जवान भाभी( सन्नी लियोन) की चूत का लगा चस्का Jawan Bhabhi(Sunny Leone) ki Chut ka Laga Chaska

जवान भाभी( सन्नी लियोन) की चूत का लगा चस्का Jawan Bhabhi(Sunny Leone) ki Chut ka Laga Chaska, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.

हेल्लों दोस्तों, कैसे हैं आप सभी उम्मीद करता हूँ कि आप सभी कुशल मंगल होंगे और अपना जीवन सुखी से जी रहे होंगे | मेरा नाम गुरप्रीत है और मैं अमृतसर पंजाब से हूँ | मेरी उम्र 18 साल है और मैं कॉलेज का छात्र हूँ पर मैं प्राइवेट पढाई कर रहा हूँ क्यूंकि मैं जॉब भी करता हूँ कंप्यूटर ऑपरेटर की | मेरी हाईट 6 फुट है और मेरी हैल्थ फिट है | मेरे घर में मैं, मम्मी-पापा और भाभी रहते हैं, मेरे भैया जो कि 30 साल के थे उनकी कैंसर से मौत हो चुकी थी और उनकी मौत को three बीत चुके हैं | ये कहानी मेरे और मेरी भाभी के बीच की है जिनका नाम सन्नी लियोन है | जो मैं आप लोगों को इस कहानी के माध्यम से बताने वाला हूँ |
तो अब मैं कहानी शुरू करता हूँ बिना आप लोगों को बोर करते हुए | ये बात जनवरी 2017 कि है जब मैं कुछ भी नहीं करता था और घर पर ही ज्यादा टाइम बिताता था और सरकारी नौकरी कि तैयारी करता था | मेरी भाभी एक सॉलिड आइटम हैं जिसका फिगर लाजवाब है कोई भी उसे देख ले तो उसका लंड खड़ा हो जाये और उसे चोदने का मन बना ले क्यूंकि मेरी भाभी का फिगर ही कुछ ऐसा है | बड़े बड़े परकी दूध हैं और कमर एक दम भरी हुई और गांड हाय गांड इतनी मस्त है मेरी भाभी कि की क्या बताऊ दोस्तों गदरायी हुई थी गांड और चौड़ी सी उठी और आज भी उसकी गांड वैसी ही है | मैं अपने कमरे में रह कर पढाई करता था और भाभी मेरे लिए कभी चाय तो कभी दूध ला कर देती रहती थी |
 भाभी मेरा मेरी मम्मी से ज्यादा ख्याल रखती थी और मैं भी का ध्यान रखता था | एक दिन हम लोग मार्किट गए थे सब्जी लेने और मेरी बाइक पर गए हुए थे | जब मैं गाड़ी चलाता और झटके से डिस्क ब्रेक मारता था तो भाभी के दूध मेरी पीठ पर टच होते थे और मुझे बहुत अच्छा लगता था, | मैं बार बार जानबूझ कर डिस्क ब्रेक मारता था ताकि भाभी के दूध मेरी पीठ से टच हों, और भाभी को भी इस चीज़ से एतराज़ नही हो रहा था कि मैं ऐसा कर रहा हूँ | फिर हम मार्किट पंहुचे और वहां से सामान ले कर लौट रहे थे तब भाभी ने सामान बीच में रख लिया था जिस वजह से मैं उनके दूध का मजा नही ले पा रहा था |
फिर हम घर आ गए थे और अपने अपने काम में लग गए थे | शाम को 6 बजे पापा घर आये तो उन्होंने कहा कि मेरे बहुत अच्छे दोस्त की बेटी की शादी है तो उन्होंने सभी को बुलाया है शादी पर | तो मैंने और भाभी ने मना कर दिया तो पापा और मम्मी का साथ जाने का प्लान बन गया था | फिर दो दिन बाद मम्मी और पापा बस से रवाना हो गए |
loading...
एक दिन कि बात है मैं टीवी देख रहा था और भाभी सब्जी काट रही थी दोपहर के वक़्त | भाभी ने मुझसे पूछा कि क्यूँ रे गुरप्रीत तेरे कोई दोस्त नहीं हैं क्या जो तू सारा दिन घर में ही बैठा रहता है ? तो मैंने कहा भाभी दोस्त तो हैं पर वो मुझे कमा के नहीं देंगे और वैसे भी जब जरुरत होती है तब तो वो मेरा साथ देते हैं और मैं उनका तो फिर क्या जरुरत है बाहर बेकार घूमने की ? फिर भाभी ने कहा हाँ बात तो तू सही कह रहा है अच्छा चल ये बता तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या ? तो मैंने कहा क्या भाभी आप भी क्या पूछ रहे हो मेरी शक्ल देख के लगता है क्या कि कोई मेरी गर्लफ्रेंड बनेगी |
तो भाभी बोली बता दे अगर तुझे कोई पसंद भी है तो मैं तेरा ब्याह करा दूंगी उसके साथ तो मैंने कहा भाभी ऐसी कोई लड़की नहीं है जिससे मैं प्यार करता हूँ और मेरा इन सब में मन भी नहीं लगता है | मैं फिलहाल अपने केरिअर में ध्यान देना चाहता हूँ बस बाकि और कुछ नहीं तो भाभी बोली चल ठीक है और फिर सब्जी काटने में लग गई | फिर मैं भी टीवी देखने के बाद अपने रूम में चला गया और पढाई करने लगा तभी कुछ देर बाद भाभी कि आवज़ आई गुरप्रीत चल नीचे आजा खाना बन गया है तो मैंने भी जवाब में कहा ठीक है भाभी मैं आता हूँ ओर फिर हाँथ धो कर मैं खाना खाने बैठ गया और हम दोनों साथ में खाना खाने लगे |
20 मिनट के बाद मैं खाना खा के अपने रूम में चला गया और थोडा सा आराम करने लगा तो मेरी नींद ही लग गयी थी और फिर मुझे नींद में ऐसा लग रहा था जैसे कोई मेरे लंड को सहला रहा है | फिर जैसे ही मैंने आँख खोला तो देखा कि भाभी मेरा लंड सहला रही थी तो मैंने भाभी से तपाक से बोला भाभी तुम ये क्या कर रही हो तो उन्होंने बोला गुरप्रीत मुझे माफ़ कर दे मैं थोडा बहक गयी थी मुझसे ये सब कैसे हो गया मुझे समझ नही आया ? तो मैंने कहा भाभी रहने दो जाने दो इस बात को मैं ये बात किसी को भी नहीं बताऊंगा | मैं समझ सकता हूँ कि भैया के जाने के बाद तुम्हारी वो इच्छा अधूरी रह गयी होगी जिस वजह से तुमसे ये गलती हो गयी |
तो फिर भाभी ने मुझसे कहा गुरप्रीत जब जब तू इतना समझ सकता है तो क्या तू मेरी एक मदद कर सकता है क्या ? तो मैंने कहा हाँ भाभी बोलिए न कैसी मदद चाहिये तुम्हे तो वो बोली | तू तो जानता ही है कि तेरे भैया के जाने के बाद मैं कभी एक औरत होने का सुख नहीं उठा पाई तो क्या तू मुझे एक औरत होने का सुख दे सकता है ? तो मैंने कहा भाभी मैं कुछ समझा नहीं तो फिर वो बोली कि क्या तू मुझे सेक्स का सुख दे सकता है ? तो मैं थोड़ी देर सोचता रहा कि क्या ये सही होगा या नहीं ?
कुछ देर सोचने के बाद मैंने अपने होंठ भाभी के होंठ में रख दिए और उन्हें किस करने लगा था और वो भी मेरा साथ देने लगी थी हम दोनों एक दूसरे को पागलो कि तरह चूम और चाट रहे थे फिर भाभी ने मेरा लोअर उतार दिया और मेरा झांटो वाला लंड चाटने लगी और मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करने लगा | जब भाभी मेरा लंड चाट रही थी तो मुझे बहुत अच्छा लग रहा था और फिर मेरा लंड चाटने के बाद भाभी मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लगी और मैं आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करने लगा | भाभी ने मेरा लंड दस मिनट तक गले तक लिया और मुझे बहुत मजा आया अपना लंड चुस्वाने में | फिर भाभी ने अपना सूट उतारा और फिर ब्रा और पेंटी दोनों उतार दी | मैंने भाभी को पहली बार नंगा देखा था भाभी का बदन सच में में बहुत मस्त था और उनकी चूत भी चिकनी थी | फिर भाभी के दूध मैं मुंह में ले कर चूसने लगा और भाभी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह कर रही थी | मैं भाभी के दूध मुंह में भर कर जोर जोर से चूस रहा था |
मैंने भाभी के दूध को 15 मिनट तक जोर जोर से दबा दबा कर चूस रहा था और भाभी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करते हुए सिस्कारियां ले रही थी | फिर मैंने भाभी को लेटा दिया अपने बेड पर और उनकी टाँगे चौड़ी करके उनकी चूत में अपनी जीभ डाल कर चाटने लगा | जब मै भाभी कि चूत चाट रहा था तब भाभी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करके पूरा कमरा भर रही थी | मैं भी जोश में आ गया था और भाभी ने मुझसे कहा कि अब और देर न करो बस डाल दो अपन लंड और बुझा दो अपनी भाभी की प्यास और मैं तुरंत अपना लंड भाभी की चूत में डाल कर जोर जोर से चोदने लगा |
भाभी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करने लगी |
loading...
भाभी को भी हहुत मजा आ रहा था और मुझे भी हम दोनों चुदाई की दुनिया में खो गए | मैं जोर जोर से धक्के लगा लगा कर भाभी को चोद रहा था और भाभी आआहाआह ऊउन्न् आहाहाह ऊउम्म्म ऊनंह अआहा आअह्ह्हाअ अहहहः अहहाआअ ऊउन्न ऊउम्म्ह आआनाहा ऊउन्न्ह ऊम्म्ह आहाहाहा ऊनंह ऊउम्ह आहाहहा ऊउन्न्ह ऊउम्म्ह अहहहः ऊनंह करते हुए झड़ गई | थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ गया था उनकी चूत में ही |

USA वाली सेक्सी पंजाबी भाभी USA wali sexy punjabi bhabhi

USA वाली सेक्सी पंजाबी भाभी USA wali sexy punjabi bhabhi, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.

हाय, मैं एक २५ साल का मर्द हूं. USA में रहता हूं अकेला १ बीएचके फ्लैट में. मैं यहां एक एमएनसी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूं. एक दिन मेरे डेड का फोन आया की भैया और भाभी जी USA आ रहे हैं, भैया का ट्रांसफर हुआ है और उनको टेंपरेरी स्टे चाहिए है. यह सुनकर मैं बहुत खुश हुआ, मेरी भाभी का नाम नमिता है और वह ३० साल की काफी सेक्सी औरत है. वह पंजाब से थी, उसका रंग काफी गोरा और बड़े बड़े मम्मे हैं. भाभी की गांड बहुत बड़ी और सुंदर है उनका एक लड़की भी है.
मेरे भैया भाभी को में एयरपोर्ट पर पिक करने गया था. भाभी बहुत ही सुंदर दिख रही थी, उन्होंने सूट पहना था और अपनी क्लीवेज दिखा रही थी. भाभी को देख कर मैं बहुत एक्साइटेड था, थोड़ी बात चित करने के बाद मैं उन्हें अपने घर ले आया, मैंने अपना बेडरूम भाभी और उनकी लड़की को दे दिया, बाहर में और भैया ने बेड बिछाया.
रात के करीब १ बजे मेरी नींद खुली तो मैंने देखा मेरी भाभी भैया के साथ लेटी हुई है. भैया भाभी के मम्मे चूस रहे हैं और भाभी अपने हाथ भैया के सिर पर घुमा रही थी.
भाभी ने कहा : आराम से आज इतनी जोर से क्यों चुस रहे हो?
भैया ने कहा : तेरे मम्मे हैं ही इतने अच्छे.
भाभी ने कहा : जल्दी करो, कहीं तुम्हारा भाई न आ जाएं.
भईया ने कहा : वह तो वैसे भी तेरे को हवस से देखता है.
भैया ने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी की चूत में घुसा दिया भाभी की चीख निकलते निकलते रहे गई. भैया भाभी के ऊपर चढ़ गये और भाभी की चूत मारने लगे. भाभी सिसकियां ले रही थी, मेरी हालत खराब हो गई. मेरा कोक फुल खड़ा था. मैंने भी अपना कोक पेंट में हाथ डालकर हिलाना चालू किया. भाभी झड़ गई. भइया ने अपना माल भाभी के चूत पर छोड़ दिया, भाभी उठी उनका मुंह पर वीर्य गिरा हुआ था. उन्होंने अपने कपडे समेटे और अंदर चली गई, भैया भी सो गए. मैंने उस रात तीन बार मुठ मारी. भैया और भाभी वापस इंडिया चले गए कुछ समय बाद.
इस बात को २ साल बीत गए और मेरी भी शादी हो गई और मैं अपनी वाइफ के साथ रहने लगा. मेरी वाइफ बहुत ही झगड़ालू औरत है, हर चीज मि लडती थी. एक बार मुझे बहुत ही बैड न्यूज़ मिली कि मेरे भैया और भाभी का डाइवोर्स हो गया, मेरे भाई का अपनी सेक्रेटरी के साथ चक्कर था और उसे दो बच्चे भी थे. यह न्यूज़ मेरी भाभी बर्दाश्त नहीं कर पाई और उन्होंने भैया को डिवोर्स दे दिया, मैं अपनी भाभी के बारे में सोच कर बहुत उदास था, किस्मत वालों को ही भाभी जैसी वाइफ मिलती है.
तभी मेरी भाभी को मैंने मैसेज किया और कहा कि अगर आपको कोई भी जरुरत हो तो बोल देना, मैं आपका और सोनल(उनकी बेटी) का ध्यान रखूंगा. भाभी जस्ट रिप्लाईड विथ थैंक्स. मुझे करीब २ हफ्ते बाद भाभी का मैसेज आया कि उसे कुछ पैसों की जरूरत है, डिवोर्स के बाद उसके पास ज्यादा पैसे नहीं हे.
मैंने भाभी को काफी पैसे ट्रांसफर कर दिए, भाभी बहुत खुश हुई और उसने मुझे थैंक्यू बोला. मैंने कहा इसकी कोई जरूरत नहीं है भाभी, फिर मैं और भाभी फोन पर भी बात करने लगे कि वह कैसी है? क्या चल रहा है? आज खाने में क्या खाया? मैं उसे अपनी हरामी पत्नी के बारे में भी बोलने लगा था, वह उसके अनुभव के अनुसार मुझे बात बात पर सलाह देती थी. मैंने नमिता भाभी को मेरे पास आने को कहा.
लेकिन वह मान नहीं रही थी मैंने काफी मनाने पर भाभी मान गई. मैं बहुत खुश हो गया. कुछ दिन बाद भाभी एयरपोर्ट पर आ गई. मैं उन्हें लेने के लिए एयरपोर्ट पर गया था वह बहुत ही सुंदर लग रही थी. मैंने उसे देखके हग कीया और उसने भी मुझे देख के हग किया, जैसे की हम बहुत पुराने प्रेमी हो. फिर हम कार में बैठकर बहुत सारी बातें करने लगे.
मैं भाभी और उसकी बेटी सोनल को अपने घर ले गया. मेरी पत्नी ने भाभी को देखकर सिर्फ थोड़ी सी मुस्कुराहट दी. मैं भाभी को गेस्ट रूम में ले गया और मैं अपने काम पर चला गया. जब मैं वापस आया तो मैंने देखा कि मेरी जघडालू पत्नी अपनी मां के यहां चली गई थी. उसने मेरे लिए चिट्ठी रखी हुई रखी थी. इस पर मेरी भाभी ने कहा मुझे माफ कर दो मुझे नहीं पता था कि मेरे आने से तुम्हारे बीच में झगड़ा बढ़ जाएगा और वह घर छोड़ कर चली जाएगी.
मैंने कहा भाभी थैंक गॉड वह चली गई थोडे दिन तो चैन मिलेगा.
फिर भाभी ने मेरे सामने देख कर एक स्माइल दे दी. अब मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा सपना सच होने वाला है. उस दिन भाभी ने बहुत ही स्वादिष्ट खाना बनाया और हमने साथ में मिलकर खाया. खाना खाने के बाद भाभी अंदर गई और उसने नाईट सूट पहन लिया. उसने एक ब्लैक कलर की सुंदर नाइटी पहन रखी थी. और उस गोरे बदन पर उसकी नाइटी बहुत ही सेक्सी लग रही थी. भाभी के मस्त मोटे मम्में भी नाइटी में पूरी तरह आ नहीं रहे थे. मैं बेड पर लेटा हुआ था और थोड़ी देर में भाभी आ गई और वह मेरे पास आकर बेड के कोने पर बैठ गई.
फिर भाभी ने कहा मैं तुम्हारा शुक्रिया अदा करना चाहती हूं कि तुमने मुझे बहुत सारे पैसे भेजें, मैंने कहा कोई बात नहीं भाभी. भाभी उठी और जाने लगी उनकी उभरी गांड देखकर मेरा लोडा खड़ा हो गया. मैं उठा और भाभी के पीछे गया भाभी गेट खोल कर बाहर निकल ही रही थी कि मैंने भाभी के कंधे पर हाथ रखा कहा भाभी आज यहीं मेरे साथ ही सो जाइए.
भाभी थोड़ा सा हिचकिचाई और फिर बोली अच्छा, मैं भाभी के साइड में लेटा था. मैंने अपनी शर्ट निकाल दी और अंडरवियर भी उतार दीया. मैं पूरा नंगा था. मैं अपनी भाभी के करीब गया और उनको लिपटने लगा, भाभी समझ गई मैं क्या चाहता हूं? मैंने उनके गोरे कंधों को चूमा और फिर नेक पर किस किया, उनका नाइटी उतारा और बेड से दूर फेंक दिया, भाभी कोई विरोध नहीं कर रही थी. मैंने उनके गोरे बूब्स हाथों से मुसले और फिर मुंह में डाल कर चूसने लगा. भाभी कह रही थी आह आराम से करो, भाभी मेरी बॉडी पर हाथ फेरने लगी.
मैं उनके फेस के पास गया और भाभी के आंखों को देखा वह काफी मस्ती में थी. मैंने उनके लिप्स सक किये और भाभी की चूत चूसने लगा, भाभी भी पूरा साथ दे रही थी, भाभी बोली अब प्लीज़ डाल दो ना तुम्हारा मेरे अंदर.
मैंने अपना ८ इंच लंबा और मोटा लंड भाभी की चूत में डाल दिया. भाभी चिल्लाई आह मर गई मैंने तेजी से झटके मारे भाभी का कम निकल रहा था. मैंने बोला आह्ह्ह्ह कितने सालों बाद मौका लगा है, भाभी बोली अगर तू पहले मिलता तो तुझसे ही चुदवाती. भाभी को यूंही मैंने ३० मिनट तक पेला, भाभी चार बार जड चुकी थी, भाभी का गोरा बदन लाल हो गया था.
मैं झड़ने वाला था मैंने भाभी को स्मूच करा और बहुत सारा माल भाभी की चूत में डाल दिया, भाभी बोली बहुत मजा आया आज. मैंने बोला भाभी मैंने इससे अच्छा सेक्स का मजा नहीं लिया किसी औरत के साथ, भाभी मुस्कुराई और मुझे लिपट गई. पूरी रात हम ऐसे ही नंगे सोते रहे. सुबह में उठा तो भाभी किचन में थी. उन्होंने सिर्फ एक चड्डी और एक पतली ब्रा पहनी हुई थी.
मैं नंगा था और अपना व्यक्त कॉफी लेकर भाभी के पीछे से झकड़ा. भाभी ने मुझे लिप्स पर किस देते हुए गुड मॉर्निंग कहा, मैं नीचे गया और भाभी के अंडरवेअर को निकाला और उसकी गांड चाटने लगा. अभी ओह माय गॉड करने लगी. उसकी गांड में जीभ डालकर मैंने उसकी गांड का बहुत स्वाद लिया, भाभी के तो होश उड़ गए और गांड को अच्छे से चटा रही थी.
मैंने भाभी को पकड़ा और गांड में लंड डाल दिया. धीरे धीरे पूरा कोक भाभी की गांड में घुस गया. भाभी चिल्ला उठी प्लीज बाहर निकालो मैंने कोक बाहर निकाला, भाभी ने चेन की सांस ली. मैंने लेकिन फिर से घुसा दिया भाभी की गांड में और झटके देने शुरू कर दिए. भाभी बहुत बुरी तरह सिसकियां ले रही थी, उनकी गांड का छेद बहुत बड़ा हो गया था. मैंने भाभी की चूत में हाथ रखा और साथ में गांड में भी चुदाई करता रहा. भाभी अब गांड को पीछे धकेल कर चुदवा रही थी.
थोड़ी देर में भाभी का माल निकल गया भाभी वहां से बाथरुम चली गई मैं अभी भी बहुत उत्तेजित था मैं भाभी के पीछे पीछे चला गया, भाभी बाथरूम में गांड धो रही थी, मैंने जाकर भाभी को दोबारा डॉगी बनाकर चोद डाला.
यह जुदाई का जबरदस्त सिलसिला चलता रहा. भाभी रात को मेरे साथ लेटी थी और हम बातें कर रहे थे. मैंने बोला नमिता तुम यहीं रुक जाओ, भाभी ने कहा तुम्हारी वाइफ का क्या? और मैं यहां नहीं रह सकती. मैंने बोला भाभी बुरा मत मानो पर मैं अब तुम्हें चोदे बिना नहीं रह सकता, मैं एक अपार्टमेंट ले लेता हूं, तुम वहां सोनल के साथ रहो, तुम्हारा सारा खर्चा मैं उठाऊंगा नमिता भाभी चुप रही.
मैं बोला भाभी तुम जानती हो मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं, प्लीज आप भी मुझे मना नहीं करना. भाभी हां बोली भाभी ने कहा तुम मुझे रोज मिलने आओगे? मैंने बोला हां पक्का आऊंगा. फिर मैंने और भाभी ने सालों चुदाई की और भाभी को तीन बच्चे भी दिए, वह ऐसे ही रहने लगी, कुछ समय बाद मेरा और मेरी वाइफ का डाइवोर्स हो गया. मैंने और भाभी ने कोर्ट मैरिज कर ली और हम साथ ही रहने लगे.

दूकान पर आई खूबसूरत लड़की की चूत चांदनी रात में चोदी dukan par aai khubsurat ladki ki chut chandani rat me chodi

दूकान पर आई खूबसूरत लड़की की चूत चांदनी रात में चोदी dukan par aai khubsurat ladki ki chut chandani rat me chodi, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.

हेल्लो दोस्तों,मेरा नाम अर्जीत सिंह है। कुछ सालों पहले मेरे एक दोस्त ने मुझे इस वेबसाइट के बारे में बताया था, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त मस्त कहानियां पढता हूँ और मजे लेता हूँ। मैं अपने दूसरे दोस्तों को भी इसे पढने को कहता हूँ। पर दोस्तों, आज मैं नॉन वेज स्टोरी पर स्टोरी पढ़ने नही, स्टोरी सुनाने हाजिरहुआ हूँ। आशा करता हूँ की यह कहानी सभी पाठकों को जरुर पसंद आएगी। ये मेरी सच्ची कहानी है।
मैं बुलंदशहर का रहने वाला हूँ। मेरी किराना की एक दूकान थी जिसमे मैं टाफी, बिस्कुट से लेकर गेंहू चावल सब कुछ बेचा करता था। कभी कभी दुकान पर बोरियत भी होती थी जब कोई कस्टमर नही आता था। मैं खाली वक़्त में सेक्सी स्टोरीज की किताब पढ़ता था वक़्त काटने के लिए और अपने फोन में चुदाई वाली ब्लू फिल्म देख लिया करता था। दोस्तों मैं अभी २४ साल का था और मेरी शादी नही हुई थी। फिलहाल तो मैं मुठ मारके ही काम चला लेता था। एक दिन मेरी दूकान में एक बड़ी खूबसूरत लड़की सामान लेने आई थी। उसका नाम सुमित्रा था। वो लड़की बड़ी मस्त माल थी। उसे देखते ही मेरा उसे चोदने का मन करने लगा। वो बहुत सुंदर लड़की थी। क्या जक्कास माल थी। ५ फुट का मस्त उपर से नीचे तक भरा हुआ कद रहा होगा। उसे पहली बार देखते ही मेरा मन उसे चोदने का कर रहा था। उसका जिस्म भरा हुआ था। रंग साफ़ था और उसकी आँखें बड़ी चंचल थी। मुझे पहली नजर में वो भा गयी थी। मैं उससे बात करना चाहता था। वो मुझे मस्त माल लग रही थी।
“आपको कभी मैंने देखा नही है!!” मैंने उससे कहा
“हाँ मैं पहले गाँव में रहती थी। मैं अपने मामा के यहाँ पर रहने आई हूँ। अब मैं बुलंदशहर में ही रहूंगी और ssc की तैयारी करूंगी। मेरा घर पराग देरी के पास है” सुमीत्रा बोली। मैंने उसका नाम भी पूछ लिया था। उसने मैगी, बिस्किट के कुछ पैकेट, ब्रेड और एक किलो मैदा लिया। वो हंस हंसकर बात कर रही थी। मैं भी हंसने लगा। फिर सामान खरीदकर वो चली गयी। उसकी खूबसूरती और मन मोहनी छवि मेरे दिल में बस गयी थी। उसके जाने के बाद मैंने दुकान के गोदाम में जाकर मुठ मार ली थी। मैं रोज उसकी राह देखने लगा। काश सुमित्रा आ जाए….काश वो आ जाए। मैं यही दुआ करता। कुछ दिन बाद मुझे सुमित्रा के दर्शन फिर से हो गये।
“अरे सुमित्रा बड़े दिनों बाद तुम दिखाई दी???” मैंने हंसकर पूछा
“हाँ मेरा एक एक्साम था। वही देने मैंने नोयडा चली गयी थी” सुमित्रा बोली
हम हँसकर बात करने लगे। जो जो सामान उसने माँगा मैंने एक पन्नी में बांध दिया। साथ ही मैंने अपना मोबाइल नं एक कागज में लिखकर पन्नी में रख दिया। शाम को सुमित्रा ने मुझे काल किया। शायद वो भी मुझे पसंद करने लगी थी। धीरे धीरे हम दोनों की फोन पर बात होने लगी। वो लड़की मुझसे पट गयी थी। सुमित्रा हमेशा हंस हंसकर बात करती थी। अब हमारी बाते होते होते १ महिना हो गया था। मेरा उसे चोदने का बहुत मन था। रात को मैंने उसे काल किया।
“हाय सुमित्रा कैसी हो???” मैंने प्यार भरे अंदाज में पूछा
“अच्छी हूँ, तुम कैसे हो??” उसने पूछा
“मैं भी ठीक हूँ। मेरा तो चुदाई करने का बड़ा मन कर रहा है। क्या तुमने कभी चुदाई की है” मैंने पूछा
सुमित्रा झेंप गयी।
“नही मैंने कभी चुदाई नही की है” वो बोली
“करोगी जान!!” मैंने पूछा
कुछ सेकेंड था वो खामोश रही और कुछ नही बोली।
“बोलो तुम्हारे घर की छत पर आ जाऊं” मैंने पूछा
वो कुछ नही बोली। मैंने इसे उसकी हाँ समझ ली।
“ठीक है आज मैं तुम्हारे घर की छत पर आ जाऊंगा। तुम आ जाना” मैंने कहा और फोन कर दिया। दोस्तों शाम को मैंने ८ बजे दुकान बंद कर दी। सुमित्रा का घर पराग डेरी के ठीक बगल में था। मैं पराग डेरी में चला गया और उसकी छत पर चढ़ गया, फिर मैं वहीँ से सुमित्रा के घर की छत पर चढ़ गया। कुछ देर इंतजार करने पर मेरी चिड़िया आ गयी। सुमित्रा के आते ही मैंने उसे बाहों में कस लिया और किस करने लगा। वो भी चुदने के मूड में थी तभी तो टाइम पर आ गयी थी। उसने सलवार कुरता पहन रखा था। वो जादातर भारतीय कपड़े ही पहनती थी। उसका फिगर तो बहुत मस्त था। उसके भरे पुरे जिस्म को देखकर ही तो मुझे उससे प्यार हुआ था।
मैंने अपने होठ उसके होठो पर रख दिए और किस करने लगा। वो भी मेरा गर्मा गर्म चुम्बन लेने लगी। कुछ ही देर में हम दोनों गरमा गए थे। मैंने जी भरकर उसके रसीले होठ चूसे। इस समय रात के ९ बजे थे और आज पूर्णमासी थी इसलिये चाँद चमक रहा था। दोस्तों श्वेत चांदनी चारो और फैली हुई थी जो बहुत रोमांटिक मौसम बना रही थी। साथ ही ठंडी हवा भी चल रही थी। मेरा लंड तो वैसे ही खड़ा हो गया था। मैं सुमित्रा को चोदने के लिए बिलकुल मरा जा रहा था। हम दोनों खड़े होकर बड़ी देर तक एक दूसरे के होठ चूसते रहे। बहुत मजा आया। फिर मैंने उसके दुपट्टे को लेकर छत पर बिछा दिया। और सुमित्रा के सलवार कमीज को मैंने निकाल दिया। अपनी टी शर्ट जींस भी मैंने निकाल दी। फिर मैंने उसकी ब्रा और पेंटी भी खोल दी। अब मेरी मस्त चुदक्कड माल सुमित्रा ठीक मेरे सामने थी। उसकी आँखें बड़ी बड़ी बहुत चंचल थी। मैंने कुछ देर तक उसकी आँखों पर किस किया। दोस्तों चांदनी रात में नंगी और बिना कपड़ों में सुमित्रा बिलकुल कैटरीना कैफ लग रही थी। मैंने उसे बाहों में भर लिया और उसकी खूबसूरती को मैं अपनी आँखों से पी रहा था। एक बार मैंने से मैं नंगा होकर उसपर चढ़ गया और उसके होठ चूसने लगा। वो भी मेरे होठ चूस रही थी। आजतक ना ही उसने और ना ही मैंने चुदाई की थी। हम दोनों का ये फर्स्ट टाइम था। सुमित्रा का फिगर 36 34 30 का था। वो बहुत भरे हुए जिस्म वालिया लौंडिया थी। उसके अंग अंग में सिर्फ गोश ही गोश था।
फिर मैंने अपने हाथ उसके नंगे बूब्स पर रख दिए तो वो मचल गयी और “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा” चिल्लाने लगी। मुझे उसकी आवाजे अच्छी लग रही थी। उसके बूब्स तो बहुत बड़े बड़े गोल गोल शंख के आकार के थे। मैंने अपने हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा और सहलाने लगा। दोस्तों रोज सुमित्रा के बूब्स मैं उसकी कमीज के उपर से देखता था। तब भी मुझे बहुत मजा आता है पर आज तो मैं उसके नंगे बूब्स को अपने हाथ से सहला रहा था। लग रहा था की जैसे दुनिया की बेशकीमती चीज मेरे हाथों में हो। मैं बहुत जादा यौन उत्तेजित हो गया था। मेरे हाथ सुमित्रा के चंचल मम्मो को सहला रहे थे। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने बड़ी तेज तेज उसके बूब्स को हाथ से दबाने लगा। वो “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” कहने लगी। फिर मैं उसके उपर लेट गया और खूबसूरत जवान लड़की सुमित्रा के बूब्स पीने लगा। दोस्तों उसकी चूचियां बहुत खूबसूरत, बहुत गुलाबी और सुंदर थी। इतनी मुलायम चूचियां मैंने कभी अपने हाथ में नही ली थी। मैं मुंह लगाकर सुमित्रा की चूचियों को पीने लगा। मुझे तो जन्नत का मजा मिल रहा था। उसकी चूचियां ३६ इंच की बड़ी बड़ी थी जो बहुत सुंदर लग रही थी। उनकी निपल्स के चारो ओर बड़े बड़े काले रंग के घेरे थे जो बहुत जंच रहे थे। मैं तो अपनी जीभ से उसके काले घेरो को चूस और चाट रहा था।
सुमित्रा को मैंने पटा लिया था। आज उसकी चूत मुझे चोदने को मिलने वाली थी। मेरा हाथ खुद ही उसकी नंगी टांगो और कमर पर जाने लगे। वो बहुत चिकनी माल थी। मैं उसके गोल गोल पुट्ठों को सहला रहा था। उसके दूध को मैं बड़ी देर तक चूसता रहा। किसी बच्चे की तरह मैं उसकी दोनों छातियों को पी रहा था जैसे बकरी के बच्चे उसके थन पीते है ठीक उसी अंदाज में मैं पी रहा था। फिर मैंने अपना ८” लम्बा और २ इंच मोटा लंड उसके हाथ में दे दिया। वो मेरे लौड़े को फेटने लगी। मुझे उतेज्जना होने लगी। फिर सुमित्रा ने बैठ पर मेरे लंड को मुंह में लेकर चूसने लगी। आज हम दोनों का फर्स्ट टाइम था। मैं भी कुवारा था। वो भी कुवारी थी। हम दोनों आज पहली बार चुदाई का मजा लेने जा रहे थे। वो जल्दी जल्दी मेरे लंड को चूसने लगी तो मैं अअअअअ आआआआ… सी सी करने लगा। कुछ देर बाद तो मेरा लंड तन गया और बहुत कसा हो गया था। सुमित्रा के खूबसूरत ओंठ जब मेरे लौड़े को जल्दी जल्दी चूसने लगे टी मैं सीधा इंद्र लोक ही पहुच गया था।
वो मेरे सुपाडे को जीभ से चाट रही थी। फिर वो मेरे मोटे लौड़े को मुंह में अंदर गले तक लेकर चूसने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था। लग रहा था की कहीं मेरा माल निकल गया तो मैं आज इस सुंदर चादनी रात में अपनी माल को चोद नही पाऊंगा। पर उपरवाले से साथ दिया और मेरा माल नही निकला। जबकि २ बार बूंद मेरे लंड से बाहर निकल आई थी। सुमित्रा उसे चूसा रही थी। उसने ३० मिनट मेरा लंड चांदनी रात में चूसा। फिर मैंने उसे लिटा दिया और उसके पैर खोल दिए। चांदनी रात में उसकी चूत बड़ी खूबसूरत लग रही थी। मैंने काफी देर तक उसके मम्मे पीये थे इसलिए उसकी चूत गीली हो गयी थी और चिकनाई निकल आई थी। ये देखकर मैं और रोमांचित हो गया और जीभ लगाकर अपनी गर्लफ्रेंड की चूत पीने लगा। सुमित्रा “आई…..आई….. अहह्ह्ह्हह…..सी सी सी सी….हा हा हा…” कहने लगी। साफ था की उसे भी भरपूर मजा मिल रहा था। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत को पी रहा था। वो कुवारी लड़की थी। उसकी सील बंद थी और किसी ने उसे आजतक नही चोदा था।
मैंने उसके पैर और जादा खोल दिए और जल्दी जल्दी उसकी बुर चाटने लगा। उसके चूत के दाने को मैं जीभ से हिला देता था। वो अपनी गांड उठाने लग जाती थी। मैंने कुछ देर तक उसकी चूत को पीकर और जादा रसीला बना दिया था। फिर मैंने उसकी चूत में थूक दिया और अपने ८” के लौड़े पर थूक मल लिया और उसकी चूत के छेद पर मैंने अपना लौड़ा रख दिया और जोर का धक्का मारा। ““आऊ…..आऊ….हमममम अहह्ह्ह्हह…सी सी सी सी..हा हा हा..” सुमित्रा चिल्लाई। मैंने नीचे देखा तो उसकी सील टूट गयी थी। मेरे लौड़े से उसकी कमसिन चूत का शिकार कर दिया था। मेरे लंड ने किसी तलवार की तरह उसकी चूत की सिटी को खोल दिया था। मेरे लंड पर उसका खून लगा हुआ था। सुमित्रा को दर्द हो रहा था। धीरे धीरे मैं अपने लंड को उसकी फुद्दी में चलाने लगा। वो चुदने लगी और उसने मुझे कसके पकड़ लिया।
काश ऐसा ही होता रहे की हर महिना मुझे नई नई लड़की की सील तोड़ने को मिलती रहे। धीरे धीरे मैं सुमित्रा को चोदने लगा। वो “….उंह उंह उंह हूँ.. हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..” कर रही थी क्यूंकि उसे दर्द हो रहा था। मैं नही रुका और उसे पेलने लगा। उसने मेरे हाथ को कसके पकड़ लिया। मैं उसे झुककर उसके माथे पर किस कर लिया। मैं धीरे धीरे चुदाई शुरू कर दी। कुछ देर बाद मेरे मोटा जालिम लंड अच्छे से उसकी बुर को चोदने लगा। धीरे धीरे उसे भी मजा आ रहा था। मैं उसे बजाने लगा और कुछ देर बाद उसका दर्द कम हो गया था। अब उसे कम दर्द हो रहा था। मैं जल्दी जल्दी उसकी चूत लेने लगा। बहुत मजा आ रहा था दोस्तों।
आज मेरा भी फर्स्ट टाइम था। जैसे ही मेरा लंड सुमित्रा की चूत में जाता तो अपना मुंह खोल देती। उसकी आँखें तो टंग गयी थी। मैंने उसे गाल और ओठो पर किस करते हुए ठोंक रहा था। मेरी कमर नाचने लगी और उसकी चूत चोदने लगी। २० मिनट होने पर अब मैं बहुत जल्दी जल्दी अपनी गर्लफ्रेंड से सम्भोग कर पा रहा था। वो बार बार अपनी पतली सेक्सी कमर को उठा देती थी। मैं ये देखकर पर रोमांचित हो जाता था। फिर मैं उसके पेट और नाभि को अपने हाथ से छूने और सहलाने लगा। वो सिस्कारियां लेने लगी। मैं उसे जल्दी जल्दी ठोंकने लगा। फिर मैं झुक गया और उसके दूध को मैंने मुंह में भर लिया और चूसने लगा। कुछ देर बाद मैंने सुमित्रा की ठुकाई फिर से शुरू कर दी।
मेरी नजरों में सुमित्रा ने अपनी नजरें डाल दी। छिनाल को मैं घूरते घूरते ताड़ते ताड़ते पेलने लगा। मैं जोर जोर से अपनी कमर चला चलाकर उसे चोद रहा था। सुमित्रा को इस तरह आँखों में आँखें डालकर खाने में विशेष मजा और सुख मिल रहा था। मेरा लौड़ा किसी ट्रेन की तरह उसकी चूत की दरार में फिसल रहा था। बहुत अच्छे से चूत मार रहा था। फिर मुझे बड़ी जोर की चुदास चढ़ी। बिजली की तरह मैं सुमित्रा को खाने लगा। इतनी जोर जोर से उसे चोदने लगा की एक समय लगा की कहीं उसकी बुर ही ना फट जाए। मेरे खटर खटर के धक्कों से मेरी गर्लफ्रेंड का पूरा जिस्म काँप गया। उसके चुचे हिलकर थरथराने लगे। मैं बिजली की तरह सुमित्रा को पेलने लगा। मुझे लगा रहा था की झड़ने वाला हूँ। पर ऐसा नही हुआ। मेरा मोटा सा लौड़ा मेरी सामान के भोसडे में झड़ने का नाम नही ले रहा था।
मैं बहुत देर तक सुमित्रा को चोदता रहा पर फिर भी नहीं झडा। मैंने लौड़ा झटके से निकाल लिया और उसकी गर्म गर्म जलती चूत को पीने लगा। वाकई ये एक शानदार अनुभव था। कुछ देर बाद सुमित्रा की चूत ठंडी पड़ गयी थी। मेरे लौड़े की खाल पीछे को सरक आई थी। गोल गोल मुड़कर मेरे लौड़े की खाल पीछे आ गयी। मेरा सुपाडा अब गहरे गुलाबी रंग का हो गया था। मेरे लौड़े का रूप ही बदल गया था सुमित्रा की बुर चोदकर। अब मेरा लौड़ा किसी बड़े उम्र के आदमी वाला लौड़ा दिख रहा था। मैं कुछ देर तक अपना लौड़ा देखता रहा फिर मैंने सुमित्रा की छोटी सी चूत में डाल दिया। फिर से मैं उसे चोदने लगा। इस बार मैंने बिना रुके उसे कई मिनट तक चोदा क्यूंकि एक बार भी मैं रुकता या आराम करता तो माल उसके भोसड़े में नही गिरता। अनेक अनगिनत धक्को के बीच चट चट की मीठी आवाज के साथ मैं अपनी गर्लफ्रेंड की चूत में शहीद हो गयी। उसके बाद हम दोनों लेटकर किस करने लगे और प्यार करने लगे।

बिजनेश के लिए क्लाइंट को चोद के खुश किया business ke liye client ko chod ke khus kiya

बिजनेश के लिए क्लाइंट को चोद के खुश किया business ke liye client ko chod ke khus kiya, Mast aur jabardast chudai ; chud gayi ; chudwa li ; chod di ; chod di ; choda chadi aur chudas ; antarvasna kamvasna kamukta ; chudwane aur chudne ke khel ; chut gand bur chudwaya ; lund land lauda chusne chuswane chusai chusa cudai coda cudi ; Hindi Sex Story ; Porn Stories ; Chudai ki kahani.
हेल्लो इस सेक्स कहानी की वेबसाइट के सभी दर्शक गण को ,मेरा सलाम और प्रणाम. मेरा नाम गौतम हे और मैं जयपुर का हूँ लेकिन अभी दिल्ली में रहता हूँ. मैं 27 साल का हूँ और मेरी हाईट 6 फिट में बस एक ही इंच कम हे. मेरी बॉडी भी सही हे और दिखने में और स्टाइल में एकदम हेंडसम लौंडा हूँ. मेरे लंड का साइज़ पुरे 8 इंच हे और जब वो खड़ा हो तो किसी भी औरत की चूत को खुश और शांत कर सकता हे. मैं मसाज देने में भी एक्सपर्ट हूँ और तेल लगा के बॉडी को एकदम हल्का कर देता हूँ. अब आप को बोर किये बिना मैं सीधे कहानी के ऊपर आता हूँ.
बात उन दिनों की हे जबी मैं एक दोस्त के साथ मिल के इवेंट कम्पनी चलाता था. और हम नए थे तो हमें क्लाइंट भी उतनी जल्दी नहीं मिल रहे थे. हम लोग क्लाइंट की खोज में रहते थे. आये दिनों मीटिंग और नए नए चेलेंज मिलते थे. लेकिन एक क्लाइंट कनिका ने जो चेलेंज दिया था उसकी तो बात ही कुछ और थी.
दरअसल कनिका हमारे एक क्लाइंट की मार्केटिंग मेनेजर थी और वो सुपर फ्लर्ट किस्म की औरत थी. और वो हमें काम को ले के डरा रही थी की आप के रेट्स ज्यादा हे, आप के कम्पीटीटर हमें बढ़िया रेट दे रहे हे वगेरह वगेरह. मेरे दोस्त ने मुझे कहा की यार ये कनिका को कुछ और चाहिए ऐसे लगता हे मेरे को. मैंने कहा कुछ और मतलब? वो बोला की एक काम कर उसको वीकेंड पर डिनर के लिए इनवाट कर लेता हु और वहां पर तू उसे सब कुछ समझा देना.
मैंने भी हां कर दिया क्यूंकि कनिका के थ्रू ही बिजनेश मिलने वाला था. मैंने पुरे प्रेजेंटेशन पर और रेट्स पर दुबारा वर्क किया और होटल में कनिका से मिलने के लिए रेडी हो गया. मैं होटल पर पहुँचा तो कनिका को कॉल करने के लिए जब सेल निकाला ही था की उसने मुझे आवाज दी. वो अपनी गाडी में बैठे हुए ही मेरे को वेव कर रही थी. मैं अपनी कार से निकल के उसकी कार के पास पहुंचा तो उसने मुझे अंदर बैठने को कहा. मैं अन्दर बैठा और उसने उसी वक्त गाडी स्टार्ट कर दी. तो मैंने पूछा अरे नमन ने सीट्स रिजर्व की हे यहाँ पर हमारे लिए. वो मुस्कुराते हुए बोली, लेकिन यहाँ तुम मुझे अच्छी तरह से प्रेजेंटेशन नहीं दे पाओगे, बहुत नोईसी हे.
मैं चुपचाप बैठा रहा और वो गाडी ड्राइव कर के शहर के सब से पोश एरिया में बने एक अपार्टमेन्ट में ले गई. गाडी पार्किंग में लगा वो मुझे बोली, यहाँ मेरा फ्लेट हे सुकून से प्रेजेंटेशन भी दे देना और कुछ खाने के लिए ऑर्डर भी कर लेंगे.
हम दोनों कनिका के फ्लेट में पहुंचे जो काफी अमेजिंग था. और उसने काफी अच्छे से सजाया हुआ था उसको. कनिका ने मुझे काउच पर बैठने को कहा और खुद अंदर चली गई. जब कुछ देर के बाद वो बहार आई तो वो टाईट वाइट शॉर्ट्स में और ब्ल्यू स्लीवलेस टॉप में थी. वो एकदम डाम सेक्सी लग रही थी उन कपड़ो में.
उसने वही पर एक ट्रंक को खोला जिसके अन्दर शराब की बोतले थी. उसने कहा जो पीते हो वो उठा लो. मैंने कहा ये सब तो चलता रहेगा आप पहले प्रेजेंटेशन तो देख लो. वो स्माइल दे के बोली, ये लेने से प्रेजेंटेशन देने का कांफिडेंस बढेगा. और ये कह के उसने वोडका की एक ड्रिंक अपने लिए और मेरे लिए बनाई. मैंने भी हाथ में ले ही लिया जाम को.
हम दोनों ड्रिंक लेते हुए प्रेजेंटेशन देख रहे थे. तभी मैंने महसूस किया की कनिका मेरे काफी करीब आ चुकी थी. और लगभग मेरे कंधे के ऊपर टिक के प्रेजेंटेशन देख रही थी. उसकी साँसे मेरी गर्दन के ऊपर साफ महसूस हो रही थी. मैंने ग्लास रखने के लिए खुद को उस से दूर किया तो वो किसी बहाने से और करीब आ गई. अब हम लोग कास्टिंग के पेज पर पहुंचे ही थे की उसने मुझे कहा, तुम्हारी बस यही बात मुझे पसंद नहीं हे.
मैंने कहा लेकिन कास्टिंग तुम्हारे हिसाब से ही बनाई हे मैना. वो बोली तुम इतना काम क्यूँ करते हो. और ये कह कर उसने मेरे हाथ से लेपटोप ले कर टेबल पर रख दिया और खुद मेरी तरफ मुहं कर के मेरी गॉड में बैठ गई. ये सब एकदम अनएक्सपेक्टेड था और इतना जल्दी हुआ की मैं खुद को संभाल भी नहीं पाया.
कनिका के कंधो तक लहराते हुए बाल अब मेरे चहरे के ऊपर थे और उसके लिप्स मेरे लिस्प को छू रहे थे. मैंने सोचने समझने के होश में ही नहीं था. मैंने भी उसके रसीले होंठो को चुसना चालू कर दिया और कनिका भी बराबर मेरा साथ दे रही थी. वो मुझसे लिपट गई और उसके तने हुए चुचें मुझे महसूस होने लगे थे जिन्हें अब मैंने हलके हाथ से मसलना शरु कर दिया था. कनिका ने मेरे होंठो को चूमना जारी रखा और इस कद्र चूमा की होंठ तो होंठो मेरी दाढ़ी भी उसके थूंक से गीली हो गई थी. मैंने उसे पलटा दिया, अपने मुहं को साफ कर के मैंने उसका टॉप उतार दिया. मैंने नोटिस किया की उसने ब्रा नहीं पहनी थी. उसके भरे हुए सांवले चुचे मेरे मुहं में थे जिन्हें मैं मस्त चूसने लगा. मुझे उसके चुचें इतने अच्छे लग रहे थे की उनके आगे मैं सब कुछ भूल चूका था.
कनिका ने मेरे लंड को जींस के ऊपर से ही सहलाना शरु कर दिया और उसे मेरे लंड का साइज बहार से ही पता लग गया. वो बोली, बाप रे काफी बड़ा पेनिस हे तुम्हारा तो उसके साथ मजा आ जाएगा! मैंने स्माइल दे के कहा, फिर जल्दी से इसे ले लो.
कनिका ने मेरी जींस उतारी और अपने शॉर्ट्स को भी. और मुझे ओंधा लेटा के वो सीधे ही मेरे लंड के ऊपर सवार हो गई. उसकी चूत इतनी जल्दी वेट हो गई की मुझे ताजुब सा लगा. लेकिन एक बात गजब की थी की उसकी चूत अन्दर से काफी गरम थी और कनिका मेरे लंड की सवारी करते हुए अपनी गांड मटका रही थी. जिस से मेरा एक्साइटमेंट का लेवल और भी बढ़ गया था. कनिका को झड़ने में दो मिनिट भी नहीं लगे. लेकिन मैंने अपना भूखा लंड उसकी चूत से निकाले बिना ही उसको घोड़ी बना दिया. वो गांड हिला रही थी और मैं पीछे से उसकी चूत को चोद रहा था. कनिका की आवाजों से उसका फ्लेट गूंजने लगा था और इस बार हम दोनों एक साथ में ही झड़ गये.
हम दोनों ने बाथरूम में जा कर अपने अपने जेनाइटल को धो लिए. और फिर कनिका ने खाना ऑर्डर कर दिया. एक एक ड्रिंक फिर से बनाया उसने. कनिका एक ही सांस में अपना ड्रिंक गटक गई और मेरे लंड को पकड़ के उसे चूसने लगी. मैं अपनी ड्रिंक पीते हुए उसको अपना लंड चूसते हुए देख रहा था.
उसका मुहं मेरे लंड से पूरा भर गया था. और वो लंड को बड़े ही मजे से लिक और सक कर रही थी. कनिका ने मेरे लंड को बांसुरी की तरह अपने होंठो के ऊपर सजा रखा था. और वो मेरे लंड और बॉल्स पर अपने होंठो को रगड़ रही थी. अब कनिका एकदम से मेरे लंड को पूरा मुहं में ले गई तो मैं हैरान सा हो गया क्यूंकि ना तो उसकी साँस अटक रही थी ना ही उसे तकलीफ हो रही थी. वो लंड चूसने की पक्की खिलाड़ी लग रही थी. क्यूंकि 8 इंच का लंड पूरा मुहं में ले लेना हर किसी के बस की बात नहीं हे. उसने लंड को चूस चूस के उसका रस निकाल के सब का सब पी भी लिया. फिर उसने खड़े हो के एक रुमाल से अपने मुहं को साफ़ किया. उसके होंठो पर जो वीर्य के छींटे थे वो जबान से उसे भी अंदर ले गई.
तभी डोरबेल बजी. कनिका ने फट से कपडे पहने और वो खाना ले आई. फिर से वो नंगी हो गई. हम दोनों ने नंगे ही खाना खा लिया. खाने के बाद मैंने कनिका को बिस्तर में डाला और उसके ऊपर चढ़ के मैंने उसकी चूत और गांड को खूब लिक किया. वो मेरे मुह पर ही झड़ भी गई.
उस रात को हम दोनों ने पूरी रात एक दूसरे की बॉडी को एन्जॉय किया. हर तरह के दाव लगाए मैंने कनिका के साथ. उसकी चूत को 3 बार और गांड को 2 बार अपने लंड से भर दिया. वो भी खुश हो गई थी मोर्निंग तक.
सुबह वो नहाते हुए बोली, अच्छा प्रेजेंटेशन था. मुझे ऐसे ही प्रेजेंटेशन देते रहो और मैं तुम्हारे लिए क्लाइंट लाती रहूंगी.
मैंने कहा, जब चाहिए प्रेजेंटेशन तब मुझे बता देना!
दोस्तों मेरी और नमन की पार्टनरशिप डेढ़ साल तक चली. और कनिका को मैंने उस अरसे में पचासों बार चोदा. जैसे उसने कहा था वो धंधा ले के आती थी मेरे लंड के बदले में. एक बार तो मैंने और नमन ने एक साथ उसके साथ थ्रीसम भी किया था.
फिर नमन एक कार एक्सीडेंट में मर गया और मैंने भी कम्पनी वाइंड अप कर ली क्यूंकि मैं अकेले हेंडल नहीं कर पाता था. कनिका से मेरी भेट भी धीरे धीरे कम हो गई. लास्ट न्यूज ऐसी मिली थी की उसने अपने बॉस के साथ ही शादी कर ली थी और अब वो कनाडा चले गए हे!

दूकान वाली चुदक्कड भाभी dukan wali chudkkad bhabhi

दूकान वाली चुदक्कड भाभी dukan wali chudkkad bhabhi , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.
हेलो दोस्तों, मेरा नाम साहिल है और मेरी उम्र १९ साल है. मैं महाराष्ट्र के नागपुर शहर से हूं.
मेरा लंड ५.५ इंच है. फिर भी बड़े बड़े लोड़े से ज्यादा मजा देता है, इसका कारण आपको कहानी में पता चलेगा साथ ही कोई भाभी, गर्लफ्रेंड, आंटी मुझसे चुदना या सेक्स चैट करना चाहती है तो मुझे संपर्क करें.
दोस्तों यह मेरी पहली कहानी है इसलिए कोई गलती हो तो माफ करना.
तो अब ज्यादा बोलना करते हुए मैं कहानी पर आता हूं. यह कहानी एक साल पहले की है मैं एक शॉप में कंप्यूटर ऑपरेटर था और मेरे मालिक की वाइफ का नाम रोशनी था.
मैं उनको भाभी बोलता था, मुझे वह बहुत मस्त लगती थी. कई बार में उनके नाम की मुठ मर चुका था. मैं अब भाभी के बारे में आपको बता दूं.
उनका साइज ३०-२८-३२ था. मस्त गोरा कलर था उसे देख कर कोई भी चोदना चाहेगा. उसे देख कर नहीं लगता था कि उसे २ साल का बच्चा है.
अब कहानी पर चलते हैं
एक दिन मैं शॉप पर था, मुझे बहुत जम के टॉयलेट आई थी तो मैं टॉयलेट गया. उसके बाजू में ही उनका बाथरूम था  और वहा पर एक खिड़की थी. वह थोड़ी ऊपर थी. मेरा होने के बाद मुझे लगा की बाजू में कोई नहा रहा है.
मुझे डर लग रहा था देखने के लिए, लेकिन यह दिल सुनता कहां है? फिर मैंने अपना मोबाइल निकाला और खिड़की के पास रख दिया और मैं स्क्रीन में देखने की कोशिश करने लगा, अब क्या बताऊं यारो? हुस्न की परी मेरे सामने नंगा नाहा रही थी. भाभी ने रेड ब्रा और ब्लैक पेंटी पहनी थी, मेरे तो होश ही उड़ गए.
फिर मैं रोज देखता था की भाभी नहाने कब जाती है और मैं भी पीछे पीछे चले जाता और मेरी भाभी को चोदने की इच्छा बढ़ने लगी थी. और यह बात शायद भाभी को भी समझ में आ गई थी. वैसे भी मैं उसे मस्ती से ही बात करता था तो मुझे इतना फर्क नहीं पड़ता था.
एक दिन जब भाभी नहा रही थी तो लंड हीलाने के चक्कर में मेरा मोबाइल हाथ से छूट गया और मैं पट से मोबाइल उठा कर बाहर आ गया. इससे भाभी का पूरा शक यकीन में बदल गया, पर वह मुझे पूछ नहीं सकती थी, और इस कारण मेरा हौसला भी बढ़ गया. फिर एक दिन मेरे मालिक को गांव अपने मां बाप से मिलने जाना था.
पर ममादरचोद ने मुझे छुट्टी नहीं दिया, मुझे कहा दुकान और घर पर ध्यान देना और वह चला गया. फिर भाभी नहाने गई और मैं भी घुस गया. लेकिन आज भाभी भी प्लान के साथ आई थी. आज वह चूत में उंगली घुसा कर बैठी थी, और मैंने सोच लिया आज भाभी को चोदके ही रहूंगा, मैं बाहर निकला कुछ देर बाद भाभी भी निकली.
थोड़ी देर बाद भाभी ने मुझे खाना खाने के लिए बुलाया क्योंकि मुझे वहां रुकना था इसलिए उनके घर पर ही खाने वाला था. मैं गया तो भाभी ऊपर से कुछ निकाल रही थी तो मैं उनकी हेल्प करने गया और उनको प्यार से गोदी में उठाया काफी भारी थी वह.
मैंने उनको चूत की तरफ से उठाया जिससे उनकी चूत की खुशबू मुझे मजा देने लगी, और मैं खो गया. भाभी समझ चुकी थी मैं कंट्रोल नहीं कर पाया और वह मेरे ऊपर गिर गई. हम दोनों हंसने लगे और एक दूसरे की आंखों में खो गए. फिर मेरा मोबाइल बजा फोन पर मालिक था, २ मिनट बात के बाद मैंने भाभी को देखा तो उनको कमर में चोट लगी थी.
मैंने कहा लाव में मालिश कर देता हूं, और उन्होंने एकदम से हां कह दिया. मुझे तो झटका लगा. मालिश करते करते भाभी मुह से अजीब आवाजें निकाल रही थी. मैं समझ गया कि भाभी गर्म हो चुकी है.
मैं भाभी से पूछा भाभी आप तो बहुत लकी हो कि भैया आपको बहुत प्यार करते हैं.
भाभी थोड़ी उदास हो गई और कहा कि क्या फायदा ऐसे प्यार का जब मुझे वह मजा ही नहीं दे सकते?
मैंने कहा मतलब?
भाभी ने कहा छोड़ो तेरे को नहीं समझेगा.
मैंने कहा अरे भाभी आप बोलो तो मुझे सब समझता है.
भाभी ने कहा अच्छा तो पूछा क्यों?
मैंने कहा आप से सुनना है.
भाभी ने कहा अच्छा भाभी से मजे, इसलिए तू बार बार टॉयलेट जाता है मुझे देखने के लिए.
मैंने कहा क्या करूं भाभी? मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है ना इसलिए आपको देखकर अरमान निकालता हूं.
भाभी ने कहा अच्छा ऐसा क्या है मुझ में?
मैं अपने आँखों के इशारो से उनके दूध देखने लगा.
उसने कहा अरे मुंह से बोल में किसी को नहीं बोलूंगी, या फिर नाम नहीं मालूम?
मैने कहा क्या भाभी? आप के बड़े बड़े दूध और आपकी आंखे, बल्कि आप में सब है जो एक सेक्सी लड़की में होता है.
अच्छा बच्चू यहां तक पहुंच गया, रुक तुझे बताती हूं.
मैंने डरते हुए कहा सॉरी भाभी अब नहीं बोलूंगा, माफ कर दो.
भाभी ने कहा अरे तू तो डर गया. मैंने कहा अपने दूध दिखाती हूं.
हम दोनों हंसने लगे.
फिर भाभी अपने दूध बाहर निकाले और मुझे चूसने को बोला. मैं भी कहां रुकने वाला था मैं भी टूट पड़ा.
अब शुरू हुई भाभी की चुदाई की दास्तान, भाभी मुझे अपने बेडरूम में लेकर गई और कपड़े उतारने लगी, मैं भी खुशी से भर गया और कहां लाओ जान अब मैं हेल्प करता हूं.
भाभी ने कहा बड़ी जल्दी हे, भाभी से जान बना लिया तूने, लेकिन मुझे अच्छा लगा.
फिर धीरे धीरे मैं भाभी के कपड़े उतारने लगा और उनको लेकर बिस्तर पर चढ़ गया.
भाभी ने कहा अरे मुझे ही नंगा किया तूने, अपने भी तो कपड़े उतारो.
मैंने कहा लो तुम ही उतार दो.
फिर वह मेरे करीब आई और मेरा शर्ट उतारने लगी, अब हम दोनों अंडरवेअर पर थे मैंने भाभी को धक्का दिया और बिस्तर पर लेटा दिया और फिर से भाभी के दूध चूसने लगा, वह भी मेरा मुंह बूब्स पर दबाने लगी.
धीरे धीरे अपना हाथ मेरे लंड पर लाने लगी मैंने हाथ पकड़ा और कहा सबर करो जानू इतनी जल्दी भी क्या है? अब यह तुम्हारा ही है. फिर मैंने भाभी की पैंटी भी निकाल दी. एकदम क्लीन शेव चूत देखकर में उसमें उंगली करने लगा. भाभी मुंह से आह हो अहह उआऊ होई अहह एस हां इह अहह अम्म्म आवाजें निकाल रही थी. यह सब करीब एक घंटा चला.
अब भाभी से रहा नहीं गया और बोल पड़ी शाहिल अब और सहन नहीं होता अब डाल भी दो.
मैंने भी अपना लंड निकाला और भाभी के हाथ में दिया और कहा पहले चूसो भाभी. भाभी ने इससे पहले कभी नहीं चूसा था तो वह मना करने लगी.
मैं कहां मानने वाला था मैंने फिर कहा तो भाभी मान गई और चूसने लगी. पहले तो अजीब लगा उनको लेकिन १० मिनट बाद वह बिल्कुल प्रोफेशनल की तरह चूसने लगी. मुझे मजा आ रहा था मैं भी मोनिंग कर रहा था.
अब मैंने भाभी को रोका और उठ कर बिस्तर पर पटक दिया और अपना लंड चूत पर सेट कर दिया. अब मैं पहला शॉट मारने के लिए रेडी था. पहला शॉट मारते ही लंड  आधा अंदर जा चुका था. भाभी के मुंह से आह निकली उतने में ही मैंने दूसरा भी शोट मारा और पूरा लंड अंदर गया और भाभी बहुत चिल्लाई. भाभी ने कहा यह तो उनसे छोटा है आधा इंच, फिर भी इतना दुखा. असल में मेरा लंड बीच में से मूड जाता है जिस से तकलीफ ज्यादा होती है, भाभी शांत हुई अब मैं धीरे धीरे झटका मारने लगा फिर भी भाभी को दर्द हो रहा था और मुझे मजा आ रहा था.
धीरे धीरे मैंने झटके बढ़ा दिया और भाभी भी मजा लेने लगी.
चोदो मुझे मेरे राजा और जम के चोद आज  मेरी चूत को फिर मैंने भाभी को डौगी बनने को कहा और शुरू हो गया.
भाभी अब चरम सीमा पर थी और मैं भी. भाभी ने कहा मैं झड़ने वाली हूं. मैंने कहा बहार निकालूं? तो भाभी ने कहा नहीं भर दो मेरी चूत को, बना दो मुझे अपने बच्चे की मां, और वह और मैं साथ में झड़ गए. फिर हम दोनों ने साथ में नहाये और बाथरुम में चुदाई की. अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे भाभी ने अपने बहन और फ्रेंड को चुदवाया.

प्यासी भाभी को चुदवाना था pyasi bhabhi ko chudwana tha

प्यासी भाभी को चुदवाना था pyasi bhabhi ko chudwana tha , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.

मेरा नाम जतिन है. मैंने अब तक बहुत सारी कहानियों को पढ़कर उनके बहुत मज़े भी लिए, जिनको पढ़कर मेरा मन खुश हो जाता है. दोस्तों इन कहानियों को पढ़कर एक दिन मेरे मन में अपनी भी एक सच्ची घटना को आप तक पहुँचाने का विचार आ गया.
अब में अपना परिचय देकर अपनी कहानी को भी शुरू करता हूँ. दोस्तों में सूरत का रहने वाला हूँ और फेसबुक पर मेरी दोस्ती पूजा नाम की एक असंतुष्ट भाभी से हुई और हमारी चेट हुई. हमारे बीच बहुत सारी बातें हुई वो सभी में पूरी तरह खुलकर बताना चाहता हूँ उसको आपको पढ़कर बड़ा मज़ा आएगा.
फिर मैंने पूजा के साथ चेट करना शुरू किया तो उसने तब मुझे बताया कि वो एक शादीशुदा औरत है और उसकी उम्र 25 साल है और अभी तक उनके कोई बच्चे भी नहीं है, उसकी शादी को पूरे तीन साल हो चुके है वो अभी सूरत में रहती है और वो एक बहुत बड़े मकान में रहती है और उस मकान में सिर्फ तीन लोग रहते है एक वो, उसका पति और उसकी एक छोटी बहन जिसकी उम्र उसने 16 बताई और उसकी बहन का नाम उसने सीमा बताया. वो अभी 11th में है और वो सारा दिन स्कूल और ट्यूशन में ही रहती है और उसके पति अपने काम की वजह से सारा दिन घर से बाहर ही रहते है और वो हर बार देर रात को करीब 12 बजे तक घर आते है.
उनका टेक्सटाईल का बिजनेस था और इसलिए वो सारा दिन घर में अकेली रहकर बहुत बोर होती है और उसकी सबसे बड़ी समस्या सेक्स की थी, क्योंकि उसने अपने पति से शादी हो जाने के बाद बहुत कम सेक्स का मज़ा लिया था और वो एक असंतुष्ट औरत है. तो मैंने उससे पूछा कि में आपकी इन सभी समस्याओ में क्या मदद कर सकता हूँ आपको क्या लगता है कि में आपके कैसे काम आ सकता हूँ आप मुझे बताए? तो उसने मुझसे कहा कि तुम अगर चाहो तो तुम मेरा दिल बहला सकते हो, मुझे अपने काम से खुश कर सकते हो.
मैंने उससे उसके घर का पता पूछा तब उसने मुझे अपने घर का पता नहीं दिया और फिर उसने मुझसे कहा कि में तुमको अपने घर का पता तो नहीं दूँगी, लेकिन में तुमको जहाँ पर आने के लिए कहूँ तुम वहीं पर चले आना.अब में उसकी वो बात सुनकर बहुत खुश हुआ और में तुरंत ही तैयार हो गया और मैंने उससे कहा कि मेरी लम्बाई 5.9 मेरा वजन 65 किलो, में गठीले बदन का अच्छा दिखता हूँ और करीब मेरा लंड पांच इंच का है और मेरा पूरा परिचय लेकर वो हंसते हुए कहने लगी कि वो सभी में तुम्हे अपने सामने आने के बाद देख लूंगी कि तुम्हारे अंदर कितना दम और जोश है, में एक बार तुमसे मिलना चाहती हूँ.
मेरे पास कार है और तुम उस कार में आकर बैठ जाना, लेकिन मेरी एक शर्त है, तो मैंने तुरंत उससे उसकी वो शर्त पूछ ली, तब उसने मुझसे कहा कि कार में बैठने के बाद में तुम्हारी आँख पर एक पट्टी बाँध दूँगी क्योंकि तुम उसकी वजह से मेरे घर का रास्ता ना जान सको और वो काम खत्म होने के बाद तुम्हे वापस बाहर निकलने पर भी तुम्हे पट्टी बांधनी होगी.
मैंने उससे उसकी सभी बातों शर्तो के लिए तुरंत हाँ कर दिया, तब उसने मुझसे कहा कि उसके पति तो सुबह जल्दी ही चले जाएँगे और उसकी बहन भी सुबह अपनी ट्यूशन और फिर वहां से ही वो अपने स्कूल चली जाएगी और फिर वो शाम को करीब 6:00 बजे तक वापस आएगी. फिर हम दोनों ने एक दूसरे से दूसरे दिन दोपहर 2:00 का समय मिलने के लिए तय किया और मुझे उसने वो जगह बताई जहाँ पर मुझे जाकर खड़ा रहना है. में उसकी वो सभी बातें सुनकर बहुत खुश था, क्योंकि मुझे एक प्यासी तड़पती हुई चूत को उसके घर पर जाकर चोदकर अपनी चुदाई से संतुष्ट करके पूरे मज़े देने थे.
दोस्तों उससे बातें करने के बाद वो सभी बातें सोच सोचकर पूरी रात नींद नहीं आई और फिर में सुबह से ही दो बजने का इंतज़ार करने लगा उसके बाद में दिन में ठीक दो बजे से पहले ही वहां पर जाकर खड़ा हो गया और ठीक दो बजे एक कार आकर मेरे पास आकर रुक गई उसने मुझे जिस रंग की कार और जो कोड मुझे बताया था वो सब एकदम ठीक था और फिर वो कार थोड़ी दूर जाकर खड़ी हो गई. उसके बाद कार का दरवाजा उसने खोल दिया और में यहाँ वहां देखकर उस कार में जाकर बैठ गया.
दोस्तों मैंने देखा कि कार में जो भाभी बैठी हुई थी उसको देखकर मेरा तो लंड तुरंत ही तनकर खड़ा गया और में उसकी सुंदरता को देखकर मन ही मन बहुत खुश हो गया. उसका रंग दूध जैसा गोरा, बड़े गले के सूट से उसके बूब्स बाहर निकलकर झांक रहे थे और उसका गोल सा चेहरा जिस पर बड़ी बड़ी आखें जो दिखने में ऊपर से लेकर नीचे तक बड़ी ही सुंदर आकर्षक नजर आ रही थी, उसको देखकर मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना ना रहा और में मन ही मन में सोचने लगा कि आज तो मुझे एक बड़ी ही मस्त हॉट सेक्सी भाभी की चुदाई करने को मौका मिलेगा, में जिसकी चुदाई के बारे में कभी सपने में भी नहीं सोच सकता था और में आज वो काम करने जा रहा हूँ.
यह बातें सोचकर में पागल हुआ जा रहा था. फिर भाभी ने मेरी आँख पर एक पट्टी को बाँध दिया और उसके बाद वो कार को चलाने लगी. फिर थोड़ी देर के बाद कार अचानक से रुककर एक जगह पर खड़ी हो गई और अब भाभी ने मुझसे कहा कि में अब तुम्हारी इस पट्टी को खोल रही हूँ और इसके बाद तुम तुरंत गाड़ी से नीचे उतरकर घर के अंदर चले जाना. फिर मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर मेरी आखों से पट्टी के खुलते ही में झट से बिना देर किए उस बड़े से मकान के अंदर चला गया और उसके बाद भाभी भी मेरे पीछे पीछे अंदर आ गई.
अब मैंने देखा कि वो बड़ी ही कमाल की और सेक्सी लग रही थी और उन्होंने वो ड्रेस भी बहुत सेक्सी पहन रखी थी और में जब घर में पहुंचा तो मुझे पता चला कि उस इतने बड़े घर में हम दोनों के अलावा कोई भी नहीं था और थोड़ी देर साथ में बैठकर इधर उधर की बातें करने के बाद भाभी अब मुझे अपने बेडरूम की तरफ ले गई और उसके बाद उन्होंने फ़्रीज़ से विस्की को बाहर निकालकर हम दोनों के लिए उसके दो बड़े पेग बना लिए, उसके बाद एक गिलास उन्होंने मुझे दे दिया और एक वो खुद भी पीने लगी. अब हम दोनों विस्की को पीने के साथ साथ हंसी मजाक कुछ प्यार भरी बातें भी करने लगे.
कुछ उन्होंने मुझे अपने बारे में बताया और कुछ मैंने उनसे कहा, लेकिन थोड़ी ही देर के बाद मुझे विस्की का नशा महसूस होने लगा और भाभी भी उसके नशे में आने लगी. फिर भाभी ने मुझसे कहा कि अब उनको मेरे साथ डांस करना है. फिर हम उठकर खड़े हो गए और हम दोनों एक दूसरे की बाहों में आकर डांस करने लगे. मेरे हाथ में भाभी का एक हाथ था और मेरा दूसरा हाथ उनकी भरी हुई कमर पर था और डांस करते वक़्त उसके वो बड़े आकर के रुई जैसे मुलायम बूब्स मेरी छाती के बीच में आकर दब रहे थे जिसकी वजह से मेरा नशा दुगना हो रहा था, भाभी को भी मेरे साथ बड़ा मज़ा आ रहा था. फिर वो भी नशे के साथ साथ बहुत ही जोश में थी.
अब में उसके नरम रसभरे होंठो पर चूमने और चूसने लगा और डांस करते करते में उसके बूब्स को भी अपनी छाती से दबाने घिसने लगा था, जिसकी वजह से अब भाभी पूरी तरह से मस्ती में आ गई थी उसके बाद में धीरे धीरे उसके गरम सेक्सी बदन को कपड़ो से आज़ाद करने लगा था, जिसकी वजह से थोड़ी देर में वो पूरी तरह से नंगी हो गई और वो नंगी ही मेरे साथ डांस करने लगी. फिर डांस करते वक़्त उसके गोरे गोलमटोल बूब्स क्या मस्त उछल रहे थे और यह देखकर मेरा लंड पूरा जोश में आकर तन गया.
मैंने उससे कहा कि अब आप मेरे भी कपड़े उतार दो, मेरे मुहं से इतना सुनकर उसने तुरंत ही मेरे भी सारे कपड़े उतार दिए और अब हम दोनों बिल्कुल नंगे ही एक दूसरे से चिपककर डांस करने लगे थे, जिसकी वजह से हम दोनों जोश में आकर बहुत गरम हो चुके थे. दोस्तों एक तो उस शराब का नशा और एक उससे भी ज्यादा उसके गोरे गरम नंगे जिस्म का नशा मेरे ऊपर चढ़कर मुझे दीवाना बनाये जा रहा था और में धीरे धीरे बेकाबू होता जा रहा था.
में उसको अब अपनी बाहों में ही लिपटे हुए उसके बेड पर ले गया और फिर उसको नीचे लेटाकर अब में उसके गोल गोल आकर्षक बूब्स को चूसने लगा, जिसकी वजह से वो जोश में आकर धीरे धीरे सिसकियाँ लेने लगी थी और अब में उसके निप्पल को अपने मुहं में भरकर चूसने बूब्स को दबाने के साथ साथ अब उसकी गरम चूत में अपनी ऊँगली भी डालने लगा था.
मैंने महसूस किया कि उसकी चूत एकदम चिकनी बहुत गरम और टाइट भी वो बहुत थी, जिसकी वजह से में बहुत आश्चर्यचकित था. अब मैंने अपने मुहं से उसके बूब्स को बाहर निकालकर उससे पूछा कि क्या तुमने अभी तक तुम्हारी इस चूत को पहले कभी चुदवाया है कि नहीं? यह तो मुझे किसी कुंवारी लड़की की चूत तरह महसूस हो रही है जैसे अब तक इसमें किसी का लंड गया ही ना हो?
तब उसने मुझसे कहा कि मैंने इसको पहले भी अपने पति के लंड से चुदवाया तो है, लेकिन मेरे पति का लंड तो बहुत छोटा है और वो मेरी चुदाई करते समय ज्यादा देर तक नहीं टिक पाते और वो मेरी चूत में अपना लंड डालकर करीब पांच मिनट में ही झड़कर अपना लंड बाहर निकालकर मुझे वैसे ही तड़पता हुआ छोड़ देते है और उसने मुझसे कहा कि तुम्हारा तो यह मेरे पति से भी लंबा मोटा है, आज इससे मुझे मज़ा आ जाएगा.
अब में उसकी चूत में अपनी दो उँगलियों को डालकर अंदर बाहर करने लगा, उसके मुहं से हल्की हल्की आह्ह्ह्ह उफफ्फ्फ्फ़ स्स्स्सीईई की आवाजे भी निकल रही थी और यह सब उसकी छोटी चूत की वजह से था और अब वो भी जोश में आकर मेरा लंड चूसने लगी थी. दोस्तों उसकी गरम कामुक चूत में ऊँगली करते करते मैंने महसूस किया था कि वो दो बार झड़ चुकी थी और में एक बार उसके मुहं में भी झड़ चुका था.
करीब बीस मिनट के बाद मैंने उससे कहा कि चलो अब तुम असली मज़े लेने के लिए तैयार हो जाओ. फिर उसने मुझसे कहा कि हाँ में तो कब से तुम्हारे साथ वो मज़े लेने के लिए तैयार हूँ. आज तुम मुझे बहुत जमकर चोदो मुझे वो पूरे मज़े दो, जिसके लिए में इतनी प्यासी हूँ. आज तुम मेरी इस आग को बिल्कुल शांत कर दो और चोदो मुझे, आज मेरी सारी इच्छाए पूरी कर दो और आज तुम मेरी जमकर चुदाई करो, मेरे दर्द की तुम बिल्कुल भी चिंता मत करना, चलो अब अपना वो खेल तुम शुरू करो, जिसके लिए मैंने तुम्हे यहाँ पर बुलाया है.
फिर मैंने अब उसकी वो बातें सुनकर पूरी तरह से जोश में आकर मैंने तुरंत ही उसके दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया और फिर अपने लंड को मैंने उसकी चूत के दरवाजे के सामने लाकर खड़ा कर दिया था और अब मेरा लंड उसके दरवाजे पर दस्तक दे रहा था.
मैंने एक ही ज़ोर के झटके से अपना पूरा लंड उसकी छोटी सी चूत में जबरदस्ती ठोक दिया. उसके बाद में वैसे ही रुक गया और वो उस दर्द की वजह से ज़ोर से चिल्ला पड़ी आईईईईइ माँ में मर गई स्सीईईईइ आह्ह्ह्ह मुझे बहुत दर्द हुआ और उन्होंने मुझसे कहा कि अबे साले कुत्ते गांडू थोड़ा सा धीरे डालना तू इतना ज़ोर क्यों लगा रहा है? आज रात को मुझे मेरी यह चूत अपने पति के सामने भी रखनी है, कहीं यह फट गाएगी तो में अपने पति को क्या कहूँगी और उसको क्या जवाब दूंगी? तो मैंने उससे कहा कि तुम आज अपने उस बिना काम के पति को कहना कि तुम्हारे लंड में इतना दम और वैसा जोश नहीं है, इसलिए आज में अपनी इस चूत को एक पागल दमदार घोड़े के पास जाकर उससे चुदवाकर आई हूँ और फिर में उसको अपनी तरफ से दोबारा लगातार ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा. मेरे धक्को की स्पीड बहुत तेज होने की वजह से उसका पूरा बदन हर धक्के के साथ हिल रहा था और उसके मुहं से सिसकियों की आवाज निकल रही थी.
फिर भी में धक्के दिए जा रहा था और करीब दस मिनट के बाद मुझे महसूस होने लगा कि अब मेरा वीर्य निकलने वाला था. फिर इसलिए मैंने उससे कहा कि मेरा वीर्य अब निकलने वाला है में इसको कहाँ निकालूं? तब वो मुझसे बोली कि तुम इसको मेरी चूत के अंदर ही डाल दो, में उसको अपने अंदर महसूस करना चाहती हूँ, मैंने कहा कि हाँ ठीक है और फिर मैंने उसकी चूत के अंदर ही अपने वीर्य को निकाल दिया, जिसकी वजह से अब मुझे उसके चेहरे पर भी एक अजीब सी ख़ुशी नजर आ रही थी. फिर मैंने कुछ देर अपने लंड को उनकी चूत के अंदर ही रहने दिया.
मैंने उनको कहा कि अब बाथरूम में जाकर थोड़ा सा फ्रेश होकर अभी आता हूँ और उनको यह बात कहकर में उठकर चला गया. फिर तभी वो भी मेरे पीछे पीछे बाथरूम में फ्रेश होने के लिए आ गई और जब वो फ्रेश हो रही थी तो उसकी वो बड़े आकार की गोल चिकनी गांड ठीक मेरे सामने थी, जिसको देखकर में बहुत खुश हुआ और मेरा मन ललचाने लगा था और उसकी उस सुंदर गांड को देखकर मेरा लंड एक बार फिर से तनकर खड़ा हो गया और मैंने उसको कहा कि चलो अब में तुम्हारी गांड मारता हूँ.
फिर वो मेरी बात को सुनकर थोड़ा सा डरकर घबराकर बोली कि नहीं बाबा तुम्हारे इतने बड़े लंड ने मेरी चूत का तो पहले ही इतना बुरा हाल कर दिया है, देखो मेरी चूत दर्द से कैसी फड़फड़ाकर बिल्कुल बेजान हो चुकी है और उसका तुम्हारे लंड ने कितना बुरा हाल किया है और इस लंड से मेरी गांड का तो ना जाने क्या हाल होगा? में तो इसको अपनी गांड में लेकर मर ही जाऊंगी, मुझे नहीं लेना इसको अपनी गांड में और वैसे भी वो अब तक बिना लंड की है और उसको तो कुछ ज्यादा ही दर्द होगा और वो मुझसे यह बातें कहकर लगातार मना करती रही, लेकिन मेरे कुछ देर उसको मनाने पर वो अब मान गई और उसने मुझसे कहा कि तुम धक्के बिल्कुल धीरे धीरे से मारना मेरी चूत जितना ज़ोर तुम इसमें मत लगाना नहीं तो मुझसे चला भी नहीं जाएगा.
फिर मैंने उससे कहा कि हाँ ठीक है आप मेरा पूरा विश्वास करो, क्योंकि में धक्के देने के साथ साथ आपके दर्द का भी पूरा पूरा ध्यान रखूंगा और जैसा आप मुझसे कहोगी में ठीक वैसा ही करूंगा, लेकिन प्लीज एक बार आप मुझे आपकी यह सेवा करने का भी मौका दे दो और फिर मैंने इतना कहकर उसको तुरंत अपनी गोद में उठाकर बेडरूम में ले आया और उसके बाद मैंने अपने लंड और उसकी गांड पर बहुत सारी क्रीम लगाकर दोनों को पूरी तरह से चिकना कर दिया और उसके बाद मैंने उसको अपने सामने घोड़ी बना दिया.
फिर उसके बाद अपने लंड को उसकी गांड के मुहं पर रखकर दबाव डालते हुए अंदर डालने लगा. अभी मेरा थोड़ा सा ही लंड उसकी गांड में गया था कि वो दर्द से चीखने और चिल्लाने लगी और वो कह रही थी आईईईईई ऊउईईईइ माँ में मर गई, अब तुम रहने दो मेरी फट गई है आह्ह्ह्ह तुम अब अपना लंड मेरी गांड से बाहर निकाल लो प्लीज मुझे इससे आगे कुछ भी मज़े नहीं चाहिए, लेकिन मैंने उसकी एक भी बात ना मानी और फिर मैंने सही मौका देखकर अपनी तरफ से एक जोरदार झटका लगा दिया और अपना पूरा लंड मैंने उसकी गांड के अंदर डाल दिया. अब वो पहले से भी ज्यादा ज़ोर से चिल्लाने लगी, क्योंकि उसका दर्द अब ज्यादा बढ़ चुका था, जो उससे सहन करना बहुत मुश्किल था और वो मुझसे छूटने की भी कोशिश कर रही थी, लेकिन मेरी मजबूत पकड़ की वजह से वो ऐसा ना कर सकी.
फिर में कुछ देर उसके बदन को सहलाता और उसके बूब्स को मसलता रहा, जिसकी वजह से कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो में धीरे धीरे अपने लंड को हिलाने लगा और मेरा पूरा लंड उसकी गांड की चमड़ी से रगड़ खाता हुआ पूरा अंदर बाहर हो रहा था, जिसकी वजह से मुझे बड़ा मस्त मज़ा आ रहा था.
कुछ देर बाद जब उसका दर्द कम होता चला गया तो उसके बाद अब मैंने महसूस किया कि अब वो भी मज़े ले रही थी और उसके मुहं से हल्की सी आवाजे आ रही थी और अब मेरा पूरा लंड उसकी चिकनी गांड में था और में उसको धक्के देने के साथ साथ मेरे जीवन का भरपूर मज़ा ले रहा था और ये मेरे लिए बहुत अच्छा अनुभव था, जिसको में किसी भी शब्दों में लिखकर किसी को नहीं बता सकता.
मैंने धक्के देकर ठंडा हो गया और मैंने अपना पूरा वीर्य उसकी गांड में निकाल दिया जो बहकर बाहर की तरफ निकलकर आ गया. अब उसको छोड़ते ही वो तुरंत मुझसे दूर हट गई और उसने अपने कपड़े पहने.
फिर भाभी ने मेरे पास अपनी गाड़ी को लाकर रोक दिया और में उसमें बैठ गया. उसके बाद उन्होंने मेरी आखों पर एक पट्टी को बांधकर मुझे दोबारा से उसी जगह पर लाकर छोड़ दिया जहाँ से हम गये थे और उसके बाद में उसकी चुदाई के बारे में सोचकर बहुत खुश होता हुआ अपने घर पर पहुंच गया.

शिखा की चुदाई shikha ki chudai - Shikha ko maje lekar choda

शिखा की चुदाई shikha ki chudai - Shikha ko maje lekar choda , Antarvasna Sex Stories , Hindi Sex Story , Real Indian Chudai Kahani , choda chadi cudai cudi coda free of cost , Time pass Story , Adult xxx vasna kahaniyan, Lund chusa, chut chati, gand marvai, chut chudwayi ke articles.

शिखा मेरे साथ काम करती है। वो बहुत ही सुंदर और सेक्सी लड़की है। ऑफिस के सभी लड़के उस पर लाइन मारते हैं। पर वो किसी को लिफ्ट नही देती थी, पर मुझे वो थोड़ी बहुत लिफ्ट दे देती थी। मैं उसे बहुत ही चाहता था। उसका जिस्म एकदम सेक्सी और मलाई जैसा दिखता था। मैं उसे चोदना चाहता था। मेरे मन में बड़ी ही तमन्ना थी कि उस से शादी करूँ और उसके साथ सुहागरात मनाऊँ। उसकी चूची बड़ी ही अकर्षक थी।
आखिर एक दिन आ ही गया जब वो मेरे साथ सेक्स करने को तैयार हो गई। मैं उसे ऑफिस के एक खाली अकेले कमरे में ले गया। उसके दिल की धडकनों की आवाज़ मुझे ज़ोरों से सुनाई दे रहे थी। मैंने उसे कमरे में एक मेज पर बिठा कर उसके होठों को चूसना शुरू कर दिया।
उसकी साँसें तेज़ी से चलने लगीं। उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया मैंने उसके चूचियों को ऊपर से सहलाने लगा। उसके मुँह से अहह्ह्ह्ह्हह की सिसकरियाँ निकलने लगीं। मैंने अपना हाथ नीचे की तरफ़ खिसकाना शुरू किया, उसके दिल की धड़कनें बढती ही जा रहीं थीं। मैंने अपना हाथ अब उसकी सलवार के अन्दर घुसा दिया और पैंटी के ऊपर से ही उसकी चूत को सहलाने लगा। शिखा अब बिल्कुल गरम हो चुकी थी, वो अब चुदने के लिए बेकरार थी।
मैंने उसका सलवार-कुर्ता उतार दिया। अब शिखा केवल ब्रा और पैंटी में ही थी। गुलाबी रंग की ब्रा-पैंटी में वह बहुत ही सेक्सी लग रही थी। उसकी चूचियाँ ब्रा में से निकलने को बेताब हो रहीं थीं। मैंने उसकी ब्रा को अलग किया। शिखा के दोनों दूध अलग हो गए। शिखा की चूचियाँ कठोर हो रहीं थीं। मैंने जैसे ही शिखा की चूची के निप्पल को मुँह में लेकर चूसा, उसकी सिसकारी निकल गई। शिखा ने भी अब अपना हाथ मेरे पैंट के अन्दर डाल दिया। मैं उसकी चुचियों को पागलों की तरह चूस रहा था। उसने अपने हाथ से मेरा लंड मसलना शुरू कर दिया।
मैंने उसकी पैंटी के ऊपर से ही उसकी योनि का एक चुम्बन लिया, शिखा पागलों की तरह चिल्ला उठी। मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया। शिखा अपनी चूत को अपने हाथों से छुपा रही थी, उसे शरम आ रही थी। मैंने उसके हाथों को हटा कर उसकी चूत को जैसे ही देखा मैं हैरान रह गया। गुलाबी रंग की चूत बिना बालों के बड़ी ही सुंदर लग रही थी। मैंने उसके जिस्म को पैरों से लेकर उसके होठों तक बड़ी ही जोश से चूमा, कोई भी अंग और जगह खाली नही बची होगी, जहाँ मैंने उसे नही चूमा हो।
अब शिखा बोली- प्लीज़ जल्दी करो मेरे बदन में आग लग रही है !
मैं बोला- मेरी जान ऐसी भी क्या जल्दी है। पहले मुझे तुम्हारी चूत को चूसने तो दो। और मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू कर दिया। शिखा के मुँह से जोर-जोर की सिसकारियाँ निकल रहीं थीं। हाय ये क्या कर रहे हो ? मेरे तो आआआआआआ उस्स्स्स्स्स्स्स……………… स्स्स्स्स्स्स्स्स… धीरे… प्लीज़… दर्द हो रहाआआआ है… उईए… म्माआआआ…. आआआहह….. रुक्कककककक….. जाओ….. मैं उसकी चूत में अपनी ऊँगली डाल कर अन्दर-बाहर करने लगा।
शिखा बोली- प्लीज़ अब मुझे मत तरसाओ, प्लीज़ अपना लंड मेरी चूत में घुसा दो।
मैं बोला- अभी नहीं डार्लिंग… अभी तो मज़ा आया है। मैंने उसकी चूत में अपनी जीभ डाल कर जैसे ही अन्दर बाहर किया, उसने मेरा सिर अपने हाथों से ज़ोर से पकड़ कर अपनी जांघों से जोरों से दबा लिया और उसकी चूत से पानी निकलने लगा, शिखा झड़ने वाली थी। मैं रुक गया और बोला- अब तुम मेरा लंड अपने मुंह में लेकर चूसो।
शिखा शरमाने लगी, पर वो मान गई और मुँह में मेरा लंड लेकर चूसने लगी। उसने काफी देर तक मेरा लंड चूसा और मैं अपने एक हाथ की ऊँगली उसकी चूत में करने लगा। उसके मुंह से फुच्च-फुच्च की आवाज़ आ रही थी। अब मैंने अपना लंड उसके मुंह से निकाल कर उसके चूत की फाँकों पर रगड़ने लगा, शिखा के मुँह से सिसकरियाँ निकल रहीं थीं। शिखा पागल हो रही थी चुदने के लिए।
मैंने अपने लंड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रख कर थोड़ा सा धक्का दिया, सुपाडा पूरा चूत के अन्दर चला गया। शिखा की चीख़ निकल गई और वह बोली, हाय मैं मर गई, प्लीज़ बाहर निकालो !
मैं बोला- अभी एक मिनट में दर्द बन्द हो जाएगा और तुम्हें मज़ा आने लगेगा। अब मैंने थोड़ा सा लंड और अन्दर किया, शिखा चिल्लाने लगी, बोली, “प्लीज़ बाहर निकाल लो, नहीं तो मर जाऊँगी ! रुक जाओ प्लीज़ ! दर्द हो रहा है, अभी इतना ही अंदर डाल कर चोदो मुझे।”
© Copyright 2013-2019 - Hindi Blog - ALL RIGHTS RESERVED - POWERED BY BLOGGER.COM