ने कहा- अब तू भी मेरी मालिश कर दे। पूरी बॉडी की ज़रूरत नहीं है। बस तू मेरे लण्ड की मालिश कर दे।
मैं बोली- ठीक है, चल अपना पैंट उतार। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।
वो झट से अपनी पैंट उतार कर चित लेट गया। उसके लौड़े के आस पास झाँटों का घना जंगल था।
मैंने उससे कहा- कैसे करूँ मालिश? तुम्हारा लौड़ा तो बाबा जी बना है।
उसने कहा- तुमने ही मुझसे वादा किया था कि तुम मेरी झाँटें साफ़ करोगी।
मैं बोली- ठीक है, चल गुसलखाने में चल।
वो बोला- अरे इधर ही बना दे। मैं नीचे लेट जाता हूँ।
मैंने कहा- ठीक है !
और फिर मैंने रेजर से उसकी झाँटों की सफाई की। उसका लण्ड तन्ना रहा था। उसके बाल साफ़ करके अपने हाथों में तेल लगा कर उसके लौड़े की मालिश करने लगी।
दस मिनट में उसका पानी निकल आया। मुझे उसके माल की गन्ध बहुत ही अच्छी लग रही थी।
हम लोग एक दूसरे से बहुत हद तक खुल चुके थे। उसके लौड़े से माल निकल जाने के बाद मुझे मेरी चूत का पानी निकालना था।
ऋषभ ने मुझे बोला- रिया मेरा तो निकल गया अब तेरा ?
मैं अपनी भावनाओं पर काबू रखे थी पर जब उसने मेरी दुःखती नस पर ऊँगली रख ही दी तो !

बहन के सामने भाभी की गांड मरी Bahan Ke Samne Bhabhi Ki Gand Mari

बहन के  सामने भाभी की गांड मरी  Bahan Ke Samne Bhabhi Ki Gand Mari, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम समीर है, आप सब तो मुझे जानते ही है। आज में मेरी एक और नयी स्टोरी लिखता हूँ जिसको आप बहुत पसंद करेंगे। आपने मेरी सभी स्टोरीयों को पहले भी बहुत पसंद किया, ये स्टोरी सोनिया आंटी की चूत मारने के बाद शुरू होती है और नयी निशा भाभी और उनकी छोटी बहन नंदिनी की है।
यह स्टोरी तब शुरू हुई जब हमारे बाजू में एक नया कपल रहने आया था, उनकी नयी-नयी शादी हुई थी और वो करीब मेरी उम्र के ही होंगे, उनके पति का कुछ इम्पोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस था। फिर थोड़े दिन रहने के बाद उनकी हमारी फेमिली से जान पहचान हो गई और हमारे घर उनका आना जाना हो गया। फिर करीब थोड़े दिनों के बाद उस भाभी की छोटी बहन नंदिनी भी उनके साथ रहने को आ गयी, वो करीब 18 साल की होगी, वो 12वीं क्लास में पढ़ती थी,
वो भाभी की तरह ही बहुत सेक्सी थी, वैसे भाभी का फिगर 36-28-36 होगा और उसके बूब्स तो बहुत ही बड़े और सेक्सी थे, जब वो चलती थी तो उसके बूब्स हिलते थे और यह देखकर कोई भी मर्द मचल जाए और उसकी बहन भी उतनी ही सेक्सी थी। उसके भी बूब्स बहुत बड़े और सेक्सी थे।
उसका पति अक्सर महीने में 15-20 दिन बाहर रहता था और में जब भी उसके घर पर जाता था तो उसको देखता ही रहता था और उसको चोदने की सोचा करता था कि काश में इसको चोद सकूँ और घर आकर मुठ मारता था। में उसके बूब्स और गांड के बारे में सोच-सोचकर मुठ मारा करता था। में जब भी उसके घर जाता था तो मुझे ऐसा लगता था, वो उदास उदास रहती है।
फिर एक दिन जब में उसके घर गया, तो उसका घर का दरवाजा खुला हुआ था, तो में बेल बजाए बिना ही उसके घर में चला गया, तो मैंने देखा कि उसके घर में कोई नहीं है शायद वो बाथरूम में थी। तो में सोफे पर जाकर बैठ गया तो मैंने देखा कि वहाँ एक सेक्सी किताब पड़ी थी।
फिर मैंने उसको उठाकर देखा तो उसमें सेक्सी फोटो थे, तो में उसको देखकर एकदम गर्म हो गया और फिर मैंने वो किताब वही पर रख दी। अब भाभी बाथरूम में थी, तो में उसकी तरफ चल पड़ा और बाथरूम में कहाँ से देखा जाए? यह देखने लगा। फिर जब मैंने बाथरूम में देखा, तो भाभी पूरी नंगी होकर नहा रही थी और अपने पूरे बदन पर साबुन लगाकर अपने बूब्स और चूत को रगड़ रही थी।
अब यह सब देखकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया था। अब भाभी अपनी चूत में 2 उंगलियाँ अंदर बाहर कर रही थी। फिर यह देखकर में तुरंत अपने घर पर आ गया और अपने रूम में आकर अपनी पेंट उतारकर अपना पूरा लंड बाहर निकाला और मुठ मारने लगा, अब मुझे पता लग गया था कि भाभी को क्या चाहिए?
फिर कुछ दिनों के बाद मेरे घरवाले 1 हफ्ते के लिए बाहर घूमने गये, लेकिन में नहीं गया, क्योंकि मुझे पता था कि अकेला रहकर शायद भाभी को चोद सकूँ, क्योंकि उसका पति भी 15 दिन के टूर पर बाहर गया था, तो वो और उसकी बहन अकेली थी। अब मेरे घरवाले भी बाहर गये, तो मेरी मम्मी ने भाभी से कहा कि 1 हफ्ते के लिए तुम इसका खाना बना देना। फिर भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं यह मेरे यहाँ खाना खा लेगा,
तो में ये सुनकर खुश हो गया और पहले दिन रात को खाना खाने के बाद मैंने भाभी को हमारे फ्लेट की चाबी दे दी और कहा कि कल मॉर्निंग में मुझे उठा देना, में देर से उठता हूँ और लेट हो जाता हूँ। फिर भाभी ने कहा कि कोई बात नहीं में तुमको उठा दूँगी और में उनको चाबी देकर अपने फ्लेट पर आ गया। फिर भाभी सुबह मुझे जल्दी जगाने आ गयी। अब मेरा लंड हार्ड था, अब में भाभी के बारे में सोचने लगा था तो मेरा लंड और कड़क हो गया तो मैंने अपना शॉर्ट उतारा और भाभी को याद करके मुठ मारना शुरू कर दिया।
अब में मुठ मारने में मस्त था, तो तभी अचानक से मेरे बेडरूम में भाभी मुझे उठाने को आ गई। अब में मुठ मारने में इतना मस्त था कि मुझे पता ही नहीं चला कि भाभी कब आ गई? तो उसने मुझे देखा और कहा कि क्या कर रहे हो? तो में एकदम से घबरा गया और अपना शॉर्ट पहनने लगा। फिर भाभी मुस्कुराई और कहा कि तुम्हारा तो बहुत बड़ा है इतने बड़े लंड को हिला-हिलाकर क्यों तंग कर रहे हो?
तो मैंने भाभी से कहा कि यह मुझे बहुत तंग करता है इसलिए इसे हिला रहा हूँ। फिर उसने कहा कि में इसका आज से तंग करना बंद करवा दूँगी, क्योंकि मुझे मेरी चूत भी बहुत तंग करती है, वैसे तुम्हारा तो बहुत ही सेक्सी है और तुम खुद भी बहुत सुंदर हो और कोई भी लड़की तुमको देख ले तो वो तुमसे चुदवाना चाहेगी और फिर वो मेरे पास आई और मेरा लंड अपने हाथ में लेकर प्यार करने लगी और उसको अपने मुँह में लेकर मुठ मारने लगी। अब मेरा लंड तो पहले ही गर्म था तो मेरा वीर्य जल्दी ही आ गया। अब भाभी का पूरा मुँह भर गया था और वो मेरा सारा पानी पी गई थी।
फिर भाभी ने मुझसे कहा कि तुम उसकी बहन जाने के बाद आना, आज में इसका तंग करना बंद कर दूँगी, तो में खुशी के मारे उछल पड़ा। फिर करीब 12 बजे में उनके घर गया, तो भाभी अकेली ही थी, तो में जाकर सोफे पर बैठ गया। फिर थोड़ी देर के बाद भाभी आई तो उसने आज बहुत ही सेक्सी ड्रेस पहनी थी। मुझे लगता था कि आज उसने उसकी छोटी बहन की मिनी स्कर्ट और टाईट टॉप पहना था, वो उसमें कमाल की सेक्सी लग रही थी और फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई। 
फिर मैंने उसके हाथ पर अपना हाथ फैरना शुरू कर दिया और उसके बूब्स को भी रगड़ने लगा था। फिर धीरे-धीरे भाभी भी गर्म होने लगी और मुझे किसिंग में साथ देने लगी थी। अब में उसका स्कर्ट उतारकर उसकी चूत को रगड़ रहा था, आज उसने ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी। अब वो पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी और में भी पूरा नंगा हो चुका था। अब वो मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसने लगी थी।
अब में भी पूरा गर्म था और मेरा लंड पूरा तन गया था। अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था इसलिए मैंने उससे कहा कि चलो अब मुझे तुम्हारी चूत मारनी है। तो उसने कहा कि मैंने कब मना किया? मेरी चूत कई दिनों से प्यासी है, तुम्हारे भैया इसको चोदते ही नहीं है और जब चोदते है तो जल्दी से पानी छोड़ देते है और में प्यासी ही रह जाती हूँ। में तो कब से तुम्हारे पास चुदवाने का मौका ढूढ़ रही थी और यह कहकर वो मेरे साथ लिपट गई।
फिर मैंने उसकी दोनों टांगो को अपने कंधे पर रख लिया और अपना लंड उसकी चूत के टॉप पर रखकर एक ही झटके में अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया। फिर जैसे ही मेरा पूरा लंड उसकी चूत में गया तो वो चिल्ला पड़ी और कहा कि धीरे करो मेरी चूत अभी भी टाईट है, यह फट जाएगी, मैंने अभी भी बहुत कम बार चुदवाया है। सच में उसकी चूत अभी भी टाईट थी और फिर में सोफे पर ही धक्के लगाने लगा।
अब वो भी मस्ती में घूम रही थी और कह रही थी बहुत मज़ा आ रहा है मेरे राजा, चोदो ज़ोर से चोदो, आआआआआअहह मार डालो, आआआआआहह फाड़ डालो, मेरे राज़ा बजा दे मेरी चूत का बाजा, आआआहह और चोदो और चोदो, मैंने कई दिनों से नहीं किया है, आआआआअहह समीर, मेरे राजा चोद दे अपनी भाभी को, आआआआआहह ज़ोर से कर, आआआआअहह फक मी।
अब तक भाभी दो बार झड़ चुकी थी और करीब 20 मिनट के बाद मेरा भी पानी निकल गया और में सोफे पर ही बैठ गया और वो मेरे बाजू में बैठ गई थी। फिर थोड़ी देर के बाद वो फिर से मेरे लंड को पकड़कर रगड़ने लगी, तो मेरा लंड फिर से टाईट होने लगा। फिर तब मैंने कहा कि मुझे आपकी गांड मारनी है, में आपकी गांड का दीवाना हूँ। फिर उसने कहा कि में गांड नहीं मवाऊंगी क्योंकि मैंने आज तक गांड नहीं मरवाई है और तुम्हारा तो लंड भी बहुत बड़ा है, मेरी गांड फट जाएगी और फिर में ठीक से बैठ भी नहीं पाऊँगी।
तो मैंने कहा कि कुछ नहीं होता है में आपको धीरे-धीरे चोदूंगा। फिर थोड़ी देर मना करने के बाद वो मान गई और फिर में पहले उसकी गांड पर अपना थूक लगाकर अपनी एक उंगली अंदर बाहर करने लगा। फिर मैंने उससे कहा कि थोड़ी क्रीम या तेल लेकर आओ, तो वो तेल लेकर आई, तो मैंने थोड़ा तेल उसकी गांड पर और थोड़ा तेल अपने लंड पर लगाया और उसको सोफे पर उल्टा करके उसकी गांड को अपनी साईड पर रखकर मेरा लंड टारगेट की और बड़ा दिया और उसकी गांड के छेद में अपना लंड डालने लगा। 

अब मेरा लंड उसकी गांड में नहीं जा रहा था और उसको दर्द भी बहुत हो रहा था। अब वो मना कर रही थी कि मुझे गांड नहीं मरवानी, तुम मेरी चूत मार लो, लेकिन मेरी गांड मत मारो, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, लेकिन मैंने उसकी एक नहीं सुनी और एक ज़ोरदार झटका दिया, तो जैसे ही मैंने झटका दिया तो मेरा पूरा लंड उसकी गांड में घुस गया और जैसे ही मेरा लंड घुसा, तो वैसे ही उसकी छोटी बहन का घर में घुसना हुआ और मेरा लंड घुसते ही भाभी ने एक ज़ोरदार चीख मारी आआआआअहह समीर में मर गई, बाहर निकाल, आआआअहह मेरी गांड फट जाएगी, प्लीज मेरी गांड मत फाड़, आआअहह में मर गई, उउऊईई माँ, प्लीज अपना लंड बाहर निकाल।
अब यह सब देखकर उसकी बहन की आँखें खुली की खुली रह गई थी और फिर मैंने जानबूझकर उसकी बहन के सामने ही और एक ज़ोर से झटका दिया, तो वो फिर से चिल्लाई और अपनी बहन को देखकर घबरा गई, लेकिन उसकी बहन भी चुदक्कड़ रंडी थी। फिर उसके बाद उसकी बहन ने बोला कि डरने की कोई बात नहीं है, में किसी को भी कुछ नहीं बताऊँगी। फिर मैंने भाभी को उसकी बहन के सामने चोदा और उसकी बहन ने भी खूब मजा लिया ।

बड़ी बहन को ब्लैकमेल करके उसकी जमकर चुदाई की Badi Behan Ko Blackmail Karke Uski Jamkar Chudai Ki

बड़ी बहन को ब्लैकमेल करके उसकी जमकर चुदाई की  Badi Behan Ko Blackmail Karke Uski Jamkar Chudai Ki, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
मेरी पहली कहानी हैं मेरा नाम है राशिद  अली और मैं मध्य प्रदेश  का रहने वाला हूँ | मेरी हाइट 5 फीट 11 इंच है और रंग सांवला है | मेरा लंड एकदम काला है और बड़ा भी | मेरे घर में मेरे अम्मी अब्बू और मेरी दो बड़ी बहनें है और एक छोटा भाई भी | मेरी सबसे बड़ी बहन तो देखने में ठीक ठाक ही है लेकिन दूसरी बहन जिसका नाम है नजमा वो तो गज़ब का पटाखा है | मैं कभी कभी उसको चोदने के बारे में सोचता रहता हूँ और कभी कभी तो उसके हलके से दूध दिख जाए तो मुट्ठ भी मार लेता हूँ | अब मैं आपको बताता हूँ की कैसे मैंने अपनी पटाखा बहन को चोदा |
एक बार की बात है नजमा बाथरूम में नहा रही थी और मैं बाहर वाले कमरे में बैठ कर टी.वी. देख रहा था | तभी उसने मुझे आवाज़ लगाई कि राशिद  तौलिया दे दो | मैंने तौलिया उठाई और बाथरूम के पास जाके उसको पकडाई | वो दरवाज़े के पीछे खड़ी थी और एक हाँथ बाहर निकला हुआ था | तभी मेरे दिमाग में मस्ती सूझी तो मैंने कहा दीदी नीचे कॉकरोच है | वो एकदम से डर गई और उसने दरवाज़ा छोड़ दिया जिसकी वजह से दरवाज़ा खुल गया और मुझे उसके पुरे नंगे बदन का दीदार हो गया | उसका बदन बेहद गोरा था दूध तो अच्छे थे ही लेकिन गांड बिलकुल गोल मटोल थी माशाल्लाह | उसके हुस्न पे मैं फ़िदा हो गया और थोड़ी देर बाद बाथरूम में जा कर, वही सब सोच सोच के मुट्ठ मरने लगा | 
कुछ दिन बाद जब मैं छत पर गया तो वो मेरे पडोसी लड़के जफ़र से बात कर रही थी | मुझे देखते ही उसने जफ़र से कुछ बोला और नीचे चली गई | इसी तरह से मैंने उसे कई बार जफ़र से बात करते देखा तो मेरे मन में शक पैदा हुआ | फिर एक बार मैंने दीदी का मोबाइल लिया ये कह कर कि मुझे किसी को कॉल करना है और फ़ोन लेकर बाहर आ गया | फिर मैंने फ़ोन की छानबीन करी तो पता चला कि दीदी का जफ़र के साथ लफड़ा चल रहा है | वो लोग रोज बात करते थे और चुदाई की बातें भी करते थे | मैंने थोडा बहुत पढ़ा और अन्दर जा कर मोबाइल दीदी को दे दिया | कुछ दिन बाद मैंने फिर से जासूसी के लिए दीदी का मोबाइल लिया और फिर देखते देखते मैंने गैलरी खोल ली | जैसे ही मैंने गैलरी खोली तो उसमे दीदी की नंगी फोटोस पड़ी थीं | मैंने सारी फोटोस अपने मोबाइल में डाल ली और मोबाइल दीदी को दे दिया |
loading...
ये सारी फोटोस मुझे मुट्ठ मारने के काम में आती थी | अब मैं कभी कभी दीदी की ब्रा और पैंटी को सूंघ कर भी मुट्ठ मार लेता था | मेरा लगाव दीदी की ओर बढता जा रहा था और मैं रोज ही ये सोचता था की दीदी को कैसे चोदुं | फिर एक बार मैं घर के बाहर खड़ा था तो दीदी निकली और कहीं जाने लगी | कुछ ही देर में जफ़र भी बाहर निकल कर जाने लगा और मुझे शक हुआ तो मैंने उनका पीछा किया | नजमा दीदी जफ़र के साथ उसकी गाड़ी पर बैठ कर कहीं जाने वाली थी | तभी मेरा एक दोस्त आया तो मैंने उससे कहा कि भाई गाड़ी देना अभी आता हूँ | फिर मैंने उनका पीछा किया तो उन लोग किसी होटल जा रहे थे | मैं फिर वहाँ से वापस आ गया क्यूंकि मुझे पता था कि वो दोनों अन्दर चुदाई ही करेंगे |
अब मैंने ठान लिया था कि दीदी के जफ़र से नाजायज़ संबंध को अपना हथियार बना के मैं दीदी को ब्लैकमेल कर सकता हूँ और उसे चोद भी सकता हूँ | फिर कुछ दिन के बाद अम्मी अब्बू और बड़ी दीदी बाहर चले गए हमारे अब्बू के चाचा ख़त्म हो गए थे | इसलिए अब 4-5 दिन तक हम तीन ही घर पर अकेले थे | मेरा छोटा भाई तो स्कूल चला जाता था सुबह सुबह और शाम को कोचिंग जाता था और रात को 8:30 बजे आता था इसलिए वो घर पर कम ही रहता था | घर पर मैं और मेरी नजमा दीदी ही रहते थी | मैं भी ज्यादातर बाहर ही घूमता रहता था अपने दोस्तों के साथ इसलिए अब घर पर दीदी ही अकेली होती थी | इसी बात का फायदा उठा कर जफ़र मेरे घर आकर मेरी दीदी को चोदता रहता था | मैं एक बार अपने दोस्तों के साथ घूम रहा था तो मुझे अब्बू का फ़ोन आया और उन्होंने कहा कि घर पर रहा कर नलायक और दीदी की घर के काम में मदद कर जा के | मैंने भी फ़ोन रखा और घर की तरफ गाड़ी मोड़ ली | 
थोड़ी देर में मैं घर पहुंचा और अन्दर गया तो मुझे किसी के सिसकियाँ लेने की आवाजें आ रही थी | तो मैं दबे पैर अन्दर जाने लगा और यहाँ वहाँ देखने लगा | जैसे ही मैंने अन्दर वाले कमरे में देखा और जो देखा उससे मेरे पैर के नीचे की ज़मीन हिल गई | जफ़र बिस्तर पर नजमा दीदी को पीछे से चोद रहा था | मैंने सोचा कि अभी ऐसे ही चला गया तो कोई फायदा नहीं होगा | तो मैंने अपना मोबाइल निकला और उनका चोदते हुए वीडियो बनने लगा | मैंने करीब 5 मिनिट का वीडियो बनाया और फिर मोबाइल बंद करके दरवाज़े पे खड़ा हो गया | उनकी फ़ौरन मेरे पे नज़र पड़ी तो मुझे देख कर जफ़र दुसरे दरवाज़े से भागने लगा | मैं जैसे ही उसके पीछे जाने को हुआ तो नजमा दीदी ने मुझे पकड़ लिया और जफ़र भाग खड़ा हुआ | फिर मैं पलटा और देखा कि दीदी बिलकुल नंगी मेरे सामने खड़ी है | मैंने जैसे तैसे खुद को रोका और कहा कि ये सब क्या है दीदी ? 
तो दीदी बोली मैं और जफ़र एक दुसरे को बहुत पसंद करते हैं और निकाह करना चाहते है | फिर दीदी मुड़ी और कपडे उठाकर पहनने लगी | तो मैंने कहा कि ये सब निकाह के पहले अच्छा नहीं लगता और अब्बू को पता चला तो वो ये निकाह नहीं होने देंगे | उन्होंने कहा कि उनको कौन बताएगा ? तुम | मैंने कहा हाँ मैं ज़रूर बताऊंगा | दीदी ने कहा कि वो तुम्हारी बात मानेंगे, तो मैंने कहा कि क्यों नहीं मानेंगे | तो दीदी ने कहा की अब्बू तुम्हारी बात क्यों मानेंगे तुम्हारे पास कोई सबूत है क्या ? फिर मैंने अपना हथियार वो वीडियो दिखाया | दीदी बोली तू कितना कमीना है रे राशिद  तूने अपनी दीदी को भी नहीं छोड़ा | तो मैंने बोला कि छोड़ दूंगा लेकिन तुम्हें मुझ से चुदवाना होगा | तो दीदी ने मुझे चांटा मार दिया और मुझे गुस्सा आ गया | मैंने कहा कि ठीक है अब अब्बू से बात करना तुम और बाहर वाले कमरे में चला गया |
थोड़ी देर बाद दीदी मेरे पास आई और कहा कि तुम अब्बू को कुछ नहीं कहोगे | फिर दीदी ने कपडे उतारे और कहा कि बदले में तुम मेरे साथ जो करना चाहते हो कर लो | दीदी का नंगा बदन देख कर मुझ से कंट्रोल नहीं हुआ और मैं दीदी पर टूट पड़ा | मैंने दीदी को सोफे पे बैठा दिया और उनके दूध चूसने लगा | मैंने उनके दूध को खूब चूसा लेकिन दीदी के मुंह एक आवाज़ नहीं निकली | फिर मैंने दीदी को किस करना चाहा तो दीदी ने किस नहीं किया | फिर मैंने सोचा छोड़ो किस और पैन्ट उतार कर अपना लंड दीदी के मुंह के पास ले गया और कहा चुसो | दीदी ने मुझे देखा तो उनकी आँखें भरी हुई थी लेकिन फिर भी उन्होंने मेरा लंड पकड़ा और मुंह में डाल लिया | मुंह में डाल कर दीदी धीरे धीरे मेरा लंड चूसने लगीं | तो मैंने दीदी का सिर पकड़ा और उनके मुंह में अन्दर तक लंड डालने लगा | फिर मेरा मुट्ठ उनके मुंह में ही निकल गया और दीदी ने मेरा मुट्ठ थूक दिया |  

भाई के साथ मस्त चुदाई – Bhai Ke Sath mast Chudai

भाई के साथ मस्त चुदाई – Bhai Ke Sath mast Chudai, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
हेल्लो फ्रेंड्स मेरा नाम तृप्ति हे और मैं 21 साल की लड़की हूँ. अभी मैं ग्रेजुएशन की स्टूडेंट हूँ. मेरी हाईट 5 फिट 5 इंच हे. मेरी चूचियां मोटी हे और रंग गोरा हे. और मेरी गांड भी एकदम सेक्सी और भरी हुई हे. मेरे तिन बॉयफ्रेंड रह चुके हे और तीनो ने मेरी चुदाई की हुई हे इसलिए मेरा शरीर एकदम भरा हुआ हे. आज मैं आप को अपने भाई के साथ सेक्स की हिंदी सेक्स स्टोरी बताने के लिए आई हूँ.
कुछ दिन पहले ही मेरे अपने लास्ट बॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हो गया. उसका नाम अमर हे. मेरे सिवा मेरे घर में मेरा पापा, मेरी माँ और एक भाई हे जो मेरे से बड़ा हे. भाई की उम्र 24 साल हे.
जब से मेरा अपने बॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ था मैं चूदी नहीं थी और चुदाई के लिए मैं तडप रही थी.
पहले मैंने सोचा की किसी लड़के से चुदवा लूँ पर डर था की साला कही रंडी ना बना दे. मैं कुछ ऐसा चाहती थी की जब मैं चाहूँ लंड तैयार मिले पर ऐसा क्या करती आखिर!!!
एक दिन शाम को घर में मम्मी पापा नहीं थे. बस मैं और मेरा भाई राजन ही थे. मैंने सोचा चलो भाई के रूम में हो कर आती हूँ क्यूंकि मैं बोर हो रही थी. राजन का रूम सेकंड फ्लोर पर था. मैं ऊपर गई तो उसके रूम में म्यूजिक बज रहा था. दरवाजा पूरा बंद नहीं था मैं एकदम से अन्दर चली गई. मेरा भाई सिर्फ शोर्ट पहन के एक्सरसाइज कर रहा था.
भाई का हाईट करीब 6 फिट हे और उसका बॉडी एकदम मस्त मस्कुलर हे. उसकी बॉडी पसीने में भीगी हुई थी और उसने वी शेप की फ्रेंची पहनी थी जिसमे उसके लंड का उभार साफ़ दिख रहा था. वो मुझे देख के थोडा अनकम्फ़र्टेबल हुआ और पास रखा हुआ तोवेल लपेट लिया उसने. मैंने एकदम सोरी बोला और उसने कहा की कोई नहीं आ जा छोटी. और फिर उसने पूछा, आज तू ऊपर कैसी?
मैंने कहा बस यु हूँ निचे मन नहीं लग रहा था. वो बोला तू भी एक्सरसाइज कर मोटी होती जा रही हे. मैंने कहा अरे मुझे आता नहीं ये सब एक्सरसाइज वेक्सरसाइज. वैसे भी मेरे पास जिम सिम का टाइम नहीं हे भाई.
वो बोला, अरे इसमें क्या सीखना हे भला.
मैंने कहा आप ही सिखा दो मुझे.
राजन भाई: तो सिख ले ना मैंने कब मन किया हे तुझे.
मेरी नजर अब भाई के नंगे बदन पर थी और लंड का उभार तोवेल से छिप नहीं पा रहा था. अपने भाई के शरीर को देख कर मुझे ऐसी गुदगुदी लाइफ में पहली बार ही हुई थी.
वो भी मुझे ऊपर से निचे तक देखने लगा. फिर उसने पास रखे हुए दो डम्बल उठाये एक्सरसाइज करने के लिए और बोला देख ऐसे पकड़ना हे और हाथ ऊपर नीचे करना. मैंने वो दोनों डम्बलस ले लिए और जैसा उसने बोला था हाथ निचे करने के लिए मैं वैसे करने लगी. वो एकदम बोला अरे नहीं ऐसे नहीं और मेरे पीछे आके अपने हाथ मेरे हाथो से मिला कर एक्सरसाइज करने लगा. इस टाइम वो मेरे बिलकुल पीछे था और उसका लंड मेरी गांड मैं घुसे जा रहा था.
मुझे बहुत ही मजा आ रहा था और मन कर रहा था की अभी उसके सामने घोड़ी बन जाऊ और वो मुझे अपने कडक लंड से चोद दे. पर क्या करती भाई था मेरा. वो ऐसे ही करता रहा मैंने महसूस किया की उसका लंड टाईट हो रहा था और मुझे और भी मजा आ रहा था.
फिर भाई बोला तेरी ये टी-शर्ट टाईट हे इसलिए एक्सरसाइज नहीं नहीं हो पा रही हे. तो मैं भी उसके लिए एकदम रेडी ही थी. मैंने भाई से कहा आप कहो तो इसे उतार दूँ भाई!
भाई ने कहा, देख ले अगर कम्फ़र्टेबल हे तो बिना टी शर्ट के एक्सरसाइज ज्यादा सही होगा.
मैंने कहा ओके और घूम के अपने भाई की तरफ देखा. और अपनी टी शर्ट को मैंने ऊपर उठाई और उतार दी. मैंने निचे रेड कलर की कप वाली ब्रा पहनी हुई थी और मेरे गोरे चुचे आधे बहार आ राहत थे. भाई मुझे आँखे फाड़ फाड़ के देख रहा था और बोला यार तो तो बहुत ही हॉट हे छोटी!!
ऐसी बात सुन के मुझे भी मजा आ गया और मैं बोली भाई आप भी कुछ कम थोड़ी हो!
भाई बोला, थोडा और दिखा न मैं भी तो देखूं की मेरी बहन की जवानी कहा तक आई हे.
मैं शर्मा गई और बोली पहले आप दिखाओ जो छिपाया हुआ हे चड्डी के निचे. भाई बोला की चल खुद ही देख ले. तो मैं आगे बढ़ी और भाई के अंडरवेर को निचे सरकाया मैंने. भाई का लंड जो 6 इंच का था वो तपाक से बहार आ गया. भाई का मोटा लम्बा लंड एकदम से चमक भी रहा था. जैसे ब्ल्यू फिल्म के हीरो के लंड होते हे ऐसा ही लोडा था राजन भाई का.
मैं बोली, हाय रे कितना बड़ा लंड हे आप को भैया. और मैं अपने हाथ में इस बड़े लंड को पकड़ के आगे पीछे करने लगी और देखते ही देखते मैं उसके पैरो के बीच में बैठ गई और लंड को मुहं में भी ले लिया मैंने. भाई ने मेरे बाल पकडे और मेरे मुहं को चोदने लगा और उसका एक एक धक्का मेरे गले तक लंड को धकेल रहा था.
फिर मैं रुकी और उसका टोपाअंड और निचे से अपनी जीभ से उसके लंड को चाटा. मैंने पूछा भाई इतना चिकना क्यूँ हो रहा हे तो वो बोला तेरे आने से पहले ही मैंने उसे तेल लगा के मसला था. फिर भाई ने कहा मेरी ऑफिस की एक भाभी मेरा लंड लेती हे उसके लिए मैं रोज लंड को मालिश करता हूँ.
फिर राजन भाई ने मुझे उठाया और मेरी ब्रा खोल दी. मेरी 36 इंच की साइज़ के गोरे चुचें हवा में झूलने लगे थे. भाई उन्हें दबाने और सहलाने लगा और बोला तेरे निपल्स इतने मोटे क्यूँ हे, जैसे शादीसुदा औरत के होते हे. फिर वो मेरे निपल्स को सक कर के बहार निकाले और बोला, बता बहन की लौड़ी अब तक कितनो के लंड लिए हुए हे तूने!
मैं बोली, अरे भाई मेरा बॉयफ्रेंड साला कुत्ते की तरह मेरे चुचें चुस्ता हे एक एक घंटा और कभी कभी मैं और मम्मी भी.
भाई ने कहा, तू और मम्मी क्या?
मैंने भाई से कहा, भाई मम्मी को लेस्बियन सेक्स पसंद हे और उन्होंने मुझे कई बार मजे दिलाये पर मुझे तो आप के जैसे कडक लंड पसंद हे.
मेरे ये कहते ही भाई बोला, साली रंडी छिनाल तू और हमारी माँ, तुम्हारी तो आज मैं गांड फाड़ दूंगा.
ये कह के उसने मुझे बेड पर लिटा दिया और मेरे चुचें बुरी तरह से दबाने लाहा. मेरे निपल्स चूस चूस के खींचे और उन्हें एकदम लाल कर दिया उसने. मुझे भी आज बहुत दिनों के बाद किसी मर्द से पाला पड़ा हुआ था जैसे!
अब भाई ने मेरा पजामा और पेंटी एक बार में ही उतार दी और अपना लंड मेरी चूत के दाने पर रख दिया उसने. वो मेरे दाने को अपने लंड से घिस रहा था. मैं तो पागल हुए जा रही थी. मैंने पुरे जोश में थी और कह रही थी चोदो भाई मुझे प्लीज़ प्लिज्ज्ज्जज्ज्ज्ज़. उसने लंड मेरी चूत पर लगाया और एक झटका दे के अन्दर कर दिया. मेरी तो चीख निकल गई. भाई ने मेरी दोनों टाँगे फैला दी और धक्के पे धक्के मारने लगा वो जोर जोर से.
उसके हर धक्के के साथ मेरा मज़ा बढ़ता ही चला गया. वो ऊपर लेट कर धक्के मार रहा था और मेरे ऊपर चोद के मुझे वो मेरे होंठो को भी चूस रहा था. और इस चुदाई के अन्दर मेरे बूब्स उसकी छाती में घुस से रहे थे. भाई ने कहा. साली रंडी क्या चूचियां हे तेरी; चल अपनी कमर हिला और मेरे लंड को जकड़ ले अपनी चूत के अन्दर. मैंने अपनी चूत को ऐसे कस लिया की भाई का लंड अन्दर गिरफ्तार सा हो गया. वो और भी कस कस के ठोकने लगा मुझे. और मैं भी उसके धक्को का जवाब अपनी गांड को हिला के और अपने बूब्स उसके मुहं में दे के दे रही थी.
मैं अब झड़ने वाली थी मेरी सिस्कारियां निकल पड़ी, आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह ओह ओह अह्ह्ह भाई और करो मजा आ रहा हे.
और ये कहते हुए मैं झड़ गई भाई के लंड के ऊपर ही. लेकिन भाई अभी थोड़ी रुकनेवाला था. वो तो मुझे और भी कस कस के पेल रहा था.
5 मिनिट और हार्ड चोदने के बाद भाई ने कहा, बता मेरा माल कहाँ लेना हे तुझे, बहार निकालूं, मुहं में लेगी या अपनी चूत के अन्दर.
मैंने कहा, भाई अपने कीमती और गर्म माल को मेरी चूत में ही निकालो ना.
और सच में दोस्तों जो सेक्स का असली मजा हे वो चुदवाने में तो हे ही हे. लेकिन गाढ़ा गाढा वीर्य जब चूत को और चिकना करता हे तब एक औरत को असली सेक्स का अहसास होता हे.
भाई ने मुझे कंधो के पास से पकड़ लिया और अब एकदम कस कस के वो ठोकने लगा. साथ में वो मुझे एकदम गन्दी गन्दी गालियाँ भीदे रहा था, साली रंडी क्या चूत हे तेरी कसम से. हिला अपने बूब्स को मेरी रानी और ले ले मेरा लोडा अह्ह्ह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह!
और ऐसी सिसकियों के साथ भाई के लंड का गाढ़ा वीर्य मेरी चूत में निकल गया. चूत के अन्दर गरम गरम माल गिरा तो क्या मजा आया वो मैं शब्दों में लिख ही नहीं सकती हूँ! चूत के पानी का और लंड के वीर्य का संगम अलग ही फिलिंग दे रहा था मुझे.
भाई ने जब लंड निकाला तो उसके ऊपर बहुत सब वीर्य चिपका हुआ था. मैंने अपने मुहं को खोला और भाई ने आके लंड मेरे मुहं में दे दिया. मैं उसे चूसने लगे और चाटने लगी.

भाई के दोस्त ने पेंटी खुलवाई bhai ke dost ne penti khulvai

भाई के दोस्त ने पेंटी खुलवाई bhai ke dost ne penti khulvai, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.

हैल्लो दोस्तों.. मेरा नाम संजना है और मेरी उम्र 18 साल की है.. मेरा फिगर 34-28-36 है और में चुदाई की बहुत शौकीन हूँ.. जब में पहली बार चुदी तब से अब तक चुदाई ही मेरी ज़िंदगी है. में अभी तक 22 लोगों से चुदवा चुकी हूँ.. दोस्तों अब में अपनी स्टोरी पर आती हूँ.
दोस्तों यह एक साल पहले की बात है.. मेरे छोटे भाई के 2 दिन के बाद परीक्षा शुरू होने वाली थी और उसका पहला पेपर गणित का था.. लेकिन उसके चश्मे का नंबर बढ़ गया था.. इसलिए मेरी माँ उसे डॉक्टर के पास ले गयी थी. मेरा भाई और उसका दोस्त विपिन मिलकर पढ़ाई करने वाले थे. विपिन की कोचिंग में दूसरे ही दिन गणित का टेस्ट था और वो स्कूल के एग्जाम के पहले था और मेरा भाई गणित में बहुत अच्छा था. विपिन एक टपोरी लड़का था.. वो बहुत शरारती, मस्तीखोर, बत्तमीज और पढ़ाई में बहुत खराब था और वो हम लोगों के इलाके में एक छोटी सी खोली में रहता था. उसे मेरा भाई हमारे घर पर आज गणित सिखाने वाला था.. इसलिए वो हमारे घर आया.. लेकिन मेरे भाई ने विपिन को नहीं बताया था कि वो आज डॉक्टर के पास जाने वाला है. तो विपिन दोपहर को ही हमारे घर पर आ गया और में उस समय घर पर बिल्कुल अकेली थी. तो मैंने उसे बताया कि मेरा भाई डॉक्टर के पास गया है और क्या तुम्हे उसने पहले नहीं बताया था कि वो आज घर पर नहीं मिलेगा? तो वो कहने लगा कि नहीं उसने मुझे कुछ भी नहीं बताया और फिर उसने कहा कि क्या वो मेरे भाई की गणित की किताब लेकर जा सकता है? तो मैंने उससे कहा कि तुम इधर ही रुक कर पढ़ाई कर लो और शायद हो सकता है कि मेरा भाई भी एक घंटे में आ जाए.
तो वो अंदर आ गया और सोफे पर बैठ गया और उसने मुझसे पीने को पानी माँगा और मैंने उसे किचन से पानी लाकर दिया और में उसे अपने भाई की गणित की किताब लाने के लिए अंदर चली गयी. फिर जब में बाहर आई तो वो मेरी किताब ( जो में उसके आने के पहले पढ़ रही थी और वो सोफे पर ही रखी थी ) पढ़ रहा था. उस किताब में प्यार पर आर्टिकल था और फोटो भी थे. तभी मैंने उससे किताब छीन ली और बहुत डाटा.. लेकिन वो बेशार्मो की तरह हंस रहा था और फिर उसने मुझसे सॉरी कहा और किताब लेकर बैठ गया और हमेशा उसके मुहं पर पूरे टाईम बेशार्मो वाली स्माईल रहती थी. फिर वो मुझे बार बार देखकर हंस रहा था जैसे उसे मेरा सीक्रेट पता चल गया है. तो में वहाँ से उठकर अपने रूम में चली गयी और फिर से अपनी किताब पढ़ने लगी. तभी कुछ देर बाद मुझे ऐसा लगा कि अगर उसने बैठक रूम में से कुछ सामान उठा लिया तो? और इसलिए में फिर से बाहर गयी.. तो वो सोफे पर लेटकर पढ़ रहा था और में उसे देखकर चौंक गयी कि यह लड़का इतना बत्तमीज कैसे हो सकता है? फिर मैंने उसे उठने को नहीं कहा और सीधा सोफे पर उसके पास बैठने चली गयी.. यह सोचकर कि शायद वो मुझे देखकर उठेगा.. लेकिन उसने बस अपना पैर हटाया और मुझे बैठने दिया और उसका पूरा ध्यान अपनी किताब में ही था. तो में भी अपने मोबाईल में व्यस्त हो गयी और ऐसे ही मैसेज टाईप करते करते मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे घूर रहा था और वो भी बहुत देर से और उसकी नज़र मेरे चेहरे पर नहीं थी. फिर मैंने उसे ध्यान से देखा तो वो मेरे बूब्स की गली की तरफ देख रहा था और मुझे याद आया कि विपिन के आने से पहले मैंने अपनी ब्रा को निकाल दिया था और में आर्टिकल पढ़ते पढ़ते अपनी निप्पल को सहला रही थी और में विपिन के अचानक से आने पर अपनी ब्रा को पहनना भूल ही गयी. एक तो में टी-शर्ट भी बहुत टाईट पहनी हुई थी और अब मेरे निप्पल भी बहुत साफ साफ टी-शर्ट में से दिख रहे थे और फिर मैंने किताब से अपनी निप्पल वाला भाग ढक लिया.
फिर मैंने विपिन से कुछ भी नहीं कहा.. क्योंकि में उससे कुछ बोल ही नहीं पाई. मेरे भाई का दोस्त अब मेरे बूब्स देख रहा था यह सोचकर मुझे बहुत अजीब लगा.. मेरे लिए मेरा भाई बच्चो जैसा है और मुझे उसके दोस्त भी बच्चे ही लगते थे भले ही वो ज्यादा उम्र का हो. हम दोनों में 4 साल का अंतर है और मैंने कभी भी मुझसे कम उम्र वालों की तरफ उस नज़र से नहीं देखा था. फिर में बहुत शांत हो गयी और मैंने पढ़ते पढ़ते फिर से विपिन की तरफ देखा.. वो भी मेरी तरफ देखने लगा और हम दोनों एक दूसरे की आँखो में बिना कुछ कहे घूर रहे थे. वो भी बिना किसी के डर के मेरी आँखों में बिना नज़र हटाए देख रहा था और मेरी धड़कने बहुत तेज़ हो गयी और मुझे यह अहसास जाना पहचाना सा लग रहा था. तो मैंने अपनी नज़रे उसकी तरफ से हटाई और में किताब में देखने लगी. तभी मैंने विपिन की तरफ फिर से देखा तो वो मेरे शरीर को पूरी तरह से देख रहा था और उसने अपनी नशीली आँखों से मेरी तरफ देखा. तभी मुझे उसकी पेंट में उसके खड़े लंड का आकार दिखाई दिया और मेरी गरम चूत से खुद ब खुद पानी निकलने लगा और अब मुझे पता चल गया कि मुझे क्या अहसास हो रहा था?
तभी में जल्दी से उठकर अपने रूम की तरफ चली गयी और विपिन भी जल्द से उठकर बैठ गया और मुझे अपने रूम में जाते वक़्त बड़े ध्यान से देखने लगा. फिर मैंने रूम में अंदर घुसते वक़्त सोफे पर बैठे हुए उसकी तरफ देखा और हम 5 सेकिण्ड तक एक दूसरे को ऐसे ही घूरते रहे और में अंदर चली गयी और फिर मैंने दरवाज़ा बंद कर दिया. फिर मैंने अपने कपड़े उतार कर फेंक दिए और अपने आप को सहलाने लगी. मैंने अपनी चूत में ऊँगली डालनी शुरू कर दी.. लेकिन यह बहुत ग़लत था और मुझे उस लड़के की वजह से गर्माहट महसूस हो रही थी.. में पूरी तरह गरम हो चुकी थी. मेरी चूत अब मुझसे एक लंड मांग रही थी और मेरा अपने आप पर कोई वश नहीं था. वो दूसरे रूम में था और में अपने कमरे में नंगी होकर अपनी चूत को सहलाकर ठंडा करने की कोशिश कर रही थी.
तभी मुझे दरवाज़े के नीचे वाले हिस्से से दिखाई दिया कि दरवाज़े के बाहर कोई खड़ा है और में समझ गयी कि यह विपिन ही है. तो में ज़मीन पर लेट गयी और खुद को सहलाने लगी और विपिन भी ज़मीन पर झुककर दरवाज़े के नीचे के हिस्से से अंदर देख रहा था. में उसके सामने ही उसे अपनी चूत दिखाते हुए नीचे ज़मीन पर लेटी थी. तभी डोर बेल बजी तो में जल्दी से उठी और कपड़े पहनकर बाहर गयी तो मैंने देखा कि हॉल में उसकी किताब सोफे पर पड़ी थी.. लेकिन विपिन वहां पर नहीं था. फिर वापस से एक बार और डोर बेल बजी और मैंने दरवाज़ा खोला तो वॉचमेन था और वो लाईट का बिल देने आया था. फिर मैंने उससे बिल लिया और जल्दी से दरवाज़ा बंद कर दिया और विपिन को ढूँढने लगी और फिर मुझे हॉल में एक अंडरवियर ज़मीन पर पड़ी हुई मिली और मैंने अंडरवियर उठाई और उसे ढूँढने लगी. मैंने उसे बाथरूम में देखा तो वो वहाँ पर भी नहीं था और फिर में मेरे भाई के बेडरूम में गयी तो वो वहाँ पर चुपचाप खिड़की की तरफ खड़ा था. तभी मैंने उससे पूछा कि यहाँ पर क्या कर रहे हो? तो वो कुछ नहीं बोला और फिर थोड़ी देर मुझे घूरने के बाद बोला कि मुझे बहुत डर लगा कि कोई आ गया है तो में यहाँ पर आकर छुप गया. फिर मैंने उससे पूछा कि क्या यह तेरी अंडरवियर है? तो उसने कहा कि हाँ. फिर मैंने उससे पूछा कि इसे क्यों निकाली थी? तो उसने फिर से नशीली आँखों से घूरते हुए कहा कि ऐसे ही.


तो मैंने उससे पूछा कि सीधे सीधे बता क्यों निकाली थी? लेकिन वो कुछ नहीं बोला. तो मैंने कहा कि तू जब तक नहीं बताएगा.. में तब तक तुझे तेरी अंडरवियर नहीं दूँगी. फिर मैंने उसकी अंडरवियर ली और हॉल में चली गयी और सोफे पर जाकर बैठ गयी. तो मुझे पता चल गया कि वो शायद पहले नंगा हुआ होगा और बेल बजने पर जल्दी जल्दी में कपड़े लेकर रूम में भाग गया होगा.. लेकिन में जानना चाहती थी कि वो नंगा हो कर क्या करने वाला था? और वो बहुत देर तक उस रूम से बाहर नहीं निकला. तो में फिर से अपने भाई के रूम में देखने गयी तो वो बेड पर नंगा बैठकर अपना लंड हिला रहा था. तभी उसने मुझे देखा तो उसकी आँखों में बिल्कुल भी डर नहीं था.. किसी और के घर में अपने फ्रेंड की बड़ी बहन के सामने नंगा होकर लंड हिलाने की बात पर उसे कोई भी डर या शरम नहीं थी.. बल्कि वो मुझे अपनी नशीली आँखों से घूर घूरकर देखता रहा. उसका लंड बहुत बड़ा था.. करीब 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा और वो एकदम तनकर खड़ा था.. शायद वो मेरी चूत को सलामी दे रहा था.
मुझे अपने से छोटी उम्र के लड़के के खड़े लंड को देखकर अलग सा अहसास हुआ और में इतना खूबसूरत लंड देखकर चौंक गयी थी.. लेकिन उम्र में बड़ी होने की वजह से कुछ भी नहीं बोली. में उसे डांटने का नाटक तक करना चाहती थी.. लेकिन कुछ बोल ना सकी और में चुपचाप हॉल में चली गयी और किताब पढ़ने का नाटक करने लगी. फिर मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि में क्या करूं? और अब मेरी चूत गीली हो चुकी थी और में अभी भी यही सोच रही थी कि क्या यह सब ग़लत तो नहीं हो रहा? और वो लड़का मुझसे छोटा है. तभी विपिन वैसे ही नंगा मेरी तरफ हॉल में आया और मेरे सामने आकर खड़ा हो गया और अपने लंड को जोर जोर से हिलाने लगा. तो में उसे वहाँ से भगाना चाहती थी या भगाने का नाटक करना चाहती थी.. लेकिन वो भी मुझसे नहीं होने वाला था. फिर मेरी चूत भी लंड की प्यासी हो गयी थी और मेरा मुहं भी लंड के लिए सूख गया था और लंड लिए मेरे पूरे बदन में बिजली दौड़ रही थी.. में फिर भी किताब में ही देखती रही.
तभी विपिन ने मेरे हाथ से किताब छीनकर फेंक दी और मेरी तरफ देखने लगा. फिर मैंने उसकी तरफ देखा तो उसने मुझे किस का इशारा किया और जोर से अपना लंड हिलाता रहा और में उसके लंड को 1 मिनट तक देखती रही और निहारती रही.. मुझे अब उसके लंड पर टूट पढ़ना था.. लेकिन वो मेरे भाई का फ्रेंड था और वो मेरे भाई को ब्लॅकमेल भी कर सकता था और मुझे भी ब्लॅकमेल कर सकता था.. इसलिए में अभी भी कुछ नहीं कर रही थी.. लेकिन मेरा पूरा शरीर कुछ और ही बोल रहा था और मन कुछ और.. तो मैंने धीमी आवाज़ में कहा कि अब बंद भी कर यार. तो उसने मुझसे कहा कि लो ना.. में चुप बैठी रही और वो मेरे मुहं की तरफ लंड को करीब लाया और मुझे उसके लंड की खुश्बू आने लगी.. में झुकी हुई थी और माथे पर हाथ था और उसका लंड मेरे होंठो से सिर्फ़ थोड़ी ही दूरी पर था और अगर वो हल्का सा भी आगे आता तो मेरे होंठो को उसका लंड छू जाता. मैंने वापस लंड की तरफ देखा और उसकी तरफ देखा.. तो वो मेरे पास में आकर सोफे पर लेटकर लंड को हिलाने लगा. हम एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे और वो ज़ोर ज़ोर से लंड को हिलाने लगा. फिर आखिरकार उसका वीर्य गिर ही गया और उसका बहुत सारा वीर्य निकला और में उसके लंड की तरफ ही देखती जा रही थी. वो दो मिनट ऐसा ही पड़ा रहा और फिर बाथरूम में जाकर लंड धोकर बाहर आया और वो मेरे पास में आकर नंगा थककर बैठा हुआ था. मैंने उससे पूछा कि यह क्या था? तो उसने कहा कि तुझे देखकर जोश चड़ गया था. वो मेरे सामने अपने बड़े लंड को लेकर हिला रहा था.. फिर वीर्य को गिराया और अब मेरे पास में बिना किसी शर्म के नंगा बैठकर मुझसे बातें कर रहा है.
तो हम कुछ देर तक ऐसे ही शांत बैठे रहे. तभी उसने सोफे पर लेटते हुए मेरी गोदी में सर रखा.. लेकिन में चुप रही और उसने फिर अपनी उंगली से मेरे निप्पल को छुना शुरू किया और मुझे उसका ऐसा करना बहुत अच्छा लग रहा था.. में बस चुप रही. फिर वो ऐसा कुछ देर तक करता रहा और जब में कुछ नहीं बोली तो उसने धीरे धीरे मेरे बूब्स को दबाना शुरू किया. अब जब में बिल्कुल शांत रही तो उसने सीधा टीशर्ट के ऊपर से ही निप्पल को काटना शुरू किया और वो टी-शर्ट के ऊपर से ही निप्पल को दांत से खींच रहा था.. लेकिन मेरा शरीर शांत था. में कुछ नहीं सोच रही थी.. बस जो होगा वो होने दे रही थी. फिर उसने नीचे से मेरी टी-शर्ट को थोड़ा ऊपर किया और मेरे नंगे बूब्स को चूमने लगा, काटने लगा और सहलाने लगा. फिर उसने मुझसे टी-शर्ट को उतरवाया और मेरी गोद में ही सर रखकर वो यह सब कर रहा था.. मेरी नाभि को भी चाट रहा था. जब उसने मेरी नाभि में जीभ डाली तब मेरे मुहं से सिसकियाँ निकली.
फिर वो उठ गया और मेरी चूत को मेरी जिन्स के ऊपर से ही चाटने लगा.. उसने मेरी जिन्स उतरवाई और पेंटी भी उतरवाई और चूत चाटने लगा. फिर वो चूत चाटते चाटते एकदम रुककर मेरी चूत को बहुत देर तक देखता रहता.. जैसे कि उसने पहली बार चूत को देखा हो. फिर में भी उसका साथ देने लगी और उसने जब मेरी चूत में जीभ डाली तो मैंने अपने पैर उसके सर के आस पास लपेट लिए और ज़ोर ज़ोर से आह्ह्ह्ह उफ्फ्फ माँ करने लगी. फिर उसने मुझे लेटा लिया और खुद भी मुझ पर लेट गया और किस करने लगा.. फिर वो अपने घुटनो पर खड़ा हुआ और मुझे बैठा दिया. हम दोनों एक दूसरी की आँखों में देख रहे थे और वो अपना लंड मेरे होंठो पर छूने लगा और रगड़ने लगा.
फिर मैंने मुहं खोला और उसका लंड पूरी तरह से अंदर लिया और बहुत देर तक चूसा.. चूसते वक़्त वो बहुत सेक्सी आहें भरने लगा और मुझे उसकी आहें सुनने में बहुत मज़ा आ रहा था.. वो आहह आहह करते हुए मेरे मुहं की चुदाई करने लगा. तभी अचानक से मेरे मुहं से लंड बाहर निकालकर मुझे किस करने लगा और लेटकर मेरे पैर फैलाकर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.. लेकिन उसे डालते वक़्त थोड़ा दर्द होने लगा. तो मैंने उससे कहा कि लंड पर थोड़ा थूक लगा लो.. फिर उसने वही किया और मेरे पैरों के बीच में लेटकर मुझे चोदने लगा. वो चुदाई करते करते मुझे किस करता रहा. फिर 5 मिनट के बाद ही उसने वीर्य मेरी चूत के अंदर ही गिरा दिया और मुझ पर वो वैसे ही पड़ा रहा.. लेकिन मेरी चुदाई अभी पूरी नहीं हुई थी. फिर उसने मुझे कुछ देर तक किस किया और बैठ गया.. में लेटी रही और उसे देखती रही. वो वापस मेरी तरफ आया और मेरे निप्पल को चूसने लगा और 5 मिनट तक बूब्स के साथ खेलता रहा.. हम उठे और एक दूसरे से लिपटकर बैठे रहे. फिर मैंने उससे पूछा कि यह सब कैसे सीखा? तो उसने बताया कि उसकी कोचिंग टीचर के साथ भी उसने एक बार सेक्स किया है. उसकी कोचिंग टीचर दो बच्चों की माँ है और वो 40 से भी ज़्यादा उम्र वाली है.
फिर मैंने उससे कहा कि क्या ऐसे किसी के सामने सीधे नंगे होते वक़्त तुम्हे डर नहीं लगता? तो उसने कहा कि उसे उस वक्त सेक्स का जोश बहुत चड़ गया था. फिर उस दिन के बाद हमने करीब 10 बार सेक्स किया है.. वो अब चुदाई में और भी बेहतर होता जा रहा था.. वो करीब 15-20 मिनट तक 2-2 बार चोदता है और उसको हमेशा अलग अलग स्टाईल में वीर्य गिराने में बहुत मज़ा आता है. में कभी उसे खुद नहीं बुलाती.. वो खुद सीधा घर पर किसी ना किसी बहाने से पहुंच जाता है और घर खाली होता तो घर पर सेक्स करते है या छत पर, सीढ़ियों पर, स्कूल के पेपर के दिनों में भी उसने मुझे बहुत बार चोदा है ..

प्यासी दीदी को लंड का सुख दिया pyasi didi ko lund ka sukh diya

प्यासी दीदी को लंड का सुख दिया pyasi didi ko lund ka sukh diya, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
मेरे जीजा की उम्र 45 साल की हे शायद इसी वजह से वो मेरी दीदी को बिस्तर में खुश नहीं कर पाते हे. दीदी की सास रोज मेरी दीदी को बांज कह के ताने मारती थी. पिछले महीने मेरे जीजा ने दीदी को धक्के मार के घर से बहार निकाल दिया और वो मेरे पास आ गई. मैं घर में अकेला ही रहता हूँ इसलिए मुझे कोई तकलीफ नहीं हे की मेरी दीदी मेरे साथ में रहे. दीदी इम्रे घर का सारा काम काज संभालने लगी. उधर जीजा जी ने डिवोर्स के लिए मुकदमा दायर कर दिया और दीदी को डिवोर्स दे दिया. दीदी बहुत ही उदास रहने लगी थी. एक दिन मेरे दोस्तों ने होटल में पार्टी करने का प्रोग्राम बनाया जिसमे कुछ लड़कियों को भी बुलायाँ ताकि हम चुदाई भी कर सकें.
मैं शाम को रेडी हो कर जाने लगा तभी मेरे फोन की घंटी बजी. मेरे दोस्त अशोक का फोन था. उसने बताया की एक दोस्त के पापा का एक्सीडेंट हो गया हे इसलिए आज की पार्टी केंसल कर दी हे. मैंने ओके कह के फोन तो रख दिया लेकिन मुझे बहुत गुस्सा आया. मैं शाम से अपने लोडे को कडक कर चूका था उसे बड़े बड़े सपने दिखा के. मैं बोल उठा सालों ने खड़े लंड के ऊपर धोखा कर दिया! मुझे पता नहीं था की मेरी दीदी पीछे ही खड़ी थी और उसने मेरे मुहं से ये सुन लिया!
मैं उदास हो कर कुर्सी में बैठ गया और दीदी को बोला, दीदी अगर मैं घर पर शराब पिउ तो आप को कोई ऐतराज़ तो नहीं हे ना! मेरा मूड आज बहुत ही खराब हे. मेरी पार्टी केंसल हो गई हे इसलिए.
दीदी ने स्माइल के साथ कहा मुझे क्या प्रॉब्लम हो सकती हे भाई, हो सके तो घूंट मुझे भी पिला दो मेरा मन भी बड़ा उदास हे. जब से तेरे जीजा ने मेरे खिलाफ जूठे आरोप लगाये हे. फिर वो बोली, मेरा मन तो कतय हे की उसको जान से मार दूँ और सारे जहां को असलियत बता दूँ, साला खुद तो नामर्द हे और मुझे बांझ बता कर डिवोर्स देता हे.
फीर वो एक सांस ले के बोली, और साली उसकी माँ अपने नोकर के साथ चक्कर चला के गंदे काम करती हे उसके साथ और दुनिया के सामने सती सावित्री बनी फिरती हे. चल भाई मैं ग्लास लेकर आती हूँ. और फिर हम दोनों भाई बहन साथ में ही पेग लगाते हे. तुझे कोई ऐतराज़ तो नहीं हे ना मेरे साथ पीने में? आज पहली बार अपनी दीदी के मुहं से गाली सुन के मुझे ओड लग रहा था.
मेरा मन कई सवाल उठा रहा था. क्या जीजा जी असल में नामर्द हे? क्या दीदी बाँझ हे? मेरी नजर दीदी के बदन के ऊपर चली गई. दीदी का जिस्म पूरी तरह से गदराया हुआ रहा उसके चूतड़ मस्त हे. जब वो चलती हे तो ठुमक ठुमक करते हे और मेरे लंड को फोरन से खड़ा करने लगे. उनकी चूची और भी मस्त थी. उनका ब्लाउज इतना छोटा था और गला इतने निचे तक कट था के उनकी चूची के आधे से ज्यादा भाग मेरी नजर के सामने मुझे अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था.
loading...
मैंने दीदी का हाथ अपने हाथ में ले लिया और अपने पास बिठा लिया. मैंने दीदी से पूछा की क्या जीजा वाकई में नामर्द हे? अगर ऐसा हे तो तुमने अपनी ससुराल में इतने साल से रहने की गलती क्यूँ की? मेरे पास पहले से क्यूँ नहीं आ गई? अब मैं पानी प्यारी दीदी को कहीं भी जाने नहीं दूंगा. तुम यही बैठों मैं हम दोनों के लिए पेग बनाकर ले के आता हूँ.
मैं दो ग्लास निकाले उन्के अन्दर जोहनी वॉकर शराब के पेग डाले, सोडा डाला, बर्फ डाली और एक को दीदी को दिया और दूसरा अपने पास रख लिया. टेबल पर तले हुए काजू रखे हुए थे. हमने शराब की चुस्की लेते हुए काजू खाए. थोड़ी देर के अंदर नशा छाने लगा और मेरा मन भी उत्तेजित होने लगा था. मेरा हाथ दीदी के कंधे के ऊपर चला गया और फिर मैंने पूछा, दीदी क्या जीजा जी असल में नामर्द हे?
दीदी ने मेरी तरफ देखा और उसकी नजर मेरे पेंट के अन्दर बने हुए तम्बू के ऊपर पड़ी. उसने मेरी जांघ पर हाथ रखते हुए कहा और नहीं तो क्या उसका लंड कभी खड़ा ही नहीं होता था वो मेरी जवानी का घूंट पिने के काबिल ही नहीं था. मैं तडपती रही इतने सालों तक लेकिन तेरा जीजा कभी मुझे बिस्तर में शांत ही नहीं कर पाया. साला अपना ढीला सा लंड लेकर मेरे जिस्म से खेलता था और जब मैं गरम हो जाती तो बहनचोद पिचकारी मेरे शरीर के ऊपर छोड देता. 6 साल से लंड के लिए तड़प रही हूँ मेरे भैया!
और तेरा जीजा मादरचोद मेरी आग को भड़का देता था पर शांत नहीं कर पाता था. मैं आज भी तडप रही हूँ, मेरी चूत आज भी काम की आग में दाहक रही हे. दीदी ये कह के अपनी चूत को अपने हाथ से सहलाने लगी. मेरे अन्दर की आग भी भड़क उठी थी. मैंने पेग ख़तम किया, दूसरा बनाया और दीदी के चहरे को अपनी तरफ खिंच लिया. दीदी के जिस्म से बहुत ही मस्त खुसबू आ रही थी. मैंने दीदी को बाहों में भर लिया और अपने होंठो को उसके मस्त होंठो के ऊपर रख दिए. दीदी मेरे जिस्म से ऐसे चिपक गई जैसे पेड़ के साथ लता लिपट जाती हे. मैंने दीदी के चुम्बन लेने शरु कर दिए और दीदी ने मेरे चुम्बन का जवाब चुम्बन से देना शरु कर दिया. मेरे हाथ दीदी की चूची रगड़ने लगे. मेरा लंड फुंफाड उठा. दीदी ने जब मेरे लंड को सर उठाते हुए महसूस किया तो उसकी साँसे तेजी से चलने लगी और उसका हाथ मेरे लंड को टटोलने लगा. मैंने उसके नीपल्स को छेड़ना चालू रखा और मेरी जीभ दीदी के मुहं में दाखिल हो चुकी थी.
हम चुदाई की हवस में आग की तरह जल रहे थे. उधर शराब अपने रंग दिखा रही थी. दीदी को मैंने कहा क्या मैं तुम्हारी प्यास को बुझा दूँ! देखो हम दोनों भाई बहन के साथ साथ मर्द औरत भी हे. दीदी मैं अब तेरी आग और नहीं बर्दाश्त कर सकता मेरा लंड तेरी चूत में घुसने को बेताब हे. मेरी प्यारी दीदी कसम से आज मुझे तेरी चूत को चोदने से मत रोकना. तेरी जवानी के लिए मैं बहनचोद भी बन जाने को तैयार हूँ. फिर मैंने दीदी के हाथ अपने लंड पर रख के कहा. मेरी सेक्सी दीदी देख तेरे भाई का लंड तेरे अन्दर घुसने के लिए कितना बेताब हे तेरी चूत भी पूरी तरह से गरम हो चुकी हे. देख कैसे फूली हुई नजर आ रही हे जलेबी के जैसे. इसकी गर्मी तो लंड से ही शांत होगी ना.
दीदी ने एक लम्बी सांस ले के मेरे लंड को दबाया. उसके गले के मसल ऊपर निचे हो रहे थे. मैंने गले के ऊपर प्यार से हाथ फेर के कहा, दीदी आप मेरी बीवी बन जाओ. दीदी क्या ख्याल हे मुझे ना मत कहना! दीदी का जिस्म भी हवस की आग में झुलस चूका था और वो लम्बी लम्बी साँसे ले के मेरे लंड को हिला रही थी. उसने अभी तक कुछ मुहं से नहीं कहा था पर उसके हाथ ने तो हां कह ही दिया था.
वो भी अपने आप पर काबू नहीं रख पा रही थी और बहकते हुए बोली, भैया तेरी दीदी आज से तेरी गुलाम हो जायेगी अगर तुमे मेरी चूत की आग को बुझा दिया. तू कहे तो मैं तेरी बीवी और तू कहे तो मैं तेरी रखेल भी बन जाउंगी. पर प्लीज मेरी चूत को ठंडी कर दो मैं बरसो से तडप रही ही. मेरी चूची को ऐसे ही जोर जोर से भींच तो मेरे राजा भैया, मैं पूरी की पूरी तुम्हारी ही हूँ, चोद दो अपनी दीदी को. उसकी चूत की सिल तेरे लिए ही बची हुई हे आज तक मेरे राजा. नंगी कर डालो अपनी बहन को बना लो अपनी बहन को अपनी चुदाई की दासी.
फिर दीदी मेरा लोडा मसलते हुए बोली, तेरा लंड तो बड़ा ही धांसू हे भाई लगता हे मेरी चूत को फाड़ देगा ये साला. जल्दी से डाल दो उस जालिम गिरगिट जैसे मोटे लोडे को मेरी प्यासी मुनिया के अन्दर और उसकी ताकत दिखाओ मुझे.
मैं ये सब सुन के पागल हो गया और अपनी बहन की साडी और ब्लाउज को उतार फेंका. दीदी अब पेटीकोट और ब्रा में थी. मेरा हाथ उसके ब्रा को खोलने लगा और दीदी ने मेरी पेंट और शर्ट उतार दी. कच्छे के ऊपर से वो मेरे लंड को हिला के जैसे मुठ मार रही थी.
फिर मैने दीदी की कच्छी और पेटीकोट भी उतार दिया. दीदी का गोरा मस्त जिस्म मेरी आँखों के सामने नंगा था. और उसने झांट साफ़ कर रखी थी और उसकी चूत पाँवरोटी के जैसी फूली हुई थी. मैंने दो ऊँगली दीदी की चूत में डाली और ऊँगली से ही उसे चोदने लगा. दीदी ने अपना मुहं निचे किया और वो मेरे लंड के सुपाडे को चूसने लगी. उसके हाथ मेरे टट्टे सहला रहे थे. मैंने दीदी के सर को अपने लंड की तरफ खिंचा और उसके मुहं को चूत की तरह चोदने लगा. मेरा लंड दीदी के गले के अन्दर तक जा रहा था और उसे सांस लेने में तकलीफ हो रही थी. लेकिन उसने लंड चुसना जरा भी बंद नहीं किया.
अब मैंने भी अपने मुहं को दीदी की चूत के ऊपर टिका दिया. उसकी चूत से मस्त महक आ रही थी. चूत रस से भरी हुई थी. मैंने जीभ से दीदी का रस चाट लिया और दीदी के मुहं से आह आह निकल गई. मैंने जीभ दीदी की चूत की गहराई तक डाली और चूत के रस को चाटने लगा. हम दोनों ने 69 पोजीशन बनाई हुई थी. दीदी की जांघे मेरी गर्दन के ऊपर कसी हुई थी. मैंने दीदी के क्लाइटोरिस को अपने होंठो के बीचोंबीच लेकर चुसना चालू कर दिया.
ओह्ह्ह भैया चाट लो मेरी चूत का रस, मैं झड़ रही हूँ! अब अपनी जीभ को निकाल के ये बड़ा लंड एमरी चूत में डाल दो. मेरी चुदाई कर मुझे पूरी औरत बना डालो मेरे भाई. मुझे तुम ही औरत का सुख दे सकते हो मेरे राजा भाई, चोदो  मुहे जल्दी से प्लीज़, मेरी दीदी अपने मुहं से ये सब कह रही थी
मैंने दीदी को पलंग पर लिटा दिया और उसकी जांघे पूरी तरह से फैला दी. चूत के पानी को टपकते हुए देखा. अपना सुपाड़ा मैंने दीदी की चूत के मुह में रख दिया. दीदी को लगा जैसे कोई जलता हुआ अंगारा उसकी चूत पर रख दिया हो. फिर मैंने धीरे से लंड को अन्दर धकेल दिया. लंड मलाई की तरह दीदी की चूत की दीवारों को चीरता हुआ अंदर प्रवेश कर गया. ओह्ह्ह ओह्ह्ह अह्ह्ह्ह माँ मैं तो मर गई, बहनचोद, धीरे से चोद भैया, ये मेरी पहली चुदाई हे और तेरा लंड तो बला का बड़ा हे!
वो बहुत सब कुछ बोल रही थी इसलिए मैंने अपने होंठो को उसके नर्म होंठो के ऊपर लगा दिया. वो जीभ मेरे मुहं में डाल के मेरा थूंक चाटने लगी और मैं उसके थूंक को. मेरे हाथ दीदी के बूब्स को मसल रहे थे और निचे मैंने अपने लंड को धीरे धीरे अन्दर बहार करना चालू कर दिया था. दीदी की साँसे तेज हो गई थी और वो अह्ह्ह अह्ह्ह ओह ओह कर रही थी.
मेरे टट्टे दीदी की गांड से टकरा रहे थे. कमरे से फच फच की आवाजे आने लगी. पलंग भी चरमरा रहा था. मेरा लोडा दीदी की चूत की गर्म गुफा में उछल कूद कर रहा तजा. ऐसा आनंद मुझे कभी पहले नहीं मिला था. मुझे लगा की मैं थोड़ी देर में ही झड़ने वाला हूँ. मैंने धक्को की रफ़्तार को और भी तेज कर दिया और दीदी को गांड को जकड़ कर जोर जोर से चोदने लगा. दीदी भी अपनी मंजिल के करीब में ही थी. मैंने उत्तेजित हो के दीदी से बोला, दीदी मैं ज्यादा देर तक नहीं टिक पाऊंगा, मेरा लंड झ्द्नेवाला हे तो बोलो मेरी बहन कहा निकालू अपने लंड के पेशाब को!
दीदी ने गांड उठा के हिला दी और बोली, अपनी बहन की चूत की गर्मी वीर्य के फवारे से शांत कर दो मेरे राजा भैया.
मैंने उसके बूब्स दबाते हुए कहा, फिर तो तुम मेरे बच्चे की माँ बन जाओगी!
दीदी ने कहा अब तुम ही मेरे पति हो भाई.
मैंने कहा दीदी तू अपनी गांड उछाल कर मेरे साथ दो, ले लो मेरा पूरा लंड अपनी गरम चूत में. आज मैं बहनचोद बन चूका हु. चल मेरी चुदासी दीदी छोड़ दे अपने पानी को मैं भी अपना माल निकालता हूँ.
इसके साथ ही मैंने अपना पानी दीदी की चूत में छोड़ा और वो भी मेरे साथ में ही झड़ गई. हम दोनों के पानी का संगम हो गया और हम दोनों एक दुसरे को जोर से लिपट के किसिंग करने लगे. और मुझे नींद भी आ गई ऐसे ही चूत में लंड के साथ ही. जब मेरी आँख खिली तो देखा की दीदी पहले से ही उठ चुकी थी. वो नाहा कर रेडी भी हो गई थी.
दीदी को चोदना फिर तो रेगुलर हो गया. उसकी आँखों के निचे ब्लेक मार्क्स दो हफ्तों में चले गए. वो पहले से मोटी भी हो गई लंड की विटामिन्स ले ले के. फिर दो महीने के बाद दीदी ने एक दिन मेरा हाथ ले के अपने पेट पर रख के कहा, भाई आप का वीर्य काम कर गया हे अपना.
मैं ख़ुशी से उछल पड़ा और दीदी को गले से लगा लिया.
वो भी बहुत खुश थी.
फिर मैं लोगों की नजरो से बचाने के लिए अपनी दीदी को ले के दुसरे स्टेट में आ गया. पुराना घर, दूकान सब बेच के मैंने यहाँ नया बिजनेश सेट कर लिया. अब हम दोनों ने एफिडेविट कर के नाम भी बदल लिए थे. वो मेरी बीवी और मैं उसका पति. रोज लंड लेती हे आज के दिन भी वो.
© Copyright 2013-2019 - Hindi Blog - ALL RIGHTS RESERVED - POWERED BY BLOGGER.COM