बीवी ने ही अपनी सहेली की चुदाई करवा दी biwi ne hi apni saheli ki chudai karva di

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अब मैं अपनी चुदाई स्टोरी कहानी पर आता हूँ. यह कहानी है मेरी पत्नी की सहेली रजनी की… रजनी को मैं अपनी शादी होने के बाद से ही जानता हूँ क्योंकि वो अक्सर मेरी पत्नी को मिलने आती रहती है.
रजनी के पति विदेश में रहते हैं, उसकी फिगर एकदम सेक्सी और कमर पतली है. उसकी चुची का साइज़ आप अपनी कल्पना के हिसाब से सोच सकते हो. वैसे मेरे लिए वो बहुत ही ज्यादा सेक्सी लेडी है.
उसकी चूत की प्यास काफी सालों से अधूरी ही थी क्योंकि उसके पति विदेश में रहने की वजह से वो बस अपने मन में ही सेक्स की भावनाओं को लिए बैठी रहती थी. मेरी पत्नी और वो आपस में बहुत ही फ्रैंक हैं.
ऐसे ही एक दिन वो आपस में बातें कर रही थीं तो रजनी मेरी पत्नी को बताने लगी कि उसके हबी इस साल भी नहीं आने वाले…
तो हंसी मजाक में मेरी पत्नी बोली- अरे इतना ज्यादा तड़पती है तो मेरे वाले ले जा!
वैसे तो यह बात यूँ ही मजाक में कही गई थी, परन्तु आगे से रजनी ने भी नहला पे दहला मारते हुए कहा- तो क्या हुआ जीजू को मैं ले जाती हूँ, लेकिन फिर तू तड़पती रह जायेगी.
यहाँ बता दूँ कि वो मुझे हमेशा जीजू ही बुलाती है क्योंकि वो मेरी पत्नी की शादी से पहले की सहेली है.
रजनी उस रात हमारे घर पे ही रुकी थी, मैं जैसे ही ऑफिस से वापिस आया तो मेरी पत्नी ने उनके बीच हुई सारी बातचीत जो मैंने बताई है, ये बता दी.
मैंने अपनी पत्नी को किस करते हुए कहा- अरे वाह, रजनी को रात को हमारे ही रूम में सुला लो.
हमने शाम को हँसते खेलते गुज़ारा और रात को रजनी का बिस्तर हमारे ही बैडरूम में लगा दिया और रजनी ने थोड़ा सा ऊपर से न नुकर किया तो मेरी पत्नी ने हंसते हुए इस बात को घुमा दिया. रात को मुझे मेरी पत्नी ने साथ वाले बिस्तर पे सोने के लिए कह दिया और वे दोनों बैड पे सो गई और बैडरूम की लाइट बंद कर दी.
अभी लेटे हुए कुछ ही देर हुई थी, कि मेरी पत्नी ने रजनी के अंगों को छूना शुरू किया, जैसे वो उसकी चुची को सहलाने लगी, जिससे रजनी मचलने लगी और मेरी पत्नी उसको सहलाती रही और उसने रजनी के टॉप के अंदर हाथ डाल दिया, रजनी ने ब्रा नहीं पहनी थी, उसकी चुची को और बढ़िया तरीके से सहलाने लगी.
अब रजनी काबू से बाहर थी.
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फिर मेरी पत्नी ने मुझे बैड पे आने को कहा तो मैंने बैड पर आकर रजनी की चुची को सम्भाल लिया और उन पर किस कर दिया जिससे रजनी के अंदर छुपी वासना की आग का तूफ़ान आ गया और मेरे सर को अपनी चुची पे दबाती हुई बोली- उनह… उफ़ जीजू आह मसल डालो मेर फूलों को अहह…
मैंने उसकी कमीज़ को उतार दिया और उसकी चुची को खूब तेज तेज जीभ से चूसने और चाटने लगा जिससे रजनी की जवानी मचलने लगी और वो अपने मुंह से कामुक सिसकारियाँ छोड़ने लगी और अटपटे शब्द बोलने लगी.
मैंने फिर रजनी के होंठों को अपने होंठों में लेकर चूसने लगा, ऐसा करते हुए मैं उसके कान और गर्दन को भी चूसता हुआ नीचे की तरफ आने लगा. तभी पीछे बैठी मेरी पत्नी ने रजनी को उल्टा कर दिया जिससे उसकी पीठ मेरी तरफ हो गई और मैं रजनी की पीठ को चाटने और चूमने लगा, हल्का हल्का कन्धों को दांतों से काट भी लेता जिससे रजनी को बहुत मजा आता.
हम सब कुछ भूल कर बस काम सागर में खो गए थे.
मैंने उसकी पीठ को गर्दन से लेकर उसकी गांड तक दांतों से हल्का हल्का काट कर चूमा और चूसा जिससे रजनी की जवानी मचल उठी. तभी मैंने रजनी को फिर से घुमाया और आगे से रजनी की
सलवार का नाड़ा खोल दिया और उसे उसकी टांगों के रास्ते बाहर निकाल दिया. तभी पीछे से मेरी पत्नी ने मेरी टी शर्ट भी उतार दी और मैंने अपना लोवर भी उतार फैंका.
मेरी पत्नी अब मेरे अंडरवियर को नीचे करके मेरे लंड से खेलने लगी थी और मैं इधर रजनी की जवानी के साथ खेल रहा था.
मैंने रजनी की टांगों को भी किस करना शुरू किया, जैसे उसकी पीठ का मर्दन किया था, उसकी टांगों को भी किस करते हुए हर जगह पे चाटा और चूमा जिससे रजनी बस पानी पानी होने के लिए तैयार थी. रजनी की चूत तो बिना हाथ लगाए ही झड़ने के करीब थी.
तभी मैंने रजनी की पेंटी के ऊपर होंठ लगाए और फिर उसकी पेंटी को अपने दांतों में फंसाया और धीरे धीरे उसकी पेंटी को दांतों में लेकर नीचे को करने लगा. पेंटी को उसके घुटनों तक करके मैंने अपने होंठ सीधे उसकी दहकती जवानी यानी कि चूत के ऊपर रखे और अपनी जुबान को उसकी चूत के होंठों पे फिराना शुरू किया, जिससे रजनी बस कराहती ही रह गई और उसकी चूत पूरी तरह गीली होकर अपनी बरसात करने को तैयार हो गई.
तभी मैंने उसकी पेंटी को उतर कर रजनी को हल्फ नंगी कर दिया और पीछे से मेरे लंड को मेरी पत्नी ने अपने होंठों में ले लिया.
मेरा अंडरवियर भी अब तक उतर चुका था.
मैंने रजनी की चूत को समूच किया और उसकी चूत के अंदर अपनी जीभ डाल दी. अपने हाथों से मैंने उसकी गांड को पकड़ लिया था और अपने होंठों का पूरा दबाव उसकी चूत पे दे दिया था.
जो आनंद उसे इस वक्त मिल रहा था वो आनन्द बस चुदती हुई झड़ रही औरत ही फील कर सकती है. ऐसा मजा आज उसे कई सालों के बाद आ रहा था शायद… वो कराहने लगी थी- उई आह जीजू सी सी उम्म्ह… अहह… हय… याह… उफ़ फाड़ दो आज मेरी आह…
यह यह सेक्सी हिंदी चुदाई स्टोरी आप अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!
तभी तुरंत मेरी पत्नी आगे आकर बोली- ओह डार्लिंग अब डाल दो साली के अंदर!
मैंने तुरंत रजनी की गांड के नीचे एक तकिया लगाया और उसकी चूत को थोड़ा उंगली से कुरेदा तो मुझे लगा जैसे कभी भी उसकी चूत से जवानी की धारा बह सकती है.
मैंने अपना लौड़ा जो मेरी पत्नी के होंठों से गीला हो चुका था, रजनी की चूत के मुंह पर रख दिया और हल्के हल्के आगे को करते हुए रजनी की चूत में डालना शुरू किया. मैंने अभी थोड़ा सा लौड़ा ही रजनी की चूत के अंदर डाला था कि वो ऊँची ऊँची दहाड़ती हुई कराहने लगी- उई आह आह उफ्फ्फ जीजू आह चुदवा दिया साली बहन… चोद… ने आज… आह.. फट गई…
वो शायद ज्यादा उतेजित होने की वजह से मजा ले रही थी.
मैंने अब थोड़ा स्पीड से दो तीन झटके लगाए और अपना पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और मैंने आगे से उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और किस करने लगा.
मैं साथ साथ उसे लगातार चोदे जा रहा था और ऊपर से कभी उसकी चुची को अपने होंठों से चूसता, कभी सहलाता, कभी उसके होंठों को…
इस तरह मैं उसके जिस्म से चुदाई का खिलवाड़ कर रहा था जिससे वो और जोर जोर से उतेजित होकर चुद रही थी.
मैंने बैठ कर उसे भी अपनी गोद में बिठा लिया और इस तरह मेरा पूरा लंड उसकी बच्चेदानी तक जा पहुंचा जिससे हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था.
अब मैं उसकी जीभ को चूसता हुआ उसे अपने लौड़े पे चोद रहा था उसकी गांड को अपने हाथ से पकड़ कर ऊपर नीचे कर रहा था जिस से मेरा लंड उसकी चूत की गहराई तक चला जाता था. मैंने उसके पूरे जिस्म को अपने आगोश में ले लिया उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया क्योंकि अब उसका पानी मेरे ट्टटों पर दस्तक दे चुका था. वो चीखती हुई अपनी जवानी की बरसात मेरे ट्टटों पे करने लगी थी. वो चिल्ला भी रही थी और मैं जोर जोर से उसे ऊपर नीचे करता हुआ चोद रहा था और वो बोल रही थी- ओह उह उम्म उह उफ्फ… सी सी सी स ई जीजू जिउ आह्ह्ह आह्ह चोद
दी मेरी जवानी साले आह आह उई मर गई!
‘ये ले… ये ले…’ और मैं भी जोर जोर से चिल्ला रहा था- उई उई आह चुद साली चुद चुद चुद ले चुद अपने जीजू से आह आह बहनचोद ले चुद अपनी बहन के सामने चुद साली आह आह उफ़ उफ़ ले चुद चुदकड़ चुद साली ले चुदवा मेरे लौड़े पे जीजू के लौड़े पे चुद चुदवा अपनी जवानी साली… उफ़!
इस तरह वो अपनी चूत का पूरा रस निकाल चुकी थी पर मैं अभी बाकी था तो मैंने उसकी चूत से अपने लंड को बाहर निकाला और अपना लंड उसके दोनों मम्मों के बीच दे दिया और जोर जोर से आगे पीछे करने लगा, जिस से मेरे लौड़े का लावा भी फूट पड़ा और मेरे लंड की पिचकारी सीधी रजनी के मुख पर पड़ी, और दूसरी पिचकारी उसके नाक पे गिरी जिसे देखकर मेरी पत्नी हंसने लगी.
ऐसे हम कुछ ही देर में पूरी तरह झड़ गये.
हम दोनों अलग हुए और मैंने उसको मेरे साथ पहली चुदाई की बधाई दी और साथ ही हम वाशरूम में जाकर पहले अपनी सफाई करके आये और आते ही मेरी पत्नी ने दोनों को चुदाई की बधाई दी. रजनी ने भी मुस्करा कर बधाई स्वीकार की और मैंने दोनों को एक एक किस की.
उसके बाद हमने चुदाई का दूसरा राउंड लिया जिसमें मैंने रजनी को खुल कर चोदा. इस बार मेरी पत्नी भी बिल्कुल नंगी थी. इस बार रजनी की गांड में मेरी पत्नी ने एक डिल्डो यानि नकली लंड डाल रखा था और मैंने आगे से उसक चूत में अपना लौड़ा डाला हुआ था, ऐसे में रजनी को भी खूब मजा आया. रजनी की चूत में मैं झटके लगाता और उसकी गांड के छेद में मेरी पत्नी डिल्डो से झटके लगाती… इस तरह रजनी का गैंग बैंग बन गया था और वो बहुत मज़े से अपने दोनों छेदों की चुदाई करवा रही थी.
रजनी की हालत देखने लायक थी. इस बार वो खुल कर गालियाँ देती हुई चुद रही थी रजनी अपने हाथों से मेरी पत्नी के मम्मों को भी सहला रही थी. मैं कभी अपनी पत्नी के मम्मों को चूसता और कभी उसे किस करता और कभी अपने नीचे चुद रही रजनी की बच्चेदानी अपने लंड से हिला देता और रजनी को चूम भी लेता.
बेशर्म होकर ऐसी चूत चुदाई में हम तीनों को बहुत मजा आ रहा था और हमारा दिल करता था कि यह वक्त यहीं रुक जाये!
इस बार हमारी चुदाई काफी लम्बे समय तक चली और रजनी की चूत का फव्वारा जैसे ही छुटा, साथ ही मेरी जवानी ने भी जवाब दे दिया और मेरी बरसात भी उसकी चूत के अंदर ही होने लगी. रजनी ने मुझे इतने जोर से पकड़ा हुआ था कि मुझे भी बाहर निकालने की बजाये अंदर ही छोड़ना उचित लगा. परन्तु जो भी था बस मजा बहुत था. इस बार हम एक प्यार की तरंग के साथ नई उड़ान के लिए निकले थे और हमारी दोस्ती और गहरी हो गई थी.
उसके बाद हम सो गये और अगले दिन रजनी ने हमसे विदा ली और अपने घर चली गई.

साली चुद गई और उसे पता भी नहीं चला! sali chud gai or use pata bhi nahi chala

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मेरी साली हमारे साथ 1  साल से रह रही हे. मेरी बीवी माल हे पर साली उससे मस्त माल हे. उसके बूब्स थोड़े छोटे हे पर गांड गजब हे.में हमेशा से उसे पसंद करता था पर जबसे वो साथ आके रहने लगी उसके चाल चलन और उसके कपडे देख उसे छोड़ने का मन करने लगा.
वो हर सुबह दोड़ने जाती योग पेंट पहन कर. वापिस आते हुए  उसकी पेंट इतनी गीली हो जाती की उसके गांड के साथ ही उसकी चूत का शेप देख पाता हूँ.उसका नाईट गाउन इतना छोटा रहता हे तो कभी वो बिना देखे झुक जाए तो उसके थोंग्स दिखने लगते हे. मेने एक बार उसे पूरा नंगा देखा था वो वाशरूम से अपने रूम में घुसी पर उसे पता नहीं होगा की दरवाजा खुला हुआ था.और उसने कुछ नहीं पहन रख्खा था.वो जब तक दौड़ कर अपना दरवाजा बंद करने आई मेने उसकी चिकनी चूत और उसके छोटे छोटे मुम्मे देख लिए थे.
एक बार में रात में उठा और उसे इतना छोटा गाउन पहना देखा जिसमे से उसकी गांड थोड़ी बहुत झलक रही थी. और हद तो तब हो गयी जब वो कप उठाने झुकी और उसकी नंगी गांड दिखने लगी.में वही अँधेरे में खड़ा ये सब देख पागल हो गया.उस रात में उसकी नंगी गांड को सोच सोच मुठ मार लिया. पर तबसे ही में उसे रोज सुबह उसे दौड़ने के बाद देखता. उसे चोदने की तमन्ना मेरे दिल में बढती ही जा रही थी.
उसका बॉयफ्रेंड उससे ही बड़ा ठरकी हे.मेरी बीवी उसे पसंद नहीं करती तो वो घर ना आ पाए.पर ३ हफ्ते पहले जब वो डेल्ही अपने किसी काम से १ हफ्ते के लिए चली गयी उसकी बहेन अपना बॉयफ्रेंड  घर लाने लगी. मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता था.वो किसी को भी घर ले आये रात में वो लोग चुदाई करते और कुछ ज्यादा ही करते.
उसके रूम में से कभी सिसकियो की कभी चीखने की और कभी पलंग झोर झोर से खटकने की आवाज़ आती. कई बार मेने उसकी आवाज़ सुनते सुनते ही मुठ मारा हे. उनकी चुदाई कई घंटो तक चलती.उसके बॉयफ्रेंड को कुछ सक हो गया था. में जब बहार आता वो कभी कभी उसकी गांड दबाने लगता और में बेसुध हो कर उसकी गांड देखता. हर बार वो मुझे देख कर सिर्फ मुस्कुरा देता था एसा कई बार हुआ.
हर बार की तरह आज भी वो लोग चुदाई कर रहे थे में जब बहार निकला तो मेने उनका दरवाजा खुला देखा मेने अन्दर झक कर देखा तो एक नंगी झांग दिखाई दी.में घबरा कर बहार निकला तो पीछे उसका बॉयफ्रेंड खड़ा मुस्कुरा रहा था.उसने कहा आपको कुछ दिखाना हे और रूम में ले गया.
रूम में देखा तो मेरी साली पलंग से बंधी हुई थी.उसकी आँखों पर पट्टी मुह में रुमाल ठूसा हुआ था.और वो गांड ऊपर करके वही बठी हुई थी.उसकी चुकणी चूत और गांड साफ़ देख सकते थे.उसने मुझे थोडा धक्का दिया और फिर मेरा हाथ उसकी गांड पर रख्खा में बे सुध हो के उसपे हाथ गुमने लगा.उसकी चूत और उसके छेड़ की गर्मी साफ़ महसूस हो रही थी.
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वो फिर मुझे बहार ले गया और बोला की में उसे चोद सकता हूँ लेकिन मुझे उसे १० हजार डदेने होंगे.मेने साफ़ मना कर दिया.पर उसने कहा की मुझे सब कुछ खुला हे.में उसकी गांड चूत सब छोड़ सकता हूँ पर उसकी चूत नहीं भर सकता.बाकी जितनी बार चाहो उसका इस्तेमाल कर सकता हूँ.मेने उससे थोड़ी देर बात की और आखिर कार ८ हजार उसकी अकाउंट में ट्रान्सफर कर दिए.उसने मुझे कहा की पजामे में से मेरा लंड दिख रहा हे.अब जाकर में उसका इलाज करू.
में अन्दर गया और उसकी चूत और गांड चाटने लगा.वो मचल उठी.उतनी देर में मेने अपना पजामा खोला और लंड बहार निकाल उसकी चूत में दाल दिया.वो जन्नत लग रहा था.में उसे रंडियों की तरह छोड़ने लगा.और फिर लंड बहार निकाल कर उसकी पीठ पर मुठ मार दिया.उसकी पीठ पर पहले ही उसके बॉयफ्रेंड का काफी मुठ था. फिर मेने उसकी गांड में लंड ठेल दिया. उसकी गांड इतनी टाइट थी की मजा ही गया.फिर में गांड में चोदते चोदते ही दो बार अन्दर ही मुठ मार डाला.
अभी में तीसरी बार अन्दर दाल कर चोदना चालु ही किया था की वोह मचलने लगी गयी. मेने उसे झोर से पकड़ा और चोदने लगा. फिर देखते ही देखते उसकी चूत में से पानी बहने लगा.पहले थोडा सा और फिर फुवारे की तरह बहार निकलने लगा. मेने थोड़ी देर तक उसे मुठ मरने दिया फिर उसकी गांड चोदने लगा. अब हर बार जब भी में झोर से लंड अन्दर धकेलता उसका थोडा सा और मुठ निकल जाता.
एसा करते करते में उसकी गांड में और २ बार मुठ मार दिया. लंड बहार खीचा तो उसकी गांड से मुठ बहते हुए उसकी चूत पर से होता हुआ उसकी गीली टांगो पे जाने लगा.ये देख मुझे उससे और ज्यादा चोदने का मन करने लगा.फिर में उसकी चूत को एक बार फिर चोद डाला. अगली बार मेरे मन में कुछ अलग करने का मन था.मेने उसकी चूत में अपना लंड डाला और उसकी गांड में अपनी ऊँगली और दोनों को एक साथ चोदने लगा.वो फिर पागल हो गयी.
मेरा मुठ जब निकलने वाला था मेने उसकी चूत से लंड खीचा तो वो फवारे की तरह मुठ मरने लगी.इसे देख मेने जल्दी से उसकी गांड में अपना लंड ठेल के अन्दर मुठ निकल दिया.फिर मेने कई और बार उसे चोदा.यहाँ तक की मेने उसके मुमे पर और उसके गाल पर अपना मुठ मारा.
करीब १;३० घंटे बाद उसका बॉयफ्रेंड अन्दर आकार इशारा करने लगा की मुझे जाना चाहिए.में उस समय उसकी चूत चोद रहा था.मेरे जाने का कोई मन ना था. उसने इशारा किया मुझे बहार निकलने को उसने मेरी साली को सीधा किया और उसके मुह से रुमाल निकाला तो वो बोलने लगी मादरचोद क्या चोदा हे सारी चूत ही खाली कर दी.उसका बॉयफ्रेंड उसे माल मरवाने लगा और ३ पफ में ही वो फिर बेसुध हो गयी.फिर उसने अपना लंड निकला और उसके मुह में दाल कर जोर जोर से उसका मुह चोदने लगा.उसने मुझे इशारा किया की इसे करना हे.
और फिर उसका मुह मुठ से भर दिया.वो तो सारा पि गयी.फिर मेने भी उसका मुह लेकर वही किया.फिर देखा की वो अपने बंधे हुए हाथ की एक ऊँगली चूत में डाली हुई थी.उसे देख मेरा फिर खड़ा हो गया.मेने उसे इशारा किया बहार जाने का और उसका मुह चोदने लगा.इस बार मेने अपना लंड उसके हलक तक उतार दिया.और उसने फिर ले लिया.देखते ही देखते में दो बार उसके मुह में मुठ मार दिया.फिर उसकी टांग उठाकर उसके हाथ पकड़ कर थोड़ी देर चोदा और फिर उसके मुह में मुठ मार दिया.जाते जाते मेने उसकी चूत में जोर जोर से ऊँगली कर के उसको एक बार और मुठ मरवा दिया.

साली के साथ सिनेमा में ओरल सेक्स sali ke sath cinema me oral sex

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हाई दोस्तों मेरा नाम वरुण हे और मैं जयपुर का रहनेवाला हूँ. आज मैं पहली बार अपनी कहानी आप लोगों के साथ शेयर कर रहा हूँ. मेरा रंग गोरा हे. मैं हाईट में 6 फिट लम्बा हूँ और मेरा लंड साड़े 6 इंच लम्बा और 2 इंच मोटा हे. ये बात आज से कुछ महीनो पहले की हे. मेरी शादी फिक्स हो गई हे और जून में मेरी शादी हे. मेरी होनेवाली वाइफ की एक छोटी बहन हे जिसका नाम दीपिका हे. वो मेरी वाइफ से भी ज्यादा सेक्सी हे. वो 20 साल की हे और उसका बदन भरा हुआ हे. उसका फिगर 30 28 30 हे. जवानी दीपिका के एक एक अंग के अन्दर टपकती और झलकती हे.
इंडिया में तो जीजा साली के बिच में छेड़खानी का रिश्ता सदियों से चलता आया हे. और अक्सर ये रिश्ते की वजह से ही जीजा लोग अपनी साली को चोदते हे. मैं भी दीपिका को अपनी शादी से पहले यानि बीवी के पहले चोदने को लालची हो गया था. पर थोडा सा डर भी लग रहा था की ये कैसे करूँ!
उस दिन मैं अपनी साली को ले के मूवी देखने को गया था. सिनेमा हॉल में बहुत कम भीड़ थी. मैंने जानबूझ के कोर्नर की सिट मांगी. सब से ऊपर की महंगी सिट ली थी मैंने. ऊपर हमारी रो पूरी खाली थी. हमारी रो की दो रो को छोड़ के कुछ आठ दस लोग थे बस.  मूवी चालू हो गया. दीपिका एकदम सेक्सी माल लग रही थी. वो मेरी बगल में बैठी थी. और तभी मूवी में एक सेक्सी सिन आ गया. मैंने दीपिका को मजाक में ही कहा, एक किस हो जाए?
वो हंस पड़ी और कुछ बोली नहीं. और मैं जान गया की इसका मतलब हाँ ही होता हे. मैंने उसे गर्दन से पकड के अपनी तरफ खिंच लिया. वो कुछ नहीं बोली और मैंने उसके होंठो के ऊपर अपने होंठो को लगा दिया. मेरा और मेरी सेक्सी साली का ये किस कम से कम 10 मिनिट चला होगा. मैंने उसके ऊपर के और निचे के दोनों होंठो को ऐसे चूसा के वो एकदम लाल हो गए. फिर दीपिका ने जोर दिया तो मैंने उसे छोड़ दिया. मैंने उसकी तरफ देखा तो वो हंस रही थी. मैंने उसका हाथ पकड़ के हाथ पर भी किस कर लिया. फिर वो स्क्रीन की तरफ देखने लगी. मैंने अपने हाथ को उसकी जांघ पर रख दिया. वो कुछ नहीं बोली. उसकी चीकनी जांघ को सहलाते हुए मैंने उसके बूब्स के ऊपर भी एक हाथ को रख दिया. मैं उसकी जांघ सहलाते हुए उसके बूब्स मसल रहा था. दीपिका सिर्फ स्क्रीन की तरफ आँखे ऐसे लगा के बैठी थी जैसे कुछ नहीं हो रहा हो.
मैंने अब अपने लंड को बहार निकाल दिया. और उसके एक हाथ को पकड़ के लंड पर रख दिया. उसने मुठी बंद की और फिर मेरे लंड को फटी आँखों से देखने लगी. मैंने कहा क्या हुआ?
वो मेरे कान में बोली, आप का तो बहुत बड़ा हे जीजू, नंदीनी का क्या होगा?
मैंने कहा, पहले तो तू लेगी इसे मेरी जान?
वो बोली, क्यूँ आप अपनी सुहागरात में मुझे ले के जाओगे?
मैंने कहा नहीं मेरी जान मेरी शादी से पहले ही हम दोनों सुहागरात मना लेंगे ना.
वो कुछ नहीं बोली और मेरे लंड को धीरे धीरे से हिलाने लगी.
मैंने उसकी पेंट की ज़िप खोली तो वो बोली, कोई देख लेगा जीजू.
मैंने कहा, कोई नहीं देखेगा डार्लिंग.
फिर उसने कुछ नहीं कहा. मैंने अपनी उंगलियों को चूत में डाला. वो सिहर उठी और अपने होंठो को दांतों से दबाने लगी. मेरा हाथ उसकी चूत को सहला रहा था और वो एकदम सेक्सी अंदाज में मेरे लौड़े को पकड के हिलाने लगी. वो जैसे मुठ मारते हे वैसे लंड को मसल रही थी. बस फर्क इतना था की बिच बिच में वो सिर्फ सुपाडे को अपनी मुठी में पकड के दबाती थी जो मुठ मारने में नहीं किया जाता हे.
मैंने उसकी पेंटी के अन्दर ऊँगल कर दी और मसलने लगा. दीपिका एकदम सेक्सी हो गई थी और उसने सिट को पकड़ लिया था. मैंने उसे कहा, मेरा लंड चुसो ना.
वो बोली, यहाँ?
मैंने कहा, हां!
वो बोली, जीजू पंगे न हो जाए.
मैंने कहा, हम साली जीजा ने ये हम दोनों को पता हे, कोई डेक के सोचेगा की हम बीवी पति ही हे.
वो डरते हुए अपने घुटनों के ऊपर बैठ गई. मैंने उसके मुहं को अपने लंड की तरफ खिंच लिया. उसने अपने लिपस्टिक से भरे हुए होंठो को मेरे लौड़े के ऊपर
दिया. और कसम से वो ऐसे लंड को चूस रही थी की बस वो अनुभव शब्दों में लिखा ही नहीं जा सकता हे. उसने अपने होंठो से पहले लंड के सुपाडे को प्यार दिया. और फिर वो मुहं को अँधेरे में मेरी गोदी में ले के ऐसे चुस्ती गई की बस मजा करवा दिया. दीपिका के बूब्स को मैं उस वक्त अपने हाथ से हिला रहा था. और उसके बड़े निपल्स को अपनी उँगलियों से पिंच कर रहा था. दीपिका के निपल्स एकदम बड़े बड़े हे, ऑलमोस्ट डेढ़ इंच के. मैं उन्हें मसलते हुए अपने लंड को साली को चटा रहा था. और उसके पांच मिनिट के ब्लोवजोब ने मुझे मस्त कर दिया. मेरे लंड से एकदम गाढ़ा वीर्य निकल के उसके मुहं में भर गया.
दीपिका सब का सब वीर्य एक एक बूंद तक चाट गई. उसने लंड को अपने होंठो से साफ़ किया. फिर वो अपने कपडे ठीक कर के वापस सिट पर बैठ गई. वो अपने बाल सही कर रही थी तो मैंने कहा, चलो टाँगे खोलो अपनी. वो बोली, जीजू आप का हो तो गया.
मैंने कहा, लेकिन मेरी साली जी का तो नहीं हुआ न.
वो हंस पड़ी.
मैंने उसकी पेंट को खोल के घुटनों तक ला दिया. फिर मैंने जींस और चूत के बिच में मुहं घुसा के बैठ गया. दीपिका की चूत पर जबान लगा के मैं उसे मसलने लगा. वो सिहर रही थी और एकदम उत्साह में आ गई थी. मैंने उसकी चूत को एकदम जोर जोर से चाटा. और वो मेरे माथे को अपने बुर पर दबा रही थी. मुझे बड़ा मजा आ गया साली के साथ इस मस्त सेक्स में.
मैंने उसकी चूत को पुरे 10 मिनिट चाटा और वो झड़ गई तो चाट के साफ भी कर दिया. हम दोनों ने कपडे सही किया और मूवी के ख़तम होने से पहले ही निकल गए हॉल से. मैं नहीं चाहता था की किसी ने हमें देखा हो और मूवी खत्म होने के बाद वो दीपिका को पहचान ले.
रस्ते में बाइक पर मैंने उसे कहा, डार्लिंग जल्दी ही तुम्हारे साथ सुहागरात मनानी पड़ेगी.
वो बोली, अब तो मैं भी आप का लेना चाहती हु जीजू!

16 बरस की साली की टाइट चूत की चुदाई 16 baras ki sali ki tait chut ki chudai - SEX KAHANI IN HINDI

16 बरस की साली की टाइट चूत की चुदाई 16 baras ki sali ki tait chut ki chudai - SEX KAHANI IN HINDI , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.

आज मैं बाटूंगा बरसात की रात में कैसे साली की निम्बू जैसी चूचियां और टाइट चूत की चुदाई की , साली को चोदा ससुराल में, कैसे साली को नंगा करके चोदा,साली की चूत चाटी, साली को घोड़ी बना के चोदा, 9 इंच का लण्ड से साली की चूत मारी, साली की गांड मारी ,और साली की कुंवारी चूत को ठोका ।मेरे ससुराल में सिर्फ मेरी सास और मेरी साली रहती है, मेरी बीवी मेरे साथ दिल्ली में रहती है, किसी काम से मुझे गाँव जाना पड़ा, ससुराल भी गया क्यों की, मेरे ससुर नहीं है उनका देहांत हो गया है और साला भी नहीं है तो मैं ही मर्द हु उनके परिवार में तो मेरी रेस्पोंसिब्लिटी बढ़ गई है. मेरी सास की उम्र ज्यादा नहीं हो रही है,अभी भी वो बहूत ही ज्यादा हॉट लगती है. मैं सुबह करीब १० बजे ससुराल पहुच गया, बात चीत हुई, मेरी सास और साली दोनों काफी खुश थे मेरे आने से. सब ने खूब एन्जॉय किया, पर मेरे सास के मायके से फ़ोन आ गया की उनके नानी का तबियत ख़राब है, तो मेरी सासु माँ बोली बेटा, मुझे जाना जरूरी है.
तुम और सिमर दोनों यही रहो, कल मैं दोपहर तक आ जाउंगी. और वो अपने मायके यानी के मामा जी के यहाँ चली गई.अब मैं आपको अपने साली के बारे में बता दू. जैसा की आपको नाम पता चल गया है, सिमर, सिमर बहूत ही खूबसूरत है, भगवान् ने बड़े ही फुरसत से उसको बनाया है, एक एक अंग उसका ऐसा लगता है दूध से धुला है, गजब की पर्सनालिटी दी है ऊपर बाले ने, अभी बहूत भरी पूरी नहीं है वो जवानी की दहलीज पर ही है, अभी वो १८ साल की है, दोस्तों जब मेरी सासु माँ अपने मायके चली गई तो मेरी नियत ख़राब हो गई उसको देखकर, मेरे अंदर का वासना जाग उठा, मुझे लगा की मेरा माल कोई पहले खा जाए इसके पहले मैं ही क्यों ना खाऊं, अब मेरी निगाह चेंज हो गई थी उसको देखकर, सासु माँ के जाते ही वो बोली जीजू, मैं नहा कर आती हु, फिर हम दोनों कहना खायेगे, मैंने कहा ठीक है मैडम जैसी आपकी आज्ञा.आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। उसके बाद मेरी साली बाथरूम में चली गई.
मैं अपने कमरे से निकला और उसके बाथरूम के पास पंहुचा, अंदर नल चलने की आवाज आ रही थी, मैं दरवाजे के एक छोटे से होल से देखा तो वो मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दी, पहले तो मैंने सिमर के पीछे देखा, गांड गजब की गोरी, पीठ मजेदार, और वो पानी का मग डालना और पानी निचे तक ससर कर गिर जाना, ओह्ह्ह मैं तो सोच रहा था काश मैं पानी होता तो मैं पुरे बदन को सहलाते हुए निचे आता, तभी वो फिर मेरे तरफ घूम गई. दोस्तों मैं तो पागल हो गया और मेरे मुह से अनायास ही ओह्ह माय गॉड की आवाज निकला और फिर मैंने बोला क्या माल है यार. दोस्तों गुलाबी होठ, लंबी गर्दन, निम्बू की तरह छोटी छोटी बूब्स, ऊपर से कत्थई रंग की निप्पल उसपर लगे छोटे से मटर के दाने, सपाट पेट, चूत के पास एक दम साफ़ और गोरी, जंघे गोरी और वो पानी डालते डालते साबुन अपने बूब्स पे अपने पेट पे अपने आर्मपिट पे गांड पे चूतड़ पर, चूत के एरिया में, क्या बताऊँ दोस्तों मैंने अपना लंड निकाल लिया हाथ में, लगा की यही हस्त्मैथुन कर दू, पर रूक गया, मैंने सोचा की अगर मैंने गिरा दिया तो गलत हो जायेगा, आज किसी तरह से मुझे चुदाई करना है. तभी उनका नहाना हो गया और मैंने वह से फिर अपने कमरे में आ गया.
दोस्तों वो निकली तो मैं वही सोच रहा था काश उनके बूब्स को जीभ से सहलाता तो कितना मजा आता, क्यों की मेरे सामने पूरा बदन आ रहा था, वो आई और बोली मैं कहना निकालती हु, वो दो थाली में कहना निकाली, और मैंने चाल चलना शुरू कर दिया, मैंने बोला सिमर क्यों ना आज एक ही थाली में खाते है, मैंने और आपकी दीदी दोनों साथ ही खाते है, तो आप मुझे यहाँ अकेले खिलाओगी, तो उन्होंने कहा तो आप थोड़े देर में आप कहोगे की सिमर आपकी दीदी मेरे साथ सोती है तो आप भी सोओगे, मैंने समझ गया की ये अब सब बात को समझने लगी. मैंने कहा क्या होगा अगर सो ही जाओगी तो? तो सिमर बोली नहीं जी मैं अभी छोटी हु मैंने कहा सिमर अब आप छोटी नहीं हो. अब आप बड़ी हो गई हो, और मैं आज आपको छोड़ने बाला नहीं हु, सिमर बोली ना बाबा ना मैं नहीं सोऊंगी मैंने सोचा की अभी जल्दबाजी करना सही नहीं धीरे धीरे लाइन पर लाएंगे.और हम दोनों ने कहना खाया, और फिर बेड पर बैठकर, हम दोनों लैपटॉप में मूवी देखने लगे, हम दोनों पेट के बल झुक कर मूवी देखने लगे. उनके टॉप्स के गले के पास से उनकी दोनों बूब्स मुझे दिखई देने लगी और मेरा लंड फिर से खड़ा होने लगा, सिमर की नशीली आँखे मुझे बैचेन करने लगी. और मैंने फिर सिमर को बोला सिमर, आपके होठ बहूत ही गुलाबी है. तो वो बोली क्यों दीदी की भी तो गुलाबी है, तो मैंने कहा दीदी का तो रोज चूसता हु, पर ये होठ तो सिमर बोली अच्छा माँ नहीं है तो मौके का फायदा उठाना चाहते हो. आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है।
मैंने कहा नहीं जी. सच में आपको बहूत चाहता हु, काश मेरी शादी आपके साथ होती तो सिमर बोली चलो मान लो की मेरी शादी आपके साथ होती तो क्या होता, तो मैंने कहा मैं तो रात दिन आपके अपने बाहों में लिए रखता.. दोस्तों ये बात सुनकर उनके मन में भी शायद कुछ होने लगा., और वो चुप हो गई. मैंने कहा सिमर. सच कह रहा हु, मैं आपको बहूत प्यार करता हु, वो चुप रही और मैंने उनके होठ को अपने ऊँगली से छु दिया.वो चुपचाप ही रही, मैंने फिर उनके होठ को किश कर दिया, तो सिमर बोली आप ये बात दीदी को तो नहीं बताओगे, मैंने कहा मैं क्या पागल हु, जो ये बात बताऊंगा. और मैंने सिर्फ ये रिश्ता आज के लिए ही रखना चाहता हु, ताकि आपको भी सब कुछ समझ आ जाये, सिमर बोली ठीक है. और मैंने इतना सुनते ही उनके ऊपर चढ़ गया और होठ को चूसने लगा. धीरे धीरे वो भी गरम हो गई और फिर वो भी मेरे बाल को पकड़ते हुए मेरे होठ को चूसते हुए वो अपना जीभ मेरे मुह में डालने लगी. और मैंने भी वाइल्ड तरीके से यानी की इमरान हाश्मी के स्टाइल में किश करने लगा.
फिर मैंने उनके ड्रेस उतार दिए मैंने भी अपना कपडा खोल दिया, पहले तो मैंने जम कर उनके नीबू के भांति बूब्स को खूब पिया, फिर निचे आकर चूत चाटा,ल उनकी चूत काफी लाल थी और अंदर कोई भी छेद दिखई नहीं दे रहा था, मैं समझ गया की वो आज तक कभी चुदाई नहीं की है. और मैंने कहा घुसाऊं चूत में तो वो बोली ठीक है धीरे धीरे, और मैंने अपने लंड पे थोड़ा थूक लगाया और उनके वर्जिन चूत पे रखा और, तीन चार बार कोशिश करने के बाद मैंने चूत पे लंड की डाल दिया, उसके बाद वो चिल्ला उठी, दर्द हो रहा है. दर्द हो रहा है, मैंने अपने लंड को बाहर नहीं निकाला, और फिर मैंने उनके बूब्स को सहलाने लगा. वो धीरे धीरे चुप हो गई और मैंने अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा. मेरे लंड में खून लगा था, आप ये कहानी रियल हिंदी सेक्स स्टोरिज़ डॉट कॉम पर पड़ रहे है। अब वो धीरे धीरे मजे लेने लगी. और फिर तो दोस्तों क्या बताऊँ, कभी ऊपर से कभी निचे से कभी बैठ कर कभी खड़े होकर, हम दोनों पोर्न स्टार की तरह चुदाई करने लगे. रात भर बरसात हो रही थी और मैं सिमर को चोदे जा रहा था और खूबसूरत शरीर का आनंद ले रहा था.24 घण्टे में मैंने करीब १० बार सिमर को चोदा, मैंने सिमर के वर्जिन चूत की धज्जियाँ उड़ा दी. वो सुबह चल नहीं पा रही थी क्यों की पहली बार लंड का मजा लिया था, दोस्तों ये मेरी ज़िन्दगी की सबसे खूबसूरत माल की चुदाई थी. मुझे पता है की मैं इसको पूरी ज़िन्दगी नहीं भूल पाउँगा.कैसी लगी साली की चुदाई कहानियों , अच्छा लगी तो जरूर रेट करें और शेयर भी करे

साली की नई नवेली चुत और बूब्स का मज़ा लिया sali ki nai naveli chut or boobs ka maja liya

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रौशनी ने पिछले साल से ही ब्रा पहनना चालू किया था। वह 18 की हो गयी थी। उसके चुचियां 28 इंच से भी छोटे थे। पर गांड का उभार बढ़ आया था। मेरी वाइफ निमिषा की छोटी बहन हे रौशनी। और अपने नाम के मुताबिक़ वो सच मे रौशनी ही हे। उसकी एज इतनी हे की मासिक स्टार्ट हो गई हे और उसे चुदाई मे अच्छा बुरा पता लग गया हे। वैसे मै उसके प्रति आकर्षित नहीं होता। पर एक दिन दोपहर मे मै जब अपनी बीवी के साथ संभोग कर रहा था। तब मै उसकी दो नीली आँखों को खिड़की के एक छेद से बारी बारी अन्दर झांकते हुए देखी।

मेरी ये कच्ची उम्र की साली अपनी बहन और जीजा यानी की मुझे चोदते हुए देख रही थी। मैने देख के भी अनदेखा किया। ऊपर से उस दिन मैने उसकी बहन को ऐसे चोदा की उसकी सिसकियाँ निकलती रहे। और उसे चुदाई का फुल मजा आये। रौशनी ने एंड तक हम दोनों की चुदाई को देखी और फिर मेरा छुट गया तो वो वहाँ से खिसक ली।

पहले वो मेरे से बहुत मजाक मस्ती करती थी। पर पिछले कुछ वक्त से वो उखड़ी सी रहती थी। मुझे देख के या तो डरती थी या शर्मा जाती थी। मै भी समझता था की इस उम्र मे शरीर मे बहुत बदलाव होते हे। मैने रौशनी को गिफ्ट देना और उसकी दीदी घर पर ना हो तो सेड्युस करना चालू कर दिया था। वो हालांकि मोस्ट ऑफ़ ऐसा नहीं होने देती थी की हम दोनों घर मे अकेले हो। अरे हां मै बोलना भूल गया की वो अपनी पढ़ाई की वजह से हमारे साथ मे रहती हे। उसके माँ बाप यानी की मेरे सास ससुर गाँव मे हे। बहन जीजा इसी शहर मे हे तो तू उन्के घर ही रह ले ऐसा उसे कहा गया था। और मेरे ससुर जी मुझे हर महीने उसकी खर्ची देते थे।

फिर एक दिन मै और रौशनी घर पर अकेले थे। मेरी वाइफ अपने लिए शोपिंग करने के लिए गई थी। रौशनी सोफे के ऊपर बैठी हुई थी टीवी देखने के लिए। मै उसके पास मे ही बैठ गया। उसने मुझे देखा और वो जाने लगी। उसका हाथ पकड़ के मैने उसे बिठा दिया वापस और कहा, कहाँ भागती हो?

वो बोली, जीजू कुछ काम याद आ गया।

मैने कहा, फिर कर लेना।

वो बैठी। मैने अपनी जांघो को उसकी जांघो से लगा दिया था। वो काँप सी रही थी। उसका ध्यान टीवी मे नहीं था। ना ही मेरा! मेरा लण्ड पेंट मे मोंस्टर बन रहा था। वो जोर जोर से साँसे ले रही थी। और फिर वो भाग खड़ी हुई वहाँ से। मेरा लण्ड धरा का धरा रह गया। मैने सोचा की साली के अन्दर वासना की आग को पूरी तरह से भडकाना पड़ेगा। उसी शाम को मै रेलवे स्टेशन पर गया। वहां पर बुक वाले से मटिरियल माँगा गरम। उसने मुझे पोर्न फोटोस की और चुदाई की कहानियाओं की एक किताब बबिता भाभी दिखाई। बबिता भाभी नाम की किरदार कैसे अलग अलग लोगों के लण्ड लेती हे उसकी कहानियाँ थी उसके अन्दर। मैने फट फट पेज बदले तो उसका और उसके जीजा का भी एक चेप्टर था। मैने किताब खरीदी और फिर घर आ गया।

फीर मैने जीजा साली के काण्ड के चेप्टर मे रौशनी, आई लव यु और रौशनी इस वेरी चुदाईी वगेरह अपने पेन से लिखा। कहानियाँ पढ़ी तो वो सब की सब मसालेवाली थी और लण्ड खड़ा हो गया मेरा। मै जानता था की रौशनी इसे पढेगी तो उसकी चुत मे भी आग लगेगी।

अब मुझे इन्तजार था बीवी के कही जाने का। और वो दिन पुरे महीने के बाद आया। बीवी को ऑफिस मे से दो दिन के लिए जाना था। मैने अपनी ऑफिस की मीटिंग का बहाना बताया और नहीं गया। बीवी के जाने के बाद मैने बबिता भाभी की किताब निकाली और उसे रौशनी के रूम मे चुपके से रख आया। मोएँ ऑफिस से जल्दी आ गया वापस रौशनी के कोलेज के आने से पहले ही। फिर मै एक बरमूडा पहन के बैठा और अन्दर मैने कुछ नहीं पहना था। रौशनी आई और वो कमरे मे गई। मैने किताब ऐसी रखी थी की उसकी नजर फट से पड़े उसके ऊपर।

रौशनी के कमरे की विंडो ससे छिप के देखा तो वो किताब के पन्ने फेरने लगी। शायद उसने थोडा बहुत पढ़ा भी। फिर शायद उसकी नजर रौशनी आई लव यु वगेरह के ऊपर पड़ी। वो मन ही मन हंस रही थी। और उसने वो कहानी पूरी पढ़ी। बबिता भाभी का किरदार सविता भाभी से भी रोचक था इसलिए उसकी चुत गर्म हो गई। उसने एक बार अपनी चुत को सहलाया और फिर वो किताब को रख के नहाने के लिए चली गई।

वो नहा के आई तो मै उसके पीछे बाथरूम मे घुसा। जानबूझ के मै तोवेल नहीं ले गया अपने साथ। मैने रौशनी की पेंटी देखी और उसे सूंघी। नाजुक चुत की खुसबू सूंघी और मेरे लण्ड मे तूफ़ान आ गया। मैने शावर ओन किया और नहाने लगा। फिर पांच मिनिट के बाद्द मैने अपने लण्ड के ऊपर साबुन लगा के हलकी सी मुठ मार के लण्ड को एकदम कडक कर लिया।

फिर मैने आवाज लगाईं, रौशनी प्लीज़ तोवेल देना मुझे।

वो शायद बाल ही सुखा रही थी अपने। मेरी आवाज सुन के वो तोवेल ले के आई। उसने हलके से नोक किया दरवाजे को और बोली, जीजू।

मैने दरवाजे को ऐसे खोला की वो मेरे नंगे बदन और लण्ड दोनों को देख सके। उसकी नजर मेरे लण्ड पर पड़ी और उसने मुहं फेर लिया और अपने हाथ को अन्दर कर के तोवेल देने लगी। मैने हिम्मत कर के उसके हाथ को पकड़ा और वो मुझे देखने लगी। उसकी आँखों मे बहुत कुछ था, शायद वासना भी!

मैने और हिम्मत कर के उसे बाथरूम मे खिंच लिया। वो बोली, जीजू मै भीग जाउंगी।

मैने कुछ नहीं बोला और उसे अपने बदन से लगा के उसके होंठो को चूसने लगा। वो छटपटाइ पर मेरी गिरफ्त से निकलने नहीं दिया मैने उसे। वो अपने चुचियों के भीगने को देख रही थी और मै उसके होंठो को जोर जोर से चूसने लगा। एक मिनिट तक उसका आखरी संघर्ष चला। और फिर उसके हाथ मेरी कमर के ऊपर आ गए। वो मुझे अपनी तरफ खिंच रही थी। मैने उसे दिवार से लगा दिया और उसके होंठो को चूसते हुए उसके पतले गाउन के ऊपर से उसकी जवान चूचियां मसलने लगा। मेरा लण्ड एकदम खड़ा था और उसकी चुत के बहुत ऊपर था। मै हाईट मे उस से काफी लम्बा था इसलिए मेरा लण्ड उसकी छाती के निचे टच हो रहा था। रौशनी की गांड पर हाथ दबा के मैने उसके एस चिक्स को खोला और दोनों बम्स को प्यार से मसल दिए।

मेरे होंठो के ऊपर मेरी इस जवान साली की सिसकियों का अहसास हुआ। मैने अपने होंठो को अब उसके लिप्स से हटा के उसकी छाती के ऊपर रखा। चुचियों के ऊपर के हिस्से को चूसते हुए मैने उसकी कमर मे हाथ को लगा दिए और वो भी अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर के चुदास का अहसास करवा रही थी। मैने उसके हाथ मे अपना लण्ड पकड़ा दिया। वो लण्ड को मुठ्ठी मे ऐसे दबा रही थी जैसे किसी ने बड़े काम की चीज दे दी थी उसे।

फिर मैने उसके गाउन को फाड़ ही दिया। उसने ब्रा नहीं पहनी थी। फिर मैने उसके स्कर्ट को भी फाड़ा और अंदर की पेंटी को भी। फिर उसे दिवार पकड़ा के खड़ा कर दिया। हमारे ठीक ऊपर शावर था और उसके पानी के फ़ोर्स से मेरी आँखे बंद हो रही थी इसलिए मैने उसे एकदम स्लो कर दिया। रौशनी का मुहं दिवार की साइड कर के मै निचे बैठा और उसकी जांघो के पिछले हिस्से के ऊपर अपने गर्म होंठो का अहसास दिया उसे। वो सिहर उठी और मैने उसकी दोनों जांघो को हाथ मे पकड़ के हिलाई। वो चुदास के मारे अह्ह्ह अह्ह्ह्ह करती रही। मैने अपने हाथो को और ऊपर किया और गांड के निचे के हिस्से को दबाया। वो मस्तिया गई। मैने उसके एस चिक्स को खोला। उसकी गांड चिकनी थी और स्लाईट ब्राउन रंग का एसहोल था उसका। मैने साबुन हाथ मे ले के उसकी गांड पर लगाया। शोवर का पानी उसे अपनेआप धोने लगा। रौशनी थिरक उठी। उसकी ये पहली चुदाई थी शायद।

मेरे लण्ड के भी बारह बजे हुए थे। मैने रौशनी की चिक्स को खोला और अपनी जबान से उसकी गांड के छेद को थोडा हिलाया। उसकी मुठ्ठियाँ बंद हो गई और इस चरम सुख को लोक करने लगी वो। मैने दोनों एस चिक्स को खोल के अपनी जबान अब और भी जोर जोर से रगड़ी उसके छेद पर। अह्ह्ह्ह अह्ह्ह कर बैठी मेरी ये कच्ची उम्र की साली!

मै गांड को चाट के आगे हाथ कर के उसकी चुत को भी सहलाने लगा था अब। उसके लिए ये सब बहुत था और उसकी सिसकियाँ बढती ही जा रही थी। मैने रौशनी की चुत के ऊपर हाथ रखा तो वो एकदम गरम थी। मैने उसे अपनी तरफ घुमाया। उसकी चुत जैसे मेगो के अंदर छुरी मार के काटी हो पर फांको को अलग न किया हो वैसी थी। खड़ी दरार के ऊपर ऊँगली घिसी मैने तो वो एकदम गरम थी और अन्दर से पानी भी छूटा हुआ था। मैने ऊँगली को चाट लिया। रौशनी आँखे बंद कर गई थी। शायद उसकी मुझे फेस करने की हिम्मत नहीं थी। मैने उसकी चुत की फांको को खोला। मेरे सामने एक हसीन और एकदम टाईट चुत थी। जिसे चोदने के ख़याल से ही मेरे लण्ड मे वासना का एक अलग ही सैलाब उमड़ रहा था।

रौशनी की एक टांग को उठा के मैने अपने कंधे के ऊपर रखा और अपने मुहं को उसकी चुत की तरफ घुसाया। जाहिर हे की उसकी फांके खुल गई। मैने जैसे ही अपने होंठो को उसकी चुत पर लगाया उसके अंदर की औरत की वासना का सैलाब निकल पड़ा। अह्ह्ह्ह अह्ह्हह्येस्स्स्स जीजू अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह आह्ह्ह मजा आ रहा हे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह!

उसने मेरे बाल जोर से पकडे हुए थे। और मै चुत को आइसक्रीम के जैसे चाट के उसे लिकिंग का प्लीजर दे रहा था। वो भी एकदम मस्ती मे मुझे अह्ह्ह अह्ह्ह की सिसकियों से पागल बना रही थी। मेरी जीभ जब उसके छेद मे घुसी तो उसकी बस ही हो गई। एक दो लिकिंग के अन्दर ही उसके योनी के रस मेरी जीभ पर आया छूटे और उसके बदन मे झटके से लगे। वो खाली हो गई और उसके पाँव मे एनर्जी कम होती लगी। मैने उसके दुसरे पाँव को भी अपने कंधे के ऊपर ले लिया। उसका पूरा वेट मेरे ऊपरथा अब। वो दिवार के सहारे मेरे कंधो के ऊपर सवार थी और मै अपनी इस हसीन और कच्ची साली की चुत को और जोर जोर से चाट रहा था।

एक मिनिट और मैने उसकी चुत को ऐसे जोर जोर से चूसा। और फिर वो निचे उतर गई अपने आप ही।

मै उसे पहले चुदाई मे ज्यादा जोर नहीं करना चाहता था इसलिए मैने उसे ब्लोवजोब के लिए पूछा भी नहीं। बाथरूम के फर्श के ऊपर उसे लिटा के मैने उसके पुरे बदन के ऊपर साबुन लगाया। और फिर शावर फुल कर के उसे नहला दिया। फिर मैने अपने लण्ड को उसकी चुत के ऊपर रख के उसकी टांगो को खोला। लण्ड सही जगह लगा था क्यूंकि मुझे सुपाडे के ऊपर गर्मी और चिपचिपेपन का अहसास हो गया था। रौशनी को किस कर के जैसे ही मैने एक झटका दिया। उसकी अंतड़ियो मे जैसे लण्ड घुसा दिया हो वैसे अप अपने पेट को पकड़ के जोर से चीख पड़ी, अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह्ह आह्ह्ह्हह्ह जीजू अह्ह्ह्ह, मर गई अह्ह्ह्ह निकालो प्लीज!

मैने उसे आगे कुछ कहने नहीं दिया और उसके होंठो के ऊपर अपने होंठो को रख के चूमने लगा। वो उह्ह उह्ह कर रही थी पर उसके होंठो बंद थे इसलिए कुछ बहार नहीं आ रही थी आवाज। मेरा आधा लण्ड उसकी चुत मे था। वो एक मिनिट छटपटाई और मैने उसे किस किये और उसके चुचियों मसले। फिर वो थोडा एडजस्ट हुई और शांत भी। मैने तभी एक और झटका दे के अपने साड़े पांच इंच के लण्ड मे से पुरे 5 इंच अन्दर कर दिए। वो दर्द से बौखला उठी। पर उसे भी पता था की कुछ देर मे शांति मिलेगी। वो मेरे सिने से लिपट गई और अपने नेल पोलिश वाले नाख़ून से मेरी पीठ को खुरचने लगी।

उसे शांति मिल गई थी। और अब वो मुझे सपोर्ट करने लगी थी। उसकी कमर हिलने लगी थी। और उसकी ग्रिप ढीली हुई थी। मैने उसके होंठो को आजाद किया और वो बोली, बाप रे जीजू इट पेइन्स अ लोट!

मैने कहा, जानू यु विल एन्जॉय इट, ट्रस्ट मी!

वो मेरे गले लग गई और मैने लौड़े को उसकी चुत मे चलाने लगा। उसकी कमर भी हिल रही थी और वो मेरे लण्ड से चुदने के मजे को लूट रही थी। उसकी गांड ऊपर निचे हो रही थी और वो मजे से चुदवाने लगी थी। मेरे लण्ड और उसके चुत का संगम एकदम टाईट था क्यूंकि आज उसका ओपनिंग जो था, उसने अपनी चुत से बहते हुए खून को देखा नहीं था। और शावर ओन होने की वजह से वो सब पानी के साथ बह रहा था। इसलिए मै आश्वस्त था की वो देखेगी भी नहीं शायद तो।

मेरे झटके तीव्र होते गए और रौशनी की सिसकियाँ भी। उसे भी अब लण्ड लेने मे मजा आने लगा था। पहले चुदाई मे ज्यादा इधर उधर करना ठीक नहीं था। इसलिए मै रौशनी को सामान्य और प्रचलति मिशनरी पोज मे ही चोदना चाहता था। और इस पोज़ मे उसने भी जान लगा दी अपने जीजा यानी की मुझे खुश करने के लिए।

मैने उसे 10 मिनिट चोदा और उसकी चुत फिर से सावन भादों हो गई। मेरे लण्ड के ऊपर चिपचिपाहट आई। और मेरे लण्ड को उसकी वजह से अलग ही उत्तेजना सी हुई। 2 मिनट के अन्दर मेरे लण्ड के पानी ने उसकी चुत को भर दिया। वो थक हे वही लेटी रही। मैने जब लण्ड को अपनी इस हॉट साली की चुत से निकाला तो उसके ऊपर वीर्य और उसकी चुत का पानी लगा हुआ था। रौशनी को मजा आ गया था और उसकी पुष्टि उसने मुझे गले लगा के की।

मैने रौशनी को साबुन से रगड़ रगड़ के साफ़ किया। अच्छा हुआ की उसने अपना खून नहीं देखा वरना बहुत डरती। पर शावर चालू होने की वजह से खून चोदने के समय ही सब बह गया था।

फिर मै उसकी चुत के अन्दर पानी की पिचकारी मारी ताकि वो गर्भ से ना हो जाए। कपडे पहन के मै सीधे मेडिकल गया और एक पेक्ट कंडोम और अनवांटेड टेबलेट ले आया। रौशनी को और कुछ घंटे चोदने का चांस था इसलिए मैने अगले दिन के लिए बॉस को फोन कर के छुट्टी भी ले ली!

जीजू ने मुझे घर में अकेले पाया तो कसकर चोद लिया jiju ne muje ghar me akela paya to kaskar chod liya

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दोस्तों, मैं २५ साल की एक जवान चोदने लायक सामान हूँ। मैं सैनिक फार्मस नई दिल्ली की रहने वाली हूँ। जबसे मैंने पिछले कुछ सालों से नॉन वेज स्टोरी की रसीली कहानियां पढनी शुरू की है, मैं इसी निष्कर्ष पर पहुची हूँ की अगर जिन्दगी में चुदाई ना हो तो जिन्दगी कितनी बेकार, बोरिंग और बदरंग हो जाती है। इसीलिए मैं अपने जीजू से पट गयी थी और कई बार चुद गयी थी।

मेरे जीजू दिल्ली में मथुरा रोड वाले मर्सिडीस के शोरूम में मैनेजर है। वो आई आई एम् अहमदाबाद से एम् बी ए है और उनको ६० लाख का पैकेज मिला हुआ है। इसलिए वो बहुत पैसा कमाते है और मेरे उपर तो बहुत पैसा उड़ाते है। एक दिन जीजू ने कहा की चलो तुमको पिक्चर दिखा लाऊं, वो मुझे पीवीआर साकेत माल में ले गये और उन्होंने किसी विदेसी एडल्ट फिल्म की टिकट ले ली। उस फिल्म में शुरू से अंत तक बस गर्म गर्म चुदाई वाले ही सीन थे। जीजू ने सिनेमाहाल में ही मेरे ३४” के बड़े बड़े मम्मे जीभर के दाबे और जन्नत का मजा लिया, फिर वो मुझे एक रेस्टोरेंट में खाना खिलाने ले गये, हम लोगो ने जीभरकर खाना खाना।

जीजू ने अपनी कार पार्किंग में अँधेरे में पार्क की थी। उन्होंने अँधेरा देखा तो उनके दिमाग में मुझे चोदने का मस्त प्लान आया।

“ऐ….रजनी चल तेरी कार में चुदाई करता हूँ!!” जीजू बोले

“क्या…..जीजू…..नही यहाँ पर नही!!” मैंने कहा

पर वो नही माने। पेड़ के नीचे हम लोगो की कार पार्क थी, वहां बहुत अँधेरा था। जीजू ने मुझे कार में अंदर बिठा लिया और मेरे मम्मे को छूने लगे। मैं बाहर से नही जीजू…..नही जीजू….कह रही थी, पर असलियत में मैं भी चुदना चाहती थी। मैंने एक माल से पीला बहुत सुंदर टॉप और डेनिम जींस खरीदी हुई थी, इस वक़्त मैंने वही पीला टॉप और जींस पहन रखा था। धीरे धीरे जीजू मेरे टॉप के उपर से ही मेरे मस्त मस्त दूध दबाने लगे और मेरी चूत में जींस के उपर सहलाने लगे। कुछ देर बाद मैंने पाया की जीजू मेरे पीले रंग के टॉप को निकाल चुके थे और मेरी ब्रा भी उन्होंने निकाल दी थी। कार की बैकसीट पर उन्होंने मुझे लिटा दिया था और मेरे नंगे, बड़े बड़े फूले फूले और गोल गोल दूध वो बड़े मजे से पी रहे थे। मेरी चुच्ची उनके मुंह में थी, उसे उन्होंने कसकर हाथ से पकड़ रखा था और दबा दबाकर मेरे दूध पी रहे थे और जन्नत के मजे ले रहे थे।

मैं प्लीसससससस…जीजू…….प्लीससससस…….उ उ उ….मुझेझेझेझेझे…कसकर चूसो मेरे आमममम … उ उ उ उ उ……अअअअअ” मैं चिल्ला रही थी। आज जीजू फुल मूड में थे। मैं सब जानती थी, आज वो मुझे किसी माल की तरह चोदना चाहते थे, मेरे भोसड़े में वो अपना लंड डालकर मुझे कसकर कूटना चाहते थे। मैं ये बात अच्छी तरह से जानती थी। हम दोनों उस रेस्टोरेंट के कारपार्किंग में अँधेरे में मजे ले रहे थे। जीजू की हौंडा असेंट कार बहुत की मस्त थी और सीट बहुत लम्बी और बड़ी थी। भूरे मखमली लेदर सीट मैं लेटी हुई थी, जीजू ने कुछ देर बाद मुझे पूरी तरह से नंगा कर दिया और मेरी जींस और टॉप निकाल दिया, फिर मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। मैं बहुत गर्म हो गयी थी और चुदना चाहती थी। फिर मेरे प्यारे जीजू ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और पूरी तरह से नंगे हो गये।

मैंने उनका ८” का मोटा और ताकतवर लौड़ा साफ़ साफ़ देख सकती थी। जीजू का मोटा लौड़ा मुझे चोदने को बेक़रार था। फिर वो मेरे नंगे मम्मे को मुंह में लेकर पीने लगे और मजे मारने लगे। मैं बहुत चुदासी हो गयी थी और जल्दी से चुदवाना चाहती थी। मैं अई…अई….अई……अई, इसस्स्स्स्स्स्स्स् उहह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्ह की मीठी मीठी आवाजे निकाल रही थी। जीजू तो किसी बेकरार आदमी की तरह मेरे दोनों मम्मे मजे लेकर चूस रहे थे। फिर वो मेरी चूत पर आ गये और उसे मजे से पीने लगे। वो बार बार किसी चुदासे कुत्ते की तरह लपर लपर करके मेरी चूत पीने लगे। कुछ ही देर में मैं बहुत जादा गर्म हो गयी। मेरी चूत जो पहले काफी कड़ी और सख्त थी, वो अब काफी नर्म हो गयी थी।

उम्म्मम्म..जीजू ने मेरी बुर को बड़े प्यार से चाटा था, सायद तभी मेरी बुर इतनी गीली और तर हो गयी थी। मैंने देखा की मेरी चूत से माल निकल रहा था, सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ी क्रीम मेरी चूत से निकल रही थी, जिसे जीजू मजे लेकर पी रहे थे। शायद मेरी दीदी को भी वो इसी तरह बुर चाट चाटकर चोदते होंगे, मैं सोचने लगी। फिर जीजू मेरे चूत के दाने को दांत से पकड़कर खीचने लगे, तो मैंने अपनी गांड उठा दी। कुछ देर बाद जीजू ने उस कार पार्किंग के अधेरे में ही अपनी कार में मेरी रसीली चूत में लंड डाल दिया और मुझे चोदने लगे। मुझे बहुत मजा मिल रहा था। बड़ी मीठी मीठी नशीली रगड़ वो मेरे भोसड़े में दे रहे थे। मैं तो ताजुब कर रही थी की छोटी सी चूत में आखिर इतना बड़ा लौड़ा जाता कैसे है??…यही मैं बार बार सोच रही थी।

पर शायद चुदाई का करिश्मा उपर वाले ने ही बनाया था, जो इतनी छोटी सी बुर में ८ ८ १० १० इंच के लौड़े आराम से चले जाते है और लडकी को कस कसके चोदते है। जीजू मुझे पकापक चोदते रहे। उस रात जीजू ने मुझे कार पार्किंग में डेढ़ घंटे चोदा और मेरी गांड मारी। फिर हम लोग अपने अपने कपड़े पहन कर घर आ गये थे। जब मेरी दीदी ने पूछा की इतनी देर कहा हो गयी तो जीजू ने कहा की कुछ दोस्त मिल गये थे। इसतरह मैं अपने जीजू से पट चुकी थी और कई बार चुद चुकी थी।

दोस्तों, कुछ दिनों बाद रक्षाबंधन का त्यौहार आया तो मेरी दीदी और जीजू मेरे घर आने वाले थे। जब मेरी मम्मी ने बताया की दीदी और जीजू आ रहे है तो आज फिर से इतने महीने बाद मेरा चुदवाने का दिल करने लगा। आज ७ अगस्त था और आज ही रक्षाबंधन था। कुछ देर में मेरी दीदी और जीजू मेरे सैनिक फार्म्स वाले बंगले पर आ गये। मेरी दीदी ने मेरे भाई के राखी बांध दी। कुछ देर बाद मेरी माँ, दीदी और भाई मार्केट सामान खरीदने चले गये। अब घर पर मैं और जीजू अकेले थे। जैसे ही मेरी मम्मी, दीदी और भाई चले गये,जीजू से मुझे पकड़ लिया।

“रजनी!!….मेरी साली! तुमको चोदे हुए ८ महीना से जादा हो गया। आज तो मुझे हर हालत में तुम्हारी चूत मारनी है!!” जीजू बोले

मैंने शर्माने लग गयी। उन्होंने मुझे पकड़ लिया और बेडरूम में ले गये। जीजू मुझे मेरी माँ के बेडरूम में ले आये। इसी कमर में, इसी बेड पर मेरी माँ रोज पापा से मजे से चुदवाती थी, और आज मैं जीजू से इसी बेड पर चुदने वाली थी। धीरे धीरे जीजू ने मुझे छूना और किस करना शूरू कर दिया।

“जीजू!!…आप नही जानते पर मैं भी आपसे चुदना चाहती हूँ!!…आप ने उस दिन रेस्टोरेंट की कार पार्किंग में मेरी क्या मस्त चुदाई की थी। जीजू मैं पुरे महीने सिर्फ आपके बारे में ही सोच रही थी। सच में आपका लंड बहुत बड़ा और रसीला है!!” मैंने कहा

“रजनी…..मेरी साली!! कभी अपनी दीदी से पूछना। सारी सारी रात वो मेरा मोटा लौड़ा खाती है और मजे से चुद्वाती है!!” जीजू बोले

“……तो फिर ठीक है जीजू……आप आज मुझे इस तरह चोदो जैसे आप दीदी को पेलते है!!” मैंने कहा

“ओके रजनी…..पर अगर तुमको मेरी ठुकाई अच्छी लगी तो तुम मुझे गांड दोगी!!” जीजू बोले

“डन!!” मैंने कहा

उसके बाद उन्होंने मेरा सलवार सूट निकाल दिया। हर बार वो ही मुझे नंगा करते थे, पर इस बार मैंने ये किया। मैंने जीजू के शर्ट पेंट को निकाल दिया। उन्होंने बनियान नही पहनी थी। मैंने उनके अंडरवियर के उपर से ही उनके रसीले ८ इंची लंड को चूसने लगे। जीजू सफ़ेद चादर बिछी बेड में सीधा होकर लेट गये। मैं उनके दिल का हाल अच्छे से समझ रही थी। उनके काल्विन क्लेन के फ्रेंच अंडरवियर में उनका मोटा लौड़ा जाग चूका था और मेरी रसीली चूत मारना चाहता था। पर इस बार चुदाई के बेहद दिलचस्प खेल को मैं ही शुरू कर रही थी। मैं अपनी जीभ लगाकर अंडरवियर के उपर से जीजू का मोटा लौड़ा चूसने लगी। धीरे धीरे लौड़े के माल से उनका अंडरविअर भीगने लगा और माल के निशान उसमे पड गये। कुछ देर बाद मुझसे खुद बर्दास्त नही हुआ, तो मैंने जीजा की काल्विनक्लेन वाली  फ्रेंची उतार दी और मोटे लौड़े को मुंह में लेकर चूसने लगी।

वो धीरे धीरे मस्त हो गये थे। ओह्ह्ह यस…..रजनी तुम अच्छा लौड़ा चूस रही हो…..कमोंन सक इट!!’ जीजू बोले

मैंने उनके बगल बैठकर उनपर झुक गयी थी और लंड को चूस रही थी। इतना बड़ा लंड मैंने आजतक नही देखा था, और सिर्फ ब्लूफिल्मो में देखा था। मेरी दीदी हर रात जीजू से कैसे चुदवाती होंगी मैं सोचने लगी। जरुर दीदी को बहुत मजा मिलता होगा। ये सोचकर मैंने जीजू का मोटा लंड मुंह में भर लिया और मस्ती से चूसने लगी। मैं गले तक लंड  लेकर जल्दी जल्दी चूसने लगी। कई बार तो मुझे साँस ही नही आ रही थी, पर जैसा भी था जीजू का मोटा सांड जैसा लंड चूसने में मजा बहुत मिल रहा था। आज रक्षाबंधन के सुअवसर पर आज मैं फिर से चुदने वाली थी।

मैंने आधे घंटे तक जीजू का लौड़ा और उनकी गोलियां मजे से चुसी। फिर खुद ही उनकी कमर पर बैठ गयी। जीजू ने मुझे हल्के से उपर उठाया और मेरे भोसड़े में अपना ८” लम्बा लौड़ा डाल दिया। मैं लंड को चूत में लेकर जीजू की कमर पर बैठ गयी और उचल उचल कर चुदवाने लगी। इसी तरह की ठुकाई की तकनीक मैंने एक ब्लू फिल्म में देखी थी। धीरे धीरे मेरी कमर खुद ही अपने आप किसी नागिन की तरह नाचने लगी और मैं मजे से चुदने लगी। जीजू ने मेरे मस्त मस्त गोल गोल मदमस्त पुट्ठो को अपने हाथ में भर लिया और सहला सहलाकर मुझे चोदने लगे। मेरे काले घने बालों को जीजू ने खोल दिया, और मेरी घनी घनी जुल्फे इधर उधर हवा में उड़ने लगी, खुले बालों में मैं और जादा चुदासी और कामुक लग रही थी।

जीजू मेरे मस्त मस्त नर्म नर्म पुट्ठों को बड़े प्यार से सहला रहे थे और मुझे चोद रहे थे। फिर उन्होंने अपना सीधा हाथ मेरे कंधे पर रख दिया और नीचे से पट पट करके जोरदार धक्के मेरी चूत में मारने लगे, उनका मोटा पहलवान वाला लंड मेरी चूत को किसी मशीन की तरह जल्दी जल्दी चोद रहा था। मैं पूरी तरह से नंगी थी, मेरे जिस्म पर एक भी कपड़ा नही था, मेरा बदन चुदते चुदते थरथरा रहा था जैसे कोई फोन घू घू वाईब्रेट होता है। जीजा अपने सीधे हाथ से मेरा चिकना कन्धा पकडकर मेरे बदन पर अपनी पकड़ बनाए हुए थे और कसकर मुझे चोद रहे थे। “ओह्ह्ह्ह फक मी हार्डर…जीजू…..ओह्ह्ह यससससस….कमोंन फक मी हार्ड!! ओह्ह माय गॉड….यससससससस यस!! मैं इस तरह से किसी बिच(रंडी) की तरह जोर जोर से चिल्ला रही थी।

मेरे जीजू ६ फुट के लम्बे चौड़े ताकतवर पर्सनालटी के लम्बे चौड़े आदमी थी। मैं ५० किलो वजन की मस्त माल थी, पर जीजू इतने ताकतवर आदमी थे की उनके लौड़े पर मैं किसी हल्के फूल की तरह उचल रही थी। मेरा ५० किलो का भार वो आराम से उठा रहे थे और मुझे उछाल उछालकर मुझे कस कसके चोद रहे थे। मैं पूरी तरह से नंगी थी और उनका मोटा लंड अपनी योनी में लिए बैठी थी। कुछ देर बाद जीजू ने तेज धक्कों के बीच अपना माल मेरी बुर में छोड़ दिया। मैं उनपर लेट गयी और वो मेरे होठ पीने लगे।

“ऊँ….आह्ह्ह्ह ..रजनी……मेरी साली…आज तो तुमने मुझे खुलकर चूत दे दी!! अब बोलो गांड दोगी की नही???”जीजू मेरे चिकने गाल को चुमते हुए बोले

मैं कुछ देर तक कुछ नही बोल सकी क्यूंकि मैं उनके होठ पी रही थी। उनके हाथ अपने भी मेरे सफ़ेद जूसी दूध पर थे, वो आज मुझे चोदकर मेरे साथ सुहागरात मनाना चाहते थे। मैं ये बात जानती थी। कुछ देर बाद मैंने अपना मुंह जीजू के मुंह से हटा लिया।

“अरे!! जीजू…….जब आज तुमने मुझे चोद चोदकर इतना मजा दिया है तो मैं तुमको गांड क्यों नही दूंगी!!….आज तुमको छूट है। रक्षाबंधन के मौके पर आज मार लो मेरी गांड!!” मैंने जीजू को फेस्टिवल ऑफर दिया जैसे वो अपनी कम्पनी में लोगो को त्यौहार पर कार खरीदने में फेस्टिवल ऑफ़र देते थे। उसके बाद जीजू बहुत खुश हो गये। उन्होंने मुझे बेड ने नीचे उतार दिया। उनके कहेनुसार मैंने फर्श पर दोनों पैर रखकर बेड पर लेट गयी। मैं बेड पर लेती थी, पर मेरे दोनों पैर जमीन पर थे। जीजू ने मेरी चूत के नीचे एक नर्म तकिया लगा दी थी। मेरी गांड उनको साफ़ साफ़ दिख रही थी। फिर वो जमींन पर बैठकर मेरी गांड का छेद पीने लगी। मैं पैर नीचे करके लेती हुई थी। जीजू से ५० मिनट मेरी गांड का छेद पिया और जीभ लगाकर चूसा। फिर लंड गांड के बहुत बारीक सुराख में रखकर एक जोर का धक्का मारा। जीजू का ८” लौड़ा पूरा का पूरा मेरी गांड में उतर गया, मैं रोंने लगी, मेरी गांड में बहुत जादा दर्द हो रहा था। पर जीजू नही माने और २ घंटे तक नॉन स्टॉप उन्होंने मेरी गांड चोदी। उस दिन के बाद से हर त्योंहार में मैं अपने जीजू से चुदवाती हूँ। 

प्यासी साली की प्यास छत पर मिटाई pyasi sali ki pyas chhat par mitai -SEX KAHANI IN HINDI

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मैं पुणे से हूँ, मेरी लंबाई 5 फुट 5 इंच की है और लंड का साइज भी लंबा और मोटा है।
मेरे भैया की शादी हुए कुछ ही दिन हुए थे। मैं अपने ऑफिस के काम से भैया की ससुराल वाले शहर गया था। मुझे शाम को वापस आना था.. पर काम समय पर पूरा नहीं हुआ.. तो मुझे वहाँ रुकना पड़ा। मैं जैसे ही वहाँ से निकला.. तो देखा कि ऑफिस के बाहर सड़क पर भैया के ससुर खड़े थे।
मैंने उनको प्रणाम किया और पूछा- आप यहाँ कैसे?
तो उन्होंने कहा- मेरे पास कुंवर जी का फोन आया था कि आप यहाँ आए हो। इसलिए मैं यहाँ आपको लेने आया था और आप हमसे बिना मिले ही जा रहे हो।
‘परन्तु मुझे जल्दी ही वापस जाना है।’
‘ऐसा कभी हो सकता है क्या..? अब तो आपको घर पर ही रुकना होगा।’
भाई की साली ने खातिरदारी की
मैं भी उनकी आज्ञा का पालन करते हुए उनके साथ चल पड़ा। जब हम घर पहुँचे तो सभी ने अपनी परंपरा के अनुसार मेरी बहुत खातिरदारी की.. लेकिन भैया की साली रेखा मेरी कुछ ज़्यादा ही सेवा कर रही थी और मुझे देख कर बार-बार मुस्कुरा रही थी।
मैंने भी मज़ाक करते हुए कह दिया- क्या बात है रेखा जी.. बहुत सेवा कर रही हो.. अगर ऐसे सेवा करोगे तो हम रोज-रोज आने लग जाएंगे।
तो उसने कहा- अभी तो आपने हमारी सेवा देखी ही कहाँ है।
इतना कह कर वो हँसने लगी।
बस ऐसे ही हँसी-मज़ाक चल रहा था। सभी ने खाना खाया और मैं खाना खाने के बाद छत पर टहलने चला गया। कुछ देर बाद छत पर रेखा भी आ गई और उसके साथ भैया के साले और पड़ोस की सहेलियां आई थीं। हम सब मिलकर बातें करने लगे।
रात को 9 बजने वाले थे.. सभी ने मुझसे नमस्ते की और जाने लगे।
मैं उनको सीढ़ियों तक छोड़ने गया।
सभी उतर रहे थे.. तभी किसी ने मेरा पीछे से कुर्ता खींचा। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो यह रेखा की सहेली थी.. जिसने अपना नाम प्रिया बताया था।
उसने धीरे से मेरे कान में कहा- रेखा आपसे प्यार करती है।
वो इतना कह कर वहाँ से चली गई।
उसके बाद मेरे दिल में अजीब-अजीब से ख्याल आने लगे। तभी कुछ देर बाद छत पर रेखा मेरे लिए दूध लेकर आई। सभी लोग नीचे चले गए थे।
मैंने दूध का गिलास पकड़ते हुए रेखा का हाथ पकड़ लिया और बोला- आपकी सहेली हमसे कुछ बोल कर गई है।
रेखा एकदम से डरने लगी, बोली- वो क्या बोली?
मैंने बोला- रेखा यह सच है क्या.. यह आप खुद भी तो बोल सकती थीं।
रेखा बोली- मुझे डर लग रहा था। अगर आप गुस्सा हुए तो बोल दूँगी.. कि वो मज़ाक कर रही थी।
मैंने रेखा का हाथ पकड़ लिया.. तो उसकी साँसें तेज चलने लगीं।
इतने पास से उसके बोबे ऊपर-नीचे होते देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरी वासना जागने लगी। मुझे डर भी लग रहा था.. क्योंकि कोई भी ऊपर आ सकता था।
फिर भी मैंने रेखा के होंठों पर होंठ रख कर किस कर लिया। रेखा ने मुझे कस कर पकड़ लिया और लंबी सिसकारी लेकर मुझे धकेल कर भाग गई। मेरा लंड पैन्ट फाड़ने जैसा हो गया।
प्यासी साली की प्यास छत पर मिटाई
इससे पहले मेरा कोई चुदाई का अनुभव नहीं था.. लेकिन ब्लू-फिल्म्स बहुत देखी थीं।
मुझे अपनी किस्मत पर यकीन नहीं हुआ कि मुझे इतनी जल्दी चूत मिल जाएगी। खैर.. मुझे नीचे से बुलावा आया कि बिस्तर लग गए हैं।
मैं बेमन से नीचे चला गया।
मेरा मन रेखा के पास सोने का था। पर मुझे जिधर बिस्तर दिया गया मैं उधर ही सोने लगा। तभी मुझे तकिए के नीचे कुछ महसूस हुआ.. मैंने हाथ डाल कर देखा तो उसके नीचे एक नोट बुक रखी थी।
मैं उसे पलटने लगा.. तभी उसमें से एक पन्ना नीचे गिरा। मैंने उसे उठा कर पढ़ा.. वह पूजा का ही लिखा हुआ था। उसमें लिखा था कि रात को सबके सोने के बाद छत पर मिलेंगे। दोस्तों आप यह हिंदी सेक्स कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
मैं लेटा-लेटा रेखा के बारे में ही सोच रहा था। रात के ग्यारह बजे मैं उठकर छत पर गया।
कुछ देर बाद रेखा आई, उसने कहा- मम्मी-पापा और भाई अभी अभी सोए हैं।
भाई की साली छत पर चूत चुदवाने आई
रेखा को मैंने अपनी बांहों में भर लिया और रेखा ने खुद ही मेरे होंठों से होंठ लगा दिए। हम एक-दूसरे के होंठों को बुरी तरह चूसने लगे।
मैंने अपना एक हाथ रेखा के बोबे पर रख दिया। उसका बड़ा बोबा मेरे हाथ में पूरा नहीं आ रहा था, मैंने उसके बोबे को नीचे से पकड़ कर दबाया.. तो रेखा ने एक सिसकारी भरी ‘इसस्स्स्स्स्..’
मैंने अंगूठे से उसके पहरेदारों को एक तरफ किया और उसकी गुलाबी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा। उसकी सिसकारियाँ लगातार जारी थी- जी……जू……….ये क्या……….कर रहे……. हो……….आ.हहहहहह जी…..जू………मजजजजजा आाा ररररहा हैं औररररर जोर सेससस चाटटो नााा
गुलाबी चूत से रिस रिस कर नमकीन पानी निकल रहा था, उसे चाटने में मुझे भी मजा आ रहा था और शायद अब रेखा को भी मजा आने लगा था। रेखा अपनी गांड उठा उठा कर मुखचोदन करा रही थी। उसने मुझे कस कर पकड़ लिया, मैंने रेखा को नीचे लिटा दिया और उसके दोनों बोबों को दबाने लगा।
रेखा का हाथ मेरे कूल्हों को सहला रहा था और वो कसके मेरे होंठों को चूस रही थी। मैंने अपना एक हाथ उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत पर रख दिया। रेखा के मुँह से निकला- ओह्ह.. अजय आई लव यू.. मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ।
उसने मेरा हाथ अपनी चूत पर ज़ोर से दबा लिया। मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खींच दिया और पैंटी सहित उसे उसके घुटनों तक खींच दिया। हल्की रोशनी में रेखा की चूत डबलरोटी की तरह फूली हुई एकदम मस्त लग रही थी। मैंने ब्लू-फिल्मों की तरह उसकी दोनों फांकों को दोनों अंगूठों से थोड़ा फैला कर उसके दाने को मुँह में भर कर किस किया।
तभी रेखा ने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मेरे होंठों को चूसने लगी। मैंने अपना लोवर चड्डी सहित नीचे खींच दिया। मेरा लंड झटके से बाहर उछल पड़ा। मैंने रेखा का हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख दिया,
रेखा मेरे लंड को मुट्ठी में पकड़ कर दबाने लगी।
मेरे लंड का आगे का हिस्सा भीग गया था। मैंने फिर अपने होंठों को रेखा की चूत के हवाले कर दिया। रेखा एक हाथ से मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी और एक हाथ अपने मुँह पर रख कर अपनी सिसकारियों को निकलने से रोक रही थी।
रेखा ने मुझे इतनी ज़ोर से अपने बांहों में भरा और दबाया जैसे वो मुझे पूरा अपने अन्दर उतारना चाहती हो। मैंने एक हाथ से रेखा की सलवार को एक पैर से पूरा निकाल दिया। हम पूरे नंगे नहीं हो सकते थे.. क्योंकि इस वक्त हम दोनों खुले में थे।
मैंने उसके कुर्ते को ब्रा समेत ऊपर कर दिया और अपने एक हाथ से उसकी चूत को सहलाने लगा। उसके एक बोबे को मुँह में भर कर चूसने लगा और दूसरा दबाने लगा। दोस्तों आप यह हिंदी सेक्स कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |
हम दोनों एक-दूसरे की जरूरत के हिसाब से खुल गए। मैं अपने लंड को पूजा की चूत पर रगड़ने लगा। रेखा ने वासना में भरते हुए कहा- प्लीज़ इसे अन्दर डाल दो और मुझे अपना बना लो।
हम दोनों फुसफुसा कर बोल रहे थे, मैंने कहा- क्या अन्दर डाल दूं जानू.. अगर ऐसे शरमाओगी तो ये प्यार कैसा हुआ?
उसने मेरा लंड पकड़ा और अपनी चूत के छेद पर रख कर बोली- मेरी जान मेरे इस लंड को अपनी रानी के भोसड़े में (चूत) डाल दो।
मैंने कहा- रानी..
उसने मेरे मुँह पर हाथ रख दिया और बोली- कुछ नहीं बोलो.. आज मुझे पूरी तुम्हारी होना हैं.. कुछ मत कहो।
मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत पर रख कर एक झटका मारा। लंड का अगला हिस्सा उसकी चूत में फंस गया।
उसके मुँह से एक तेज कराह निकल पड़ी ‘उन्ह्ह.. मर गई.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… ओह्ह..’
मैंने सांस रोक कर एक ज़ोर से झटका मारा, मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुसता चला गया। रेखा ने अपने कुर्ते को दोनों हाथों से मुँह में दबा लिया, मुझे उसकी दर्द भरी ‘गूं..गूं..’ सुनाई दे रही थी।
मैं थोड़ा रुक गया और उसके बोबे चूसने लगा। कुछ देर बाद मैंने उसके हाथों से कुर्ते को हटाया। उसकी आँखों पर आँसुओं की बूंदें थीं। मैं उनको पी गया और उसके होंठों पर होंठ फंसा कर एक ज़ोर से झटका मारा मेरा पूरा लंड पूजा की चूत में था।
मुझे अब अपने लंड पर जलन महसूस हुई.. पर यह रेखा की चूत की गर्मी के सामने कुछ नहीं थी। मैं उसके बोबे चूसने और दबाने लगा।
कुछ देर बाद रेखा फुसफुसाई- अजय चोद दे.. अपनी रेखा रानी को..
मैंने झटके लगाने शुरू कर दिए, मेरा लंड उसकी चूत में फँस कर अन्दर जा रहा था। रेखा भी जोश में आती जा रही थी। अगर वहाँ आस-पास कोई ना होता तो वो ज़ोर से चिल्ला रही होती।
वो मस्ती में फुसफुसा रही थी- चोद मेरी जान.. चोद.. आह्ह.. मजा आ रहा है.. आह्ह..
कुछ देर बाद मुझे अपना लंड और ज़्यादा फूला हुआ लगा। मैं ज़ोर-ज़ोर से उसकी चूत में झटके लगाने लगा। रेखा नीचे से गांड उठा-उठा कर चुदवा रही थी और अपने हाथों को मेरी गांड पर रख कर अपनी चूत की ओर खींच रही थी।
थोड़ी देर बाद रेखा ने अपने हाथ और पैर मेरी कमर पर लपेट लिए.. मेरे होंठों को अपने होंठों में भर लिया। मैं ज़ोर-ज़ोर से चूत में झटके मारने लगा। तभी मुझे अपने लंड पर नीचे से कोई चिपचपा पानी ऊपर की तरफ आता महसूस हुआ। मतलब रेखा झड़ रही थी। मैं भी पूरे जोश में रेखा को चोदने लगा।
कुछ देर बाद मेरा सुपारा भयंकर फूल गया और मेरे लंड ने रेखा की चूत में बरसात कर दी। रेखा मुझे बेतहाशा चूमने लगी कुछ देर बाद हम उठे।
मेरे लंड पर रेखा की सील का खून लगा था।
रेखा ने अपने कपड़े ठीक किए और लंगड़ाते हुए नीचे जाकर पानी का जग भर लाई। मैंने अपने लंड को धोया और ढेर सारा पानी नीचे गिरा दिया.. जिससे फर्श पर लगा खून नाले की तरफ बह गया। फिर हमने एक-दूसरे को एक लंबा चुंबन दिया। मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा.. तभी हमने किसी के कदमों की आहट सुनी। हम दोनों चुपचाप नीचे चले गए। मैंने समय देखा दो बज चुके थे। मैं चादर तान के सो गया। जब सुबह उठा तो देखा तो रेखा लंगड़ा रही थी।
उसकी मम्मी ने पूछा- क्या हुआ?
तो उसने कहा- गेट से ठोकर लग गई। हम दोनों एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए फिर मैं फ्रेश होकर चला आया। आते समय रेखा की आँखें नम थीं।
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